साउथैंपटन। World Cup 2019 भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin) ने कहा कि जसप्रीत बुमराह की अगुआई में टीम इंडिया (Team India) की गेंदबाजी आक्रमण बेहतरीन है, लेकिन इसकी तुलना 2003 और 2011 विश्व कप टीम के गेंदबाजों के साथ नहीं की जानी चाहिए। सचिन के मुताबिक इनकी तुलना इस वक्त क्रिकेट खेल रहे गेंदबाजों के साथ ही की जानी चाहिए। सचिन ने भारत के लिए छह विश्व कप खेले हैं और इस समय के बीच उन्होंने कई दिग्गज गेंदबाजों को देखा है। 

सचिन ने कहा कि अलग-अलग दौर के खिलाड़ियोंकी तुलना कहीं से भी ठीक नहीं है। दो अलग-अलग वक्त के खिलाड़ियों की तुलना करना मुझे पसंद नहीं है। पहले खेल के नियम अलग थे और पिचें भी ऐसी नहीं थी। अब खेल के नियम अलग हैं। अब दो नई गेंदें होती है और फील्डिंग के भी नियम अलग हैं। यानी 11वें से 40 ओवर के बीच 30 गज के बाहर चार फील्डर और आखिरी दस ओवर में पांच फील्डर बाहर होते हैं। इसकी वजह से अब 100 मीटर के धावक नए नियमों के तहत 90 मीटर या 80 मीटर दौड़ रहे हैं। 

सचिन के मुताबिक अब गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग नहीं मिलती। अगर आप इस वक्त के भारतीय गेंदबाजों की तुलना करना चाहते हैं तो इस दौर के गेंदबाजों के साथ करें। इस दौर में यह बहुत अच्छा आक्रमण है। उन्होंने कहा कि मैं 2003 और 2011 विश्व कप में भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन की भी तारीफ करूंगा। 2003 में श्रीनाथ, जहीर, नेहरा और हरभजन थे जो हमें फाइनल तक ले गए। वहीं 2011 में जहीर, नेहरा, हरभजन , मुनाफ पटेल और युवराज सिंह ने बेहतरीन गेंदबाजी की थी। 

सचिन ने इस वक्त की भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के  बारे में कहा कि ये सबसे बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण है। बुमराह वनडे के नंबर एक गेंदबाज हैं और टीम के लिए हमेशा विकेट निकालते हैं। इसके अलावा रिस्ट स्पिनर चहल और कुलदीप यादव मध्य के ओवरों में कमाल की गेंदबाजी कर रहे हैं। 

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Posted By: Sanjay Savern

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