जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली।  गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन के चलते भारत को विराट कोहली की कप्तानी में पहली बार घर में किसी अंतरराष्ट्रीय सीरीज में हार झेलनी पड़ी। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए दो टी-20 मैचों की सीरीज के दूसरे और आखिरी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को सात विकेट से हराकर 2-0 से सीरीज जीती। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने कोहली (नाबाद 72) की बेहतरीन पारी के दम पर 20 ओवर में चार विकेट पर 190 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने ग्लेन मैक्सवेल (नाबाद 113) के शतक की बदौलत 19.4 ओवर में ही तीन विकेट पर 193 रन बनाकर मैच और सीरीज पर कब्जा जमाया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत खराब रही। उसने 13 रन पर ही मार्कस स्टोइनिस (07) का विकेट गंवा दिया, जिन्हें सिद्धार्थ कौल बोल्ड किया। कप्तान आरोन फिंच (08) भी सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौट गए। भारत को तीसरी सफलता 12वें ओवर में मिली, जब अर्धशतक की ओर बढ़ रहे डार्ची शॉर्ट (48) को विजय शंकर ने केएल राहुल के हाथों कैच कराकर पवेलियन भेजा। इसके बाद मैक्सवेल ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। मैक्सवेल ने जहां चाहा वहां गेंद को मैदान से बाहर भेजा। मैक्सवेल ने अंतिम समय में अपना शतक पूरा किया। यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय में मैक्सवेल का तीसरा शतक है। मैक्सवेल ने 55 गेंद खेलीं और नौ छक्के व सात चौके लगाए। भारत की ओर से शंकर ने दो और सिद्धार्थ ने एक विकेट लिया।

इससे पहले पिच पर हरी घास देखते हुए भारत ने टीम में ऑलराउंडर शंकर को लेग स्पिनर मयंक मार्कंडेय की जगह और तेज गेंदबाज सिद्धार्थ को उमेश यादव की जगह टीम में शामिल किया। उप कप्तान रोहित शर्मा की जगह शिखर धवन को मौका मिला। टॉस हार कर पहले बल्लेबाजी का न्योता पाने वाली भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल (47) और शिखर धवन (14) ने शानदार शुरुआत दिलाई। राहुल ने पारी के पांचवें ओवर में झेई रिचर्डसन पर 15 रन जुटाए, जिसमें दो लगातार छक्के भी शामिल रहे। इसके बाद राहुल ने पैट कमिंस के अगले ओवर में भी दो लगातार छक्के जड़े।

भारत ने पॉवरप्ले में बिना नुकसान के 53 रन जोड़ लिए थे। टी-20 में पहली बार सलामी जोड़ी के रूप में उतरे इन दोनों बल्लेबाजों ने सपाट पिच पर लगातार प्रहार किए। घरेलू मैदान पर खेल रहे राहुल ने कई शानदार शॉट खेले। दोनों ने पहले विकेट के लिए 7.1 ओवर में 61 रनों की साझेदारी की। इस स्कोर पर राहुल को नाथन कूल्टर नाइल ने रिचर्डसन के हाथों कैच कराकर पवेलियन भेजा। राहुल ने 26 गेंद खेलीं और तीन चौके व चार छक्के लगाए। कुछ देर बाद 70 रन के कुल स्कोर पर भारत ने धवन का भी विकेट गंवा दिया। स्टोइनिस ने भागते हुए उनका कैच लपका, जिसको मैदानी अंपायर ने तीसरे अंपायर को रेफर कर दिया। रिप्ले में साफ नजर आया कि स्टोइनिस ने धवन का साफ कैच लपका है। धवन ने 24 गेंदों पर एक चौके की मदद से 14 रन बनाए।

भारत को तीसरा झटका रिषभ पंत (14) के रूप में लगा। उन्हें डाची शॉर्ट ने रिचर्डसन के हाथों कैच कराया। 74 रन पर तीन विकेट गंवा चुकी भारतीय टीम को कोहली और महेंद्र सिंह धौनी (40) ने संभाला। दोनों ने पहले 29 गेंदों पर 50 रन की साझेदारी की और फिर 52 गेंद में ही 100 रन जोड़ दिए। धौनी ने अपने अभियान की शुरुआत शॉर्ट की गेंद पर मिडविकेट पर छक्का लगाने के साथ की। कोहली और धौनी की आक्रामक पारियों की मदद से भारत ने अंतिम 10 ओवरों में 117 रन बटोरे। इस दौरान कोहली ने कूल्टर नाइल के 16वें ओवर में 22 रन बटोरे, इसमें तीन छक्के शामिल रहे। इसी के साथ कोहली ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर का 20वां अर्धशतक जड़ा।

धौनी ने भी शॉर्ट के तीसरे ओवर में 19 रन जोड़े, जिसमें दो छक्के और एक चौका शामिल था। यह भारतीय पारी का 18वां ओवर था। जब धौनी अर्धशतक की ओर बढ़ रहे थे, तभी कमिंस ने उन्हें फिंच के हाथों कैच कराकर पवेलियन भेज दिया। धौनी ने 23 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाए। इसके बाद दिनेश कार्तिक ने कोहली का साथ दिया। कोहली ने 38 गेंदों पर दो चौके और छह छक्के लगाए। कार्तिक ने तीन गेंदों पर दो चौकों की मदद से नाबाद आठ रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से जेसन बेहरनड्रॉफ, नाथन कल्टर नाइल, पैट कमिंस और डार्ची शॉर्ट ने एक-एक विकेट लिया।

Posted By: Sanjay Savern

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