चेन्नई। महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी वाली गत चैंपियन चेन्नई सुपरकिंग्स अपने घरेलू मैदान पर पुणे वारियर्स को पीट हिसाब चुकता करने के इरादे से उतरेगी। यह टीम टूर्नामेंट में खराब शुरुआत के बाद वापसी के लिए बेचैन है। इधर, वारियर्स बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं, लेकिन उन्हें मंगलवार को खेले गए बेहद रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर के हाथों मुंह की खानी पड़ी। लिहाजा, सुपरकिंग्स मौके का फायदा उठाना चाहेंगे।

वापसी करने में माहिर हैं सुपरकिंग्स :

सुपरकिंग्स को अब तक खेले गए पांच मैच में से तीन में शिकस्त मिली है। यह टीम वापसी कर सकती है, क्योंकि टूर्नामेंट के पिछले दो सीजन में वह इसी तरह के हालात से बाहर निकलने में सफल रही थी। 2010 में वापसी से पहले वह बाहर होने की कगार पर थी, लेकिन बाद में खिताब जीता। पिछले सत्र में भी उसने वापसी करते हुए ट्रॉफी हासिल की।

आंकड़ों में भारी वारियर्स का पलड़ा :

इस सीजन में अब तक के प्रदर्शन और परिणाम के हिसाब से हालांकि पुणे का पलड़ा भारी पड़ रहा है। उसके छह अंक हैं और उसका रन रेट चेन्नई से कहीं बेहतर है। देखना दिलचस्प होगा कि इस मुकाबले में ऊंट किस करवट बैठता है।

धौनी पर होंगी नजरें :

सुपरकिंग्स की टीम अपने विजेता कप्तान धौनी से धमाकेदार प्रदर्शन की आस लगाए होगी, जैसा कि उन्होंने पिछले सत्र में किया था और तब टीम का भाग्य ही बदल गया था। घरेलू मैदान का भी उसे लाभ मिलेगा। सुपरकिंग्स ने अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेलते हुए यहां पर पिछले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर के खिलाफ अंतिम गेंद पर पांच विकेट की सनसनीखेज जीत दर्ज की थी।

करना होगा एकजुट प्रदर्शन :

चेन्नई के अब तक के प्रदर्शन को देखें तो इस सीजन में खेले गए मुकाबलों में उसने जो तीन मैच गंवाए, वे काफी करीबी मैच रहे और ऐसा केवल इसलिए हुआ क्योंकि वे बतौर इकाई प्रदर्शन नहीं कर पाए। मुरली विजय अभी तक कुछ बेहतर नहीं कर पाए हैं, लेकिन उनके सलामी जोड़ीदार फाफ डु प्लेसिस ने उपयोगी पारियां खेलीं। आलराउंडर रवींद्र जडेजा ने भी अपने हिस्से का योगदान किया।

वारियर्स को लगाना होगा जोर :

पुणे वारियर्स ने इस सीजन में धमाल जरूर मचाया. लेकिन उनके लिए एकजुट होकर प्रदर्शन करना बहुत जरूरी है। उनकी टीम सुपरकिंग्स की तरह संतुलित नहीं है। कप्तान सौरव गांगुली के लिए बेंगलूर से मिली शिकस्त के बाद जिम्मेदारी और बढ़ गई है। पुणे की टीम अपने सलामी जोड़ीदार जेसी राइडर और रॉबिन उथप्पा पर निर्भर होगी कि वे उसें मजबूत शुरुआत दिलाएं। मध्यक्रम में टीम की उम्मीदें स्टीवन स्मिथ पर टिकी होंगी। गांगुली अपनी क्षमता के मुताबिक नहीं खेल पाए हैं और उन्हें गत चैंपियन के खिलाफ आक्रामक प्रदर्शन करना होगा।

अब तक पुणे वारियर्स :- सौरव गांगुली की कप्तानी वाली पुणे ने अब तक खेले गए पांच मैच में से तीन जीते और दो हारे। उसके कुल छह अंक हैं।

चेन्नई सुपरकिंग्स :- महेंद्र सिंह धौनी की चेन्नई सुपरकिंग्स पांच में से दो मुकाबले जीते और तीन हारे हैं। उसके कुल चार अंक हैं।

आमने-सामने:-दोनों के बीच अब तक एक भिड़ंत हुई है, जिसमें वारियर्स ने बाजी मारी। पिछली बार 14 अप्रैल को पुणे में खेले गए मैच में वारियर्स ने सुपरकिंग्स को सात विकेट से पटखनी दी थी। उस मैच में सुपरकिंग्स टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट पर 155 रन ही बना सके थे। प्लेसिस ने 43 और जडेजा ने 44 रन की पारी खेली थी, जबकि सुरेश रैना 20 और धौनी ने 26 रन बनाए थे। वारियर्स ने मैन ऑफ द मैच जेसी राइडर (नाबाद 73) और स्टीवन स्मिथ (44) की बेहतरीन पारियों की बदौलत लक्ष्य चार गेंद शेष रहते हासिल कर लिया था।

चेन्नई सुपर किंग्स बनाम पुणे वारियर्स

समय : रात आठ बजे

स्थान : चेन्नई

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