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अभिषेक त्रिपाठी, लीड्स। चारों तरफ से ठेठ अंग्रेजी स्टाइल के मकानों से घिरे यॉर्कशायर काउंटी क्रिकेट क्लब के हेडिंग्ले क्रिकेट मैदान में शनिवार को भारतीय टीम अपने आखिरी लीग मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए तैयार है, क्योंकि उसे पता है कि अगर वह यह मैच जीतती है और ऑस्ट्रेलिया मैनचेस्टर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना मैच हारती है तो भारत को न्यूजीलैंड से पहला सेमीफाइनल खेलने का मौका मिलेगा। भारतीय टीम भी ऐसा चाहेगी क्योंकि अंक तालिका में नंबर दो पर रहने पर उसे तीसरे नंबर की खतरनाक मेजबान टीम इंग्लैंड का सामना करना होगा। हालांकि, इसके लिए भारतीय टीम को शीर्ष क्रम की जगह मध्य क्रम पर भी मेहनत करनी होगी। प्लान-ए के तहत शीर्ष क्रम ने अब तक अपना काम पूरा किया है और अब प्लान-बी के तहत कमजोर मध्य क्रम को मैदान पर जौहर दिखाने होंगे।

भारत ने बर्मिघम में बांग्लादेश के खिलाफ जीत हासिल करने के बाद ही सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया था और जब हमारे पास यह संदेश आया कि टीम शनिवार को वैकल्पिक अभ्यास करेगी तो लग रहा था कि कुछ खिलाड़ी ही मैदान में आएंगे, लेकिन दोपहर होते-होते कप्तान विराट कोहली, रिषभ पंत, केएल राहुल, कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, दिनेश कार्तिक विकेटकीपर महेंद्र सिंह धौनी और केदार जाधव मैदान में पहुंच गए। युजवेंद्रा सिंह चहल, हार्दिक पांड्या और मुहम्मद शमी के आराम करने के कारण अभ्यास कराने आए गेंदबाज नवदीप सैनी और धौनी ने टीम को बल्लेबाजी का काफी अभ्यास कराया। धौनी बीच वाले नेट पर काफी देर तक विराट और रिषभ को गेंदबाजी कराते रहे। इस विश्व कप में चार शतक लगाने वाले ओपनर रोहित शर्मा ने भी आराम करना ही मुनासिब समझा और वह भी अभ्यास में नहीं आए। भारतीय टीम तीसरी विश्व कप ट्रॉफी से दो कदम दूर है। उसे बस सेमीफाइनल और फाइनल जीतना है।

प्लान बी पर जोर : भारतीय टीम सेमीफाइनल में भले ही पहुंच गई हो, लेकिन उसका मध्य क्रम पुख्ता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ अभ्यास मैच में उसे अपने संयोजन को स्थापित करने का आखिरी मौका मिला है। इस मैच के जरिये टीम यह तो तय कर ही सकती है कि वह सेमीफाइनल में किससे भिड़ेगी, साथ ही वह यह भी तय कर सकती है कि सेमीफाइनल और फाइनल में उसे किस संयोजन के साथ जाना है। भारत के ओपनर और उप कप्तान रोहित शर्मा ने अब तक चार शतक के साथ 544 रन बनाए हैं, वहीं तीसरे नंबर के बल्लेबाज व कप्तान विराट कोहली ने पांच अर्धशतक के साथ 400 से ज्यादा रन बनाए हैं। इसके अलावा एक और ओपनर शिखर धवन ने चोटिल होने से पहले एक शतक और एक अर्धशतक लगाया था। केएल राहुल ने भी पिछले मैच में ओपनिंग करते हुए अर्धशतक लगाया था। कुल मिलाकर जब-जब भारत का शीर्ष क्रम चला है तब-तब उसे जीत मिली है, लेकिन अब भारतीय प्रबंधन प्लान-बी यानी मध्य क्रम पर जोर दे रहा है। शुक्रवार के अभ्यास में साफ दिखाई दिया कि प्रबंधन चाहता है कि महेंद्र सिंह धौनी, दिनेश कार्तिक और रिषभ पंत मध्य क्रम में टीम को ठोस आधार दें, जबकि हार्दिक पांड्या 300 के पार जाने में मदद दें, क्योंकि सबको पता है कि श्रीलंका के खिलाफ जीत हासिल करने में खास दिक्कत नहीं होगी, लेकिन सेमीफाइनल और फाइनल जैसे दबाव वाले मैचों में मध्य क्रम ही बचाएगा। केदार जाधव के क्लिक नहीं कर पाने के कारण बांग्लादेश के खिलाफ पिछले मैच में दिनेश कार्तिक को उतारा गया था। उन्होंने शुक्रवार को बल्लेबाजी का अभ्यास किया। ऐसे में टीम उनको एक और मौका देकर सेमीफाइनल और फाइनल के लिए तैयार कर सकती है। अभी तक धौनी स्पिनरों के खिलाफ 81 गेंद में केवल 47 रन ही बना पाएं हैं जिससे बीच के ओवरों में धीमे गेंदबाजों के खिलाफ कमजोरी दिख रही है।

