अभिषेक त्रिपाठी, लंदन। ये लॉ‌र्ड्स है, यहां की बॉलकनी पर विश्व कप ट्रॉफी उठाना हर कप्तान का सपना होता है। आज तक सिर्फ चार मौके ऐसे आए हैं जब किसी कप्तान ने यहां की बॉलकनी पर विश्व कप ट्रॉफी को उठाया है। वेस्टइंडीज के क्लाइव लॉयड अकेले ऐसे कप्तान हैं जिन्हें यह मौका दो बार (1975 व 1979) मिला। उनके अलावा भारत के कपिल देव (1983) और ऑस्ट्रेलिया के स्टीव वॉ (1999) ही यहां ऐसा कर सके हैं। लगभग 50 लाख की आबादी वाले कीवियों को कभी यह मौका नहीं मिला है, तो इस मैदान को बनाने वाले, दुनिया में क्रिकेट को लाने वाले और कभी आधी दुनिया पर राज करने वाले अंग्रेजों को भी यह मौका नहीं मिला है। शनिवार को जब 55 करोड़ की जनसंख्या वाले इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन और न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन विश्व कप ट्रॉफी के पास खड़े होकर फोटो खिंचवा रहे थे तो उनके मनोभाव को पढ़ना आसान था। अब रविवार को देखना होगा कि यह ट्रॉफी अंटार्टिक के नजदीक जाती है या थेम्स के किनारे ही रहती है।

जहां तक भारतीय प्रशंसकों की बात है तो उनकी टीम बाहर हो चुकी है, लेकिन उन्हें इस निराशा से उबरकर क्रिकेट का समर्थन करना चाहिए और अच्छे मनोरंजन की उम्मीद करनी चाहिए। अब भारतीय बिना किसी टेंशन के फाइनल देख सकते हैं और इन दोनों में से किसी एक टीम का अपनी पसंद के मुताबिक समर्थन कर सकते हैं।

क्रिकेट को मिलेगा नया चैंपियन : वेस्टइंडीज (02), भारत (02), ऑस्ट्रेलिया (05), श्रीलंका (01) व पाकिस्तान (01) विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम कर चुके हैं और अब रविवार को होने वाले 12वें विश्व कप में दुनिया को नया विश्व चैंपियन मिलना तय है। कभी टेस्ट क्रिकेट को सर्वेसर्वा मानने वाले इंग्लैंड ने विश्व कप फाइनल में पहुंचने के लिए अपने रवैये में काफी बदलाव किया है। 2015 विश्व कप के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड की टीम ने अपने दृष्टिकोण को सिरे से बदला। 1979, 1987 और 1992 में विश्व कप फाइनल हारने वाली इंग्लिश टीम 27 साल बाद फिर इस महाकुंभ के खिताबी मुकाबले में ताल ठोकेगी और इस बार उसके सामने पिछले विश्व कप की उप विजेता न्यूजीलैंड है। नंबर वन रैंकिंग वाले इंग्लैंड को शुरुआत से ही खिताब का दावेदार माना जा रहा था लेकिन ग्रुप स्तर में ही श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच हारने के बाद इंग्लैंड को बड़ा झटका लगा। भारत के खिलाफ मुकाबले में उन्हें चोटिल जेसन रॉय को पूरी तरह फिट होने से पहले ही बुलाना पड़ा और यहां से उनकी किस्मत बदल गई। यहां से इंग्लैंड ने धमाकेदार वापसी भी की। उसके शुरुआती तीन बल्लेबाज मैच विनर हैं और अब तक ये तीनों मिलकर 1471 रन बना चुके हैं। टीम के पास तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स और जोफ्रा आर्चर की जोड़ी है जो कीवियों के लिए घातक साबित हो सकती है।

