अबूधाबी, प्रेट्र। MI vs RR IPL 2020 45th match: गत चैंपियन मुंबई इंडियंस रविवार को होने वाले मैच में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपने दबदबे भरे प्रदर्शन को जारी रखना चाहेगी, हालांकि उसके लिए कप्तान रोहित शर्मा की फिटेनस चिंता का विषय बनी होगी। वहीं राजस्थान रॉयल्स की टीम को टूर्नामेंट में बने रहने के लिए इस मैच में जीत दर्ज करना जरूरी होगा। सीएसके के खिलाफ 10 विकेट की जीत से मुंबई ने फॉर्म में वापसी की जबकि इससे पिछले मैच में वह किंग्स इलेवन पंजाब से सुपर ओवर में हार गई थी।

दूसरी ओर राजस्थान रॉयल्स को पिछले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद से आठ विकेट से शिकस्त झेलनी पड़ी। अंक तालिका में शीर्ष पर चल रही मुंबई इंडियंस प्ले ऑफ में पहुंचने की ओर है लेकिन राजस्थान के लिए यह मैच काफी अहम है जो सातवें स्थान पर है और एक और हार उसे बाहर होने के करीब पहुंचा देगी। लेकिन सवाल यही होगा कि रोहित रविवार को इस मैच के लिए उपलब्ध होंगे या नहीं, जो हैमस्टि्रंग चोट के कारण चेन्नै सुपर किंग्स के खिलाफ मैच नहीं खेले थे।

रोहित की अनुपस्थिति हालांकि शुक्रवार को महसूस नहीं की गई, क्योंकि युवा इशान किशन ने सीएसके के गेंदबाजों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर नाबाद 68 रन बनाए। ऐसा ही क्विंटन डिकॉक (368 रन) ने भी किया जिन्होंने अपनी अच्छी फॉर्म जारी रखते हुए नाबाद 46 रन बनाए। अगर रोहित रविवार को उपलब्ध नहीं हो पाते हैं तो ये दोनों फिर से पारी का आगाज करेंगे।

मुंबई का मध्यक्रम भी रन जुटा रहा है, चाहे वह सूर्यकुमार यादव हों, हार्दिक पांड्या हों, वेस्टइंडीज के विस्फोटक ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड या फिर क्रुणाल पांड्या हों। अपनी धाकड़ बल्लेबाजी की वजह से पांड्या बंधु और पोलार्ड किसी भी प्रतिद्वंद्वी के लिए खतरा हैं। मुंबई इंडियंस के गेंदबाज भी बेहतरीन गेंदबाजी कर रहे हैं, विशेषकर बायें हाथ के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट और जसप्रीत बुमराह, जो शुरू के साथ डेथ ओवरों में भी खतरनाक हैं। दोनों ने मिलकर 33 विकेट चटकाए हैं, जबकि ऑस्ट्रेलियाई नाथन कूल्टर नाइल ने इन दोनों का बखूबी साथ दिया है।

स्पिनर क्रुणाल (पांच विकेट) और राहुल चाहर (13 विकेट) भी मध्य के ओवरों में काफी आक्रामक रहे हैं जिन्होंने रनों की रफ्तार रोकने के अलावा विकेट भी चटकाए हैं। राजस्थान के लिए सबसे बड़ी चिंता शीर्ष क्रम का अच्छा नहीं करना और कप्तान स्टीव स्मिथ की फॉर्म हैं जिन्होंने 11 मैचों में 265 रन बनाए हैं। पूरे सत्र में राजस्थान ने शीर्ष क्रम में लगातार बदलाव किए हैं जिसका उन्हें काफी नुकसान हुआ। टीम में बेन स्टोक्स, संजू सैमसन और जोस बटलर जैसे बेहतरीन खिलाड़ी मौजूद हैं लेकिन तीनों एक साथ प्रदर्शन करने में असफल रहे हैं।

टीम प्रबंधन इन तीनों से रविवार को अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद लगाए होगा। ऑलराउंडर राहुल तेवतिया (224 रन और सात विकेट) ने बल्ले और गेंद दोनों से बेहतरीन खेल दिखाया है। टीम के युवा खिलाड़ी अच्छी शुरुआत कर रहे हैं लेकिन उन्हें इसे बड़ी पारियों में तब्दील करना होगा और अगर सीनियर फिर विफल हो जाते हैं तो उन्हें जिम्मेदारी उठानी होगी। गेंदबाजी में भी निरंतरता की कमी है। केवल जोफ्रा आर्चर (15 विकेट) ही अपनी रफ्तार से प्रभावी रहे हैं लेकिन उन्हें कार्तिक त्यागी, जयदेव उनादकट और अंकित राजपूत का साथ नहीं मिला जिनके मिलाकर 12 विकेट हैं।

स्पिनर श्रेयस गोपाल ने 11 मैचों में 343 रन लुटाए हैं। स्टोक्स भी बतौर गेंदबाज प्रभावी नहीं रहे, उन्होंने अभी तक एक भी विकेट नहीं झटका है। राजस्थान रॉयल्स के कोच एंड्रयू मैकडोनल्ड ने कहा कि टीम अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं कर पायी और इसके प्ले ऑफ में पहुंचने का मौका भी खत्म हो रहा है। उन्होंने स्वीकार किया, हमारा भाग्य भी अब शायद अन्य टीमों के हाथों में है। हमारे लिए अब यही चीज बची है कि हमें खुद पर भरोसा रखना होगा और हमारी चुनौती सात मैचों में जीत दर्ज करना होगी और हम इसे हासिल करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करेंगे।

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