बेंगलुरु, जेएनएन। आइपीएल 10 के पहली फाइनलिस्ट टीम का नाम तय हो गया है और वह है पुणे। फाइनल में पहुंचने के लिए आज यानी बुधवार को दो और टीमें- कोलकाता और हैदराबाद जोर-आजमाइश करेंगी। इस मैच में जीतने वाली टीम को फाइनल तक जाने के लिए मुंबई के साथ मैच खेलकर एक और बाधा पार करनी होगी। 

कोलकाता और हैजराबाद दोनों टीमें काफी मजबूत हैं और अच्छा खेल दिखा रही हैं। वॉर्नर की कप्तानी में हैदराबाद ने 2016 में आइपीएल जीता है। वहीं, गौतम गंभीर की कप्तानी में केकेआर भी 2 बार आइपीएल की ट्रॉफी हाथ में उठा चुकी है। दोनों ही टीमों के लिए यह सम्मान के लिए लड़ा जानेवाला आखिरी मुकाबला है।

दोनों टीमों में बराबरी का रहा है मुकाबला

आइपीएल 10 के लीग चरण में कोलकाता ने कमाल की शुरूआत की और तालिका में शीर्ष पर भी पहुंची, लेकिन इसके बाद वह पटरी से उतर गई और कुछ अहम मुकाबले गंवाने के कारण वह चौथे पायदान पर रही। हालांकि, उसने प्लेऑफ में जगह बना ली जबकि एक अंक के अंतर से डेविड वॉर्नर की हैदराबाद 17 अंक लेकर तीसरे नंबर पर रही। दोनों टीमों के बीच हुए 2 मैचों में एक कोलकाता ने और एक हैदराबाद ने जीता। 

करो या मरो का होगा मुकाबला

अब दोनों ही पूर्व चैंपियन टीमों के सामने बेंगलुरु में लीग का सबसे अहम करो या मरो का मुकाबला होगा जिसमें हारने वाली टीम का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा। जीतने वाली टीम के पास क्वालीफायर 2 के जरिए फाइनल का टिकट कटाने का मौका रहेगा। लीग में धमाकेदार खेल दिखाने वाली कोलकाता दूसरे चरण में कुछ लापरवाह हो गई, जिसका खामियाजा उसे हार से चुकाना पड़ा। 

इसलिए हैदराबाद है एक पायदान ऊपर

कोलकाता ने अपने आखिरी 3 मैचों में बैंगलोर के खिलाफ जीत के बाद पंजाब और फिर लीग के आखिरी मैच में मुंबई से हार झेली थी। इसी 2 हार के कारण वह शीर्ष 2 में भी जगह नहीं बना सकी। वहीं, हैदराबाद ने गेंद और बल्ले से अविश्वसनीय खेल दिखाया और अपने बढ़िया टीम संयोजन की बदौलत उसने लीग के आखिरी मैच में भी गुजरात को 8 विकेट से हराया और अब वह कोलकाता के मुकाबले ज्यादा बेहतर मनोबल के साथ एलिमिनेटर में उतरेगी।

हैदराबाद के लिए चिंता की बात

हैदराबाद का शीर्ष क्रम आइपीएल में सबसे मजबूत है। हालांकि, इसका खामियाजा उसे ऐसे उठाना पड़ा है कि उसके मध्यक्रम को खुद को साबित करने के ज्यादा मौके नहीं मिले हैं। हैदराबाद ने इस आइपीएल में दो बार 200 से ज्यादा का आंकड़ा पार किया है तो एक बाक 190 से ज्यादा का। चिंता उसके मध्यक्रम के न चलने की है। हैदराबाद के मध्यक्रम के बल्लेबाज मोइसिस हेनरिक्स, दीपक हुड्डा, केन विलियमसन, युवराज सिंह और विजय शंकर अलग-अलग मैचों में अच्छा चले हैं, पर एक टीम के बतौर प्रदर्शन करने में वे फीके पड़ जाते हैं। टीम को इससे पार पाना होगा। 

कोलकाता के दांव पर रहेगी नजर

कोलकाता के फैंस की नजर कप्तान गौतम गंभीर के ओपनिंग को लेकर खेले जा रहे दांव पर होगी। गंभीर ने सुनील नरेन को ओपनिंग में उतारा है और उन्हें इसका फायदा भी मिला है। देखना होगा कि इस अहम मुकाबले में वह फिर से इसी जोड़ी पर दांव चलते हैं या लिन के साथ ओपन करके उत्थपा को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए बुलाते हैं। गंभीर दो मैच पहले कह चुके थे कि वह खुद ओपन कर सकते हैं, लेकिन फिर भी उन्होंने नरेन से ही ओपनिंग कराई थी। उनका यह दांव चल गया तो अच्छा, नहीं चला तो शीर्ष और मध्यक्रम ढह न जाए। 

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Posted By: Bharat Singh