नई दिल्ली, जेएनएन। मुंबई इंडियंस (MI) एक बार फिर आइपीएल (IPL) के प्लेऑफ में क्वालीफाई कर गई है। लीग मैचों में 9 मैच जीत कर 14 अंकों के साथ मुंबई फिलहाल प्वाइंट टेबल में टॉप पर है। आइपीएल के इतिहास को अगर देखें तो एक ऐसा अंक गणित है, जिससे लगता है कि एक बार फिर मुंबई चैंपियन बन सकती है। बता दें कि इससे पहले मुंबई तीन बार आइपीएल की ट्रॉफी उठा चुकी है और मंगलवार को पहले क्वालीफायर में उसका मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ होगा।

ऐसा है संयोग

मुंबई इससे पहले तीन बार आइपीएल की चैंपियन बन चुकी है। सबसे पहले 2013 में रोहित शर्मा के कप्तानी में मुंबई पहली बार आइपीएल की विजेता बनी थी। इसके बाद मुंबई 2015 और 2017 में भी इस टूर्नामेंट की चैंपियन बनी। आइपीएल 2013 में पहली बार रोहित शर्मा को मुंबई का कप्तान बनाया गया, और तब से लगातार एक साल के अंतराल पर मुंबई फाइनल जीतती चली आ रही है। अब एक बार फिर 2019 में मुंबई के लिए यह गणित सही फिट हो रहा है, ऐसे में मुंबई एक बार फिर विजेता बन सकती है।

जीत से धौनी का कनेक्शन
मुंबई की जीत से महेंद्र सिंह धौनी का सीधा कनेक्शन है। आइपीएल 2013 के पहले क्वालीफायर में मुंबई इंडियंस का मुकाबला धौनी के चेन्नई सुपर किंग्स से था। वहीं, 2015 में एक बार फिर पहले क्वालीफायर में चेन्नई और मुंबई आमने-सामने थे। 2017 में स्पॉट फिक्सिंग के चलते चेन्नई दो साल का प्रतिबंध झेल रही थी, लेकिन इस बार पहले क्वालीफाइयर में मुंबई के सामने धौनी ही थे। हालांकि, पुणे टीम के कप्तान स्टीव स्थिम थे, लेकिन धौनी बतौर खिलाड़ी पुणे की टीम में शामिल थे। खास बात यह है कि पहला क्वालीफायर मुंबई और पुणे के बीच ही खