नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। एक बड़ी ही मशहूर कहावत है कि हारी हुई बाजी जीतने वाले को बाजीगर कहते हैं, लेकिन इसका उलटा पंजाब किंग्स के साथ हो रहा है। ये कहावत आइपीएल फ्रेंचाइजी के लिए इसके विपरीत साबित हो रही है और लोग कह रहे हैं कि जीती हुई बाजी हारने वालों को पंजाब किंग्स कहते हैं। कई मायनों में ये सच भी है, क्योंकि इस सीजन के अलावा पिछले सीजन के कुछ मैचों पर नजर डालें तो वहां भी कई बार ऐसा हुआ था जब पंजाब की टीम जीतते-जीतते हार गई थी।

आइपीएल 2020 के पंजाब किंग्स के पहले मैच से बात शुरू करते हैं जब रायल चैलेंजर्स बैंगलोर के सामने पंजाब की टीम थी और 158 रन का टारगेट पंजाब के सामने था। पंजाब को अच्छी शुरुआत मिली, लेकिन आखिर तक आते-आते मैच टाई साबित हुआ और सुपर ओवर में बैंगलोर ने बाजी मारी। उस मैच में आखिरी 3 गेंदों में सिर्फ एक रन जीत के लिए बनाना था, लेकिन टीम ने दो विकेट खो दिए और एक भी रन नहीं बना सकी।

IPL 2020 के 9वें मैच में पंजाब किंग्स ने राजस्थान रायल्स के सामने 224 रन का टारगेट रखा। टीम अच्छी लय में थी, लेकिन उस मैच को राजस्थान रायल्स के लिए राहुल तेवतिया ने एक ओवर में 5 छक्के जड़े और पंजाब से जीती हुई बाजी छीन ली। वहीं, आइपीएल 2020 के 24वें लीग मैच में भी ऐसा ही कुछ टीम के साथ हुआ जब कोलकाता के सामने 165 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम आखिरी ओवर की आखिरी गेंद पर छक्का नहीं जड़ पाई थी और मैच 2 रन से हार गई थी। इस मैच में भी टीम अच्छी स्थिति में थी।

ऐसा ही कुछ मंगलवार 21 सितंबर की देर रात हुआ जब पंजाब किंग्स को राजस्थान रायल्स के हाथों हार झेलनी पड़ी। पंजाब को जीतने के लिए आखिरी ओवर में 4 रन बनाने थे। क्रीज पर निकोलस पूरन और एडन मार्क्रम थे, जो फार्म में थे, लेकिन कार्तिक त्यागी ने मार्क्रम को पहली दो गेंदों में एक रन लेने दिया। तीसरी गेंद पर निकोलस पूरन आउट हो गए और चौथी गेंद दीपक हुड्डा से खाली निकल गई। पांचवीं गेंद पर हुड्डा आउट हो गए। छठी गेंद पर फैबियन एलन कोई शाट नहीं खेल पाए और मुकाबला पंजाब 2 रन से हार गई।

 

Edited By: Vikash Gaur