दुबई, पीटीआइ। गत चैंपियन मुंबई इंडियंस के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में जीत से किंग्स इलेवन पंजाब का मनोबल बढ़ा होगा, लेकिन अब तब निरंतर प्रदर्शन करने में नाकाम रही इस टीम की राह आसान नहीं होगी क्योंकि मंगलवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) के अपने अगले मैच में उसे अंक तालिका में शीर्ष पर चल रही दिल्ली कैपिटल्स से भिड़ना है।

दोनों टीमों के बीच पिछला मैच सुपर ओवर में गया था और दिल्ली से अधिक पंजाब की टीम उम्मीद कर रही होगी कि दोबारा ऐसा नहीं हो।

पंजाब की चिंता :

सत्र की शुरुआत में दो बेहद करीबी मैच गंवाने के बाद किंग्स इलेवन की टीम पिछले दो मैचों में वांछित नतीजे हासिल करने में कामयाब रही है। रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ उसे अंतिम दो ओवर में जीत के लिए सिर्फ सात रन की दरकार थी और उसे अंतिम गेंद से काफी पहले ही मैच खत्म कर देना चाहिए था।

मुंबई इंडियंस के खिलाफ आइपीएल के पहले डबल सुपर ओवर से पहले नियमित समय में ही लोकेश राहुल की टीम को जीत हासिल कर लेनी चाहिए थी। डेथ ओवरों की गेंदबाजी, ग्लेन मैक्सवेल की खराब फॉर्म और कमजोर मध्य क्रम टीम की चिंता का विषय है जिसे प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए अपने बाकी बचे पांचों मैच जीतने होंगे।

मैक्सवेल पर दवाब बढ़ा :

टूर्नामेंट के शीर्ष दो स्कोरर सलामी बल्लेबाजों राहुल (525) और मयंक अग्रवाल (393) की मौजूदगी के बावजूद टीम को जीत हासिल करने के लिए जूझना पड़ा है। क्रिस गेल की सफल वापसी से हालांकि सलामी बल्लेबाजों के ऊपर से दबाव कम हुआ है, विशेषकर राहुल अब अधिक खुलकर खेल सकते हैं।

निकोलस पूरन दिखा चुके हैं कि वह क्या करने में सक्षम हैं, लेकिन उन्होंने अब तक टीम को जीत दिलाने वाली पारी नहीं खेली है। बल्लेबाज के रूप में मैक्सवेल पर दबाव बढ़ रहा है, लेकिन वह उपयोगी स्पिनर साबित हो रहे हैं। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हालांकि टीम के मैक्सवेल के साथ ही बरकरार रहने की उम्मीद है।

फॉर्म में लौट चुके हैं धवन :

दिल्ली की टीम मौजूदा टूर्नामेंट में अब तक सबसे सफल टीम रही है और शनिवार रात चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के खिलाफ करीबी मैच में जीत से उसका मनोबल बढ़ा होगा। पृथ्वी शॉ कुछ मैचों में खाता खोलने में नाकाम रहने के बाद बड़ी पारी खेलने को बेताब होंगे, जबकि शिखर धवन फॉर्म में वापसी कर चुके हैं।

दिल्ली की टीम नौ मैचों में सात में जीत दर्ज करने में सफल रही है। अक्षर पटेल ने गेंद के अलावा बल्ले से भी अपनी उपयोगिता साबित की है। सीएसके के खिलाफ उन्होंने रवींद्र जडेजा के मैच के अंतिम ओवर में तीन छक्के जड़कर दिल्ली को जीत दिलाई। उम्दा गेंदबाजी क्रम के साथ दिल्ली की टीम ने दिखाया है कि वे कम स्कोर का बचाव करने में भी सक्षम हैं। चोटिल रिषभ पंत की गैरमौजूदगी में खेल रहे अजिंक्य रहाणे के पास प्रभाव छोड़ने के लिए अधिक समय नहीं बचा है।

 

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