मयंक की खेलने की संभावना नहीं : चोटिल विजय शंकर की जगह मयंक आ चुके हैं और उनके परम मित्र लोकेश राहुल दो अर्धशतक जड़कर रोहित के साथ शीर्ष क्रम में अपना स्थान सुनिश्चित कर चुके हैं। रोहित तो गजब की फॉर्म में हैं। ऐसे में अब मयंक को मौका मिलने की संभावना काफी कम है। रवींद्र जडेजा को अभी तक खेलने का मौका नहीं मिला है। पिछले मैच में भारतीय टीम तीन तेज गेंदबाजों मुहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह और एक स्पिनर युजवेंद्रा सिंह चहल के साथ उतरी थी। ऐसे में देखना होगा कि टीम इंडिया यहां पर किस संयोजन के साथ उतरती है। अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के मुकाबले में यहां की पिच पर स्पिन दिखाई दी थी। ऐसे में टीम कुलदीप और चहल को वापसी करा सकती है। ऐसे में बुमराह, शमी और भुवी में से किसी एक को आराम दिया जा सकता है। बुमराह ने अब तक सभी मैच खेले हैं, ऐसे में उनको आराम मिलने की संभावना है। श्रीलंकाई टीम में बायें हाथ के बल्लेबाजों की संख्या को देखते हुए जडेजा को मौका मिलना मुश्किल है।

श्रीलंका के पास आखिरी मौका : आठ मैचों में तीन जीत और तीन हार के साथ श्रीलंका टीम का सफर कुछ खास नहीं रहा है। वह इकलौती टीम है जिसके दो मैच बारिश के कारण पूरे नहीं हुए। वह पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी है, लेकिन दुनिया की नंबर वन टीम को हराकर वह खुद के लिए कुछ सम्मान कमाना चाहेगी। उसने इसी मैदान पर उस समय की नंबर वन इंग्लिश टीम को यहां हराया था। उसके बाद इंग्लैंड के सेमीफाइनल में पहुंचने के लाले पड़ गए थे। दिमुथ करुणारत्ने की कप्तानी वाली इस टीम के मुख्य हथियार लसित मलिंगा हैं जो अपनी धीमी गेंदों में वैरिएशन के लिए जाने जाते हैं। इस टूर्नामेंट में श्रीलंकाई ऑफ स्पिनर धनंजय डिसिल्वा काफी किफायती रहे हैं। करुणारत्ने अपने बायें हाथ के स्पिनर मिलिंदा सिरीवर्धना का भी इस मैच में इस्तेमाल करना चाहेंगे। बल्लेबाज अविष्का फर्नाडो ने इस विश्व कप में भले ही तीन मैच खेले हों, लेकिन इसमें 183 रन बनाए हैं। श्रीलंका लाहिरु थिरिमाने की जगह परेरा को शामिल कर सकता है।

नंबर गेम:

-12 वनडे में छह बार तिसारा परेरा ने धौनी को आउट किया है। इस दौरान उन्होंने उनको 142 गेंदों पर 144 रन दिए हैं। 

-04 शतक रोहित इस विश्व कप में लगाकर श्रीलंका के पूर्व बल्लेबाज कुमार संगकारा की बराबरी कर चुके हैं। उनके पास श्रीलंका के खिलाफ ही इस रिकॉर्ड को तोड़ने का मौका है। 

-158 वनडे अब तक भारत और श्रीलंका के बीच हुए हैं। भारत 90 और श्रीलंका 56 जीता, एक मैच टाई और 11 बेनतीजा रहे। 

-46 मैच अब तक तटस्थ स्थान पर भारत और श्रीलंका के बीच हुए। भारत 26 और श्रीलंका 17 जीतने में कामयाब रहा, एक मैच टाई और दो बेनतीजा रहे। 

-08 मैच अब तक भारत और श्रीलंका के बीच विश्व कप में हुए। भारत तीन, श्रीलंका चार जीता, एक मैच परिणाम रहित रहा। 

-2011 विश्व कप का फाइनल दोनों देशों के बीच विश्व कप में पिछला मुकाबला था। इसे जीतकर भारत ने खिताब पर कब्जा जमाया था। 

Posted By: Sanjay Savern

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