इंग्लैंड के लिए महत्वपूर्ण है विश्व कप : इंग्लैंड ने 1966 में फीफा विश्व कप जीता, लेकिन क्रिकेट में उसकी झोली खाली रही। फुटबॉल में गैरी लिनाकेर से लेकर डेविड बेकहम और हैरी केन तक कोई उसके बाद इंग्लैंड के लिए कप नहीं जीत सका। महिला फुटबॉल टीम भी सेमीफाइनल में हार गई। यहां पर युवा फुटबॉल देखते हैं तो बुजुर्ग और एशियाई मूल के लोग क्रिकेट। हालांकि उसकी महिला टीम ने 2017 में भारतीय टीम को हराकर विश्व कप फाइनल अपने नाम किया था। यहां पर क्रिकेट का मुफ्त प्रसारण भी नहीं होता है लेकिन इंग्लैंड के सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद उस मैच को मुफ्त में प्रसारित किया गया। जगह-जगह बड़ी स्क्रीन लगा दी गई हैं। पहली बार इंग्लैंड में किसी वनडे टीम ने अपने जबर्दस्त आक्रामक खेल से क्रिकेटप्रेमियों का दिल जीत लिया है। पिछले विश्व कप में पहले चरण से बाहर होने के अपमान को उसने प्रेरणा की तरह लिया और शिखर पर जा पहुंची। अगर यह टीम विश्व कप जीतती है तो कम से कम इतना तो तय है कि इस देश में क्रिकेट दो कदम आगे बढ़ जाएगा।

चौंकाने को तैयार न्यूजीलैंड : रन रेट के आधार पर सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली यह टीम बल्लेबाजी में अभी तक कप्तान केन विलियमसन और रॉस टेलर के भरोसे रही है। गेंदबाजी में लॉकी फग्र्यूसन, मैट हेनरी और ट्रेंट बोल्ट ने आक्रामक प्रदर्शन कर उसको जीत दिलाई हैं। न्यूजीलैंड की टीम लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल खेलेगी और अगर यह टीम जीतती है तो इतना तो तय है कि रग्बी के पसंदीदा देश में क्रिकेट की बहार आ जाएगी। हालांकि इसके लिए उसकी सलामी जोड़ी को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। हाल के फॉर्म, लीग दौर में नतीजे और घरेलू मैदान होने की वजह से इंग्लैंड का पलड़ा थोड़ा भारी लगता है लेकिन एक टीम के तौर पर न्यूजीलैंड को बड़े मुकाबलों में हल्के में नहीं लिया जा सकता है।

मौसम रिपोर्ट

रविवार को मौसम खुश्क रहने की संभावना है। आसमान में लगे बादल छट जाएंगे और दोपहर से लेकर शाम तक सूरज निकला रहेगा। लॉ‌र्ड्स में हाल के नतीजों को ध्यान में रखकर और लक्ष्य का पीछा करने के दबाव की वजह से टॉस जीतने वाला कप्तान पहले बल्लेबाजी करना चाहेगा।

सबसे बड़ी लड़ैया न्यूजीलैंड

न्यूजीलैंड के पास केन विलियमसन के रूप में शानदार कप्तान और बल्लेबाज हैं। विलियमसन धीमी, लेकिन एंकर पारी खेलते हैं। अभी तक इस टीम की नीति रही है कि 240 से 290 का स्कोर करो और अपने गेंदबाजों के आक्रमण के भरोसे मैच जीतो। हालांकि फाइनल में उनकी रणनीति चलने वाली नहीं है। उनके ओपनरों खासकर मार्टिन गुप्टिल को स्कोर करना होगा। न्यूजीलैंड की टीम में छह खिलाड़ी ऐसे हैं जो पिछली बार विश्व कप फाइनल खेल चुके हैं। विलियमसन 548 रन बना चुके हैं जबकि रॉस टेलर ने 335 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में मिशेल सेंटनर, जेम्स नीशाम, कोलिन डि ग्रैंडहोम भरोसेमंद साबित हुए हैं। इन सबको आखिरी मैच में मिलकर दमदार प्रदर्शन करना होगा।

सबकुछ झोंकने को तैयार इंग्लैंड

जॉनी बेयरस्टो, जेसन रॉय, जो रूट, जोस बटलर और बेन स्टोक्स जैसे सितारों से सजी इंग्लैंड टीम लॉ‌र्ड्स पर प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगी। इंग्लैंड ने सबसे पहले 1979 में वेस्टइंडीज के खिलाफ फाइनल खेला। इसके बाद 1987 में ईडन गार्डन पर फाइनल में एलन बॉर्डर की अगुआई वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने उन्हें हराया। उस मैच में माइक गेटिंग ने बेहद खराब रिवर्स स्वीप खेला था। आखिरी बार 1992 में इमरान खान की पाकिस्तानी टीम ने इंग्लैंड को हराया। इस बार रॉय (426 रन) और बेयरस्टो (496 रन) शानदार फॉर्म में हैं और हर गेंदबाज की धज्जियां उड़ाई हैं। जो रूट (549) ने मध्य क्रम को स्थिरता दी है, जबकि स्टोक्स टीम को संतुलन देते हैं। गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर (19 विकेट), क्रिस वोक्स (13 विकेट) और लियाम प्लंकेट (आठ विकेट) शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

टीमें : इंग्लैंड-इयोन मोर्गन (कप्तान), मोइन अली, जोफ्रा आर्चर, जॉनी बेयरस्टो, जोस बटलर, टॉम कुर्रन, लियाम डॉसन, लियाम प्लंकेट, आदिल राशिद, जो रूट, जेसन रॉय, बेन स्टोक्स, जेम्स विंस, क्रिस वोक्स, मार्क वुड ।

न्यूजीलैंड-केन विलियमसन (कप्तान), मार्टिन गुप्टिल, कोलिन मुनरो, रॉस टेलर, टॉम लाथम, टॉम ब्लंडेल, कोलिन डि ग्रैंडहोम, जेम्स नीशाम, ट्रेंट बोल्ट, लॉकी फग्र्यूसन, मैट हेनरी, मिशेल सेंटनर, हेनरी निकोलस, टिम साउथी, ईश सोढ़ी।

नंबर गेम:

-09 पिछले वनडे में से सात न्यूजीलैंड के खिलाफ इंग्लैंड ने जीते हैं। इंग्लैंड ने विश्व कप के ग्रुप स्तर के मुकाबले में डरहम में इस टीम को 119 रनों से हराया था।

-1992 के बाद इंग्लैंड पहला विश्व कप फाइनल खेल रही है, वहीं न्यूजीलैंड 2015 के बाद लगातार दूसरी बार खिताबी मुकाबले में पहुंची है। 

-00 है विश्व कप खिताब अपने नाम करने में ये दोनों टीमें। इंग्लैंड चौथी बार फाइनल में पहुंची है जबकि न्यूजीलैंड दूसरी बार। 

-02 बार लॉ‌र्ड्स में ये दोनों टीमें आपस में भिड़ी थीं और दोनों बार न्यूजीलैंड जीता था। 

-07वां विश्व कप मैच इंग्लैंड इस मैदान में खेल रहा है। इसमें से उसने चार जीते हैं। इस विश्व कप में उसे ग्रुप स्तर पर यहां ऑस्ट्रेलिया से 64 रनों से हार मिली थी।

-04 मैच न्यूजीलैंड ने लॉ‌र्ड्स में खेले हैं और तीन जीते हैं। उसे भी इस मैदान में इस विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया ने ही 86 रनों से हराया था।

-01 मैच इंग्लैंड ने इस विश्व कप में न्यूजीलैंड (बारिश के कारण एक मैच रद) से ज्यादा खेला है। इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड से 1000 रन ज्यादा स्कोर किए हैं। उसकी तरफ से इस टीम के मुकाबले 100 चौके और 53 छक्के ज्यादा मारे गए हैं।

-05 पिछले विश्व कप फाइनल में टॉस जीतने वाली टीम चार बार जीती है। पिछले 11 विश्व कप में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम एक बार ही 300 से ज्यादा का स्कोर कर पाई है।

-338 डॉट गेंदें जोफ्रा आर्चर ने इस विश्व कप में फेंकी हैं। ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस (323) दूसरे और न्यूजीलैंड के ट्रेंट बोल्ट (320) तीसरे नंबर पर हैं।

-01 छक्का भी बेन स्टोक्स ने गेंदबाजी करते हुए नहीं खाया है। 59 गेंदबाजों ने इस विश्व कप में 30 से ज्यादा ओवर फेंके हैं उसमें से ऐसा करने वाले स्टोक्स अकेले हैं।

-जोफ्रा आर्चर (19) और मार्क वुड (17) किसी एक विश्व कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले इंग्लिश गेंदबाज हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड इयान बॉथम (1992 विश्व कप में 16 विकेट) के नाम था। 

इन पर रहेंगी नजरें

मार्टिन गप्टिल : 2015 विश्व कप के सबसे सफल बल्लेबाज मार्टिन गप्टिल ने इस बार निराश किया है। उन्होंने तब वेलिंगटन में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 237 रनों की पारी खेली थी। 2007 विश्व कप के शुरुआती दौर में ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट के साथ भी हुआ था लेकिन फाइनल में उन्होंने धमाकेदार पारी खेलकर अपनी टीम को मुकाबला जिता दिया था। न्यूजीलैंड के आक्रामक सलामी बल्लेबाज गुप्टिल भी अपने बुरे फॉर्म को भुलाकर फाइनल में जबर्दस्त वापसी करने की कोशिश करेंगे, ताकि उनकी टीम को एक यादगार नतीजा मिले।

जो रूट: पिछले कुछ वर्षो से रूट को इंग्लैंड की रन मशीन कहा जाता है। इस विश्व कप में रूट ने 10 पारियों में 549 रन बनाए हैं। वनडे में न्यूजीलैंड के खिलाफ रूट के नाम 925 रन हैं जो इंग्लैंड के लिए रिकॉर्ड है। रविवार को खेले जाने वाले फाइनल मैच में रूट के कंधों पर इंग्लैंड की ताकतवर बल्लेबाजी की अगुआई की जिम्मेदारी होगी। अगर जॉनी बेयरस्टो और जेसन रॉय टीम को अच्छी शुरुआत नहीं दे पाए तो रूट के पास टीम को संभालने का मौका होगा। वह अब तक ऐसा ही करते आए हैं।

फाइनल तक का सफर

न्यूजीलैंड

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- श्रीलंका को 10 विकेट से हराया

- बांग्लादेश को दो विकेट से हराया

- अफगानिस्तान को सात विकेट से हराया

- भारत से मैच बारिश के कारण रद

- दक्षिण अफीका को चार विकेट से हराया

- वेस्टइंडीज को पांच रनों से हराया

- पाकिस्तान से छह विकेट से हारे

- ऑस्ट्रेलिया से 86 रनों से हारे

- इंग्लैंड से 119 रनों से मिली शिकस्त

- सेमीफाइनल में भारत को 18 रन से हराया

इंग्लैंड

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-दक्षिण अफ्रीका को 104 रनों से हराया

-पाकिस्तान से 14 रनों से मिली हार

-बांग्लादेश को 106 रनों से दी शिकस्त

-वेस्टइंडीज को आठ विकेट से रौंदा

-अफगानिस्तान को 150 रनों से पीटा

-श्रीलंका से 20 रनों से हारे

-ऑस्ट्रेलिया से 64 रनों से हारे

-भारत को 31 रनों से दी मात

-न्यूजीलैंड को 119 रनों से धूल चटाई

-सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराया

आमने-सामने

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-90 वनडे मैच हुए हैं अभी तक न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच। इनमें से न्यूजीलैंड ने 43 और इंग्लैंड ने 41 मैच जीते, जबकि दो मैच टाई व चार मैच बेनतीजा रहे।

-31 वनडे मैच खेले गए हैं न्यूजीलैंड व इंग्लैंड के बीच इंग्लिश सरजमीं पर। इनमें इंग्लैंड ने 17 व न्यूजीलैंड ने 12 मैच जीते। दो मैच बेनतीजा रहे।

-09 वनडे मैच खेले गए हैं न्यूजीलैंड व इंग्लैंड के बीच विश्व कप में। इनमें से न्यूजीलैंड ने पांच व इंग्लैंड ने चार मैच जीते हैं।

-05 वनडे मैच खेले गए हैं न्यूजीलैंड व इंग्लैंड के बीच विश्व कप में इंग्लिश सरजमीं पर। इनमें से न्यूजीलैंड ने एक व इंग्लैंड ने चार मैच जीते हैं।

Posted By: Sanjay Savern

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