नई दिल्ली, जेएनएन। World Cup 2019 India vs Australia भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज महेंद्र सिंह धौनी ने आइसीसी के फैसले का सम्मान किया और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए सेना के सम्मान का प्रतीक चिन्ह अपने ग्लव्स पर नहीं लगाया। धौनी की यही बातें उन्हें और महान बनाती हैं क्योंकि उनके लिए खेल और उसके नियम पहले हैं।

भारत को क्रिकेट की सफलता की शिखर पर चढ़ाने वाले धौनी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जिस ग्लव्स का इस्तेमाल किया था उस पर बलिदान बैज का निशान अंकित था। इसके बाद ही ये पूरा मामला सामने आया और इसके बाद क्रिकेट की सबसे बड़ी संस्था आइसीसी ने साफ तौर पर कह दिया कि धौनी ने जो किया है वो नियम के विरुद्ध है। आइसीसी ने ये भी कहा कि धौनी ने ऐसा पहली बार किया है जिसकी वजह से उन्हें सिर्फ चेतावनी दी जा रही है और अगर आगे वो ऐसा कुछ करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। 

इससे पहले आइसीसी की बात का समर्थन करते हुए बीसीसीआइ की तरफ से भी कहा गया था कि वो आइसीसी के नियमों की समीक्षा करेंगे, लेकिन फिलहाल एक खेल राष्ट्र होने के नाते वो क्रिकेट की सर्वोच्य संस्था के खिलाफ नहीं जाएंगे। इससे पहले आइसीसी ने साफ कर दिया था कि वो धौनी के दस्तानों पर बलिदान बैज को बनाए रखने की अनुमति नहीं दे सकते।

आइसीसी के नियम के मुताबिक उपकरण और कपड़ा नियामक इस बात की अनुमति नहीं देता कि अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान ऐसी चीजों का इस्तेमाल नहीं किया जाए जिसके माध्यम से राजनीतिक, धार्मिक या फिर नस्लीय संदेश जाता हो। 

धौनी अगर इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बलिदान बैज वाले ग्लव्स पहनते तो उन्हें फटकार लगाई जा सकती थी। अगर इससे जुड़ा अपराध एक वर्ष के अंदर होता तो मैच फीस का 25 फीसदी जुर्माना लगाया जाता। तीसरी बार ऐसा करने पर मैच फीस का 50 फीसदी जबकि चौथी बार ये गलती करने पर मैच फीस का 75 फीसदी जुर्माने के तौर पर काटा जाता। 

इस विषय पर आइसीसी के महाप्रबंधक क्लेयर फर्नांग ने कहा था कि विकेटकीपर को अपने ग्लव्स पर दो निर्माताओं के लोगो लगाने की इजाजत ही मिली है। इसके अलावा किसी दिखने वाले लोगो को लगाने की इजाजत नहीं है। आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में धौनी ने 14 गेंदों पर 27 रन की पारी खेली। 

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Posted By: Sanjay Savern

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