मेलबर्न, पीटीआइ। ICC World Cup 2019: ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटर एडम गिलक्रिस्ट ने अपनी टीम को इस बार विश्व कप 2019 जीतने का प्रबल दावेदार बताया है। वहीं उनका मानना है कि मेजबान टीम इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के लिए नॉकआउट राउंड से आगे बढ़ना मुश्किल होगा।    

इंग्लैंड इस वक्त विश्व की नंबर-1 टीम है और शानदार फॉर्म में भी है। टीम लगातार 11 वनडे सीरीज में जीत दर्ज कर अब अपनी ही जमीन पर आइसीसी का यह अहम इवेंट खेलेगी। लेकिन इसके बावजूद गिलक्रिस्ट अपना दाव ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम पर लगा रहे हैं जो 5 बार विश्व चैंपियन रह चुकी है।

एक शो के दौरान जब उनसे पूछा गया कि कौन विश्व कप 2019 जीत सकता है, तो इस पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, "ऑस्ट्रेलिया"। निश्चित रूप से टीम कागज़ पर उतनी ही मजबूत है जितनी सभी टीमें। खासकर हाल ही में ऑस्ट्रेलिया से बाहर टीम से अच्छा परफॉर्म किया है। गिलक्रिस्ट ने कहा, " जाहिर तौर पर टीम आत्मविश्वास से भरी हुई है। 12 में से 5 वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया ने अपने नाम किये हैं और मुझे कोई वजह नजर नहीं आती कि एक बार फिर टीम चैंपियन क्यों नहीं बन सकती।" 

वर्ल्ड कप से पहले ऑस्ट्रेलिया ने घर से बाहर भारत और पाकिस्तान के खिलाफ लगातार तीन वनडे सीरीज अपने नाम की हैं। हालांकि, पिछले साल बैन की वजह से स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर की गैरमौजूदगी में टीम काफी संघर्ष करती दिखी। लेकिन अब इन दोनों खिलाड़ियों ने जोरदार वापसी की है और उनकी मौजूदगी में टीम को और मजबूती मिली है। 

गिलक्रिस्ट ने कहा, "मुझे यकीन है कि सभी खिलाड़ियों के लौटने से एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया मजबूत बनकर उभरेगी। पिछले साल आप ऐसा कह सकते थे कि ऑस्ट्रेलिया के लिए विश्व कप जीतना मुश्किल है लेकिन पिछले साल और अब में काफी फर्क है, टीम अब बेहद मजबूत है। ऑस्ट्रेलिया इस बार भी प्रबल दावेदार इसलिए नहीं है क्योंकि वह अब तक 5 बार विश्व कप जीत चुकी है बल्कि हाल ही में जीती सीरीज, विश्व कप की तैयारी और टीम के खिलाड़ियों की वजह है। टीम बेहद मजबूत और संतुलित है।"

इस विश्व कप में मेजबान टीम इंग्लैंड से काफी उम्मीदें हैं। गिलक्रिस्ट ने इंग्लैंड की तारीफ करते हुए कहा, "इंग्लिश टीम से इस बार काफी उम्मीदें लगाई जा रही हैं और इसमें कोई शक नहीं कि उनके पास इस वक्त वनडे की एक संतुलित और बेहतरीन टीम है।"    

टूर्नामेंट शुरू होने के साथ प्रेशर लगातार बढ़ता ही जाएगा और मैं उम्मीद करता हूं कि वे सेमीफाइनल में जात हासिल कर आगे बढ़ेंगे लेकिन फिर यह सिर्फ एक नॉकआउट खेल है और डर इसकी का है? इतिहास देखा जाए तो, ऑस्ट्रेलिया को कभी नॉकआउट से डर नहीं लगा। किसी भी टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया के लिए नॉकआउट चरण सौभाग्य से अच्छा ही साबित हुआ है जबकि दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के लिए यह इतना अच्छा नहीं रहा है।"

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Posted By: Ruhee Parvez

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