नई दिल्ली। बीसीसीआइ कोषाध्यक्ष अजय शिर्के और सचिव संजय जगदाले के इस्तीफे के बाद एन श्रीनिवासन पर अध्यक्ष पद छोड़ने का दबाव बढ़ गया है, लेकिन श्रीनिवासन अभी भी अपने फैसले पर अडिग हैं। ऐसे में उन्हें वोटिंग के जरिए ही पद से हटाया जा सकता है। इसमें 30 सदस्यीय बोर्ड के तीन चौथाई सदस्यों का काफी अहम रोल होगा।

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रिपो‌र्ट्स के अनुसार अभी 18 सदस्य पूरी तरह से उनके खिलाफ हैं और श्रीनिवासन के पास 6 वोट पक्के माने जा रहे हैं। ये वोट त्रिपुरा, जम्मू-कश्मीर, उड़ीसा, केरल, तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन और श्रीनिवासन के खुद का है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, हरियाणा, क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया, कर्नाटक, गोवा, बड़ौदा और झारखंड निष्पक्ष भूमिका में है। यानी वोटिंग में इनकी भूमिका काफी अहम रहेगी।

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अगर, श्रीनिवासन इस्तीफे से लगातार इंकार करते रहे तो आपात बैठक बुलाने के लिए सिर्फ 10 वोटों की ही जरूरत होगी। वहीं, वोटिंग में अगर 24 वोट श्रीनिवासन के खिलाफ पड़ गए तो उन्हें हर हालत में अपना पद छोड़ना होगा, लेकिन वोटों की संख्या 24 से कम हो जाए तो श्रीनिवासन पद पर बने रहेंगे, लेकिन उनकी साख कमजोर हो जाएगी।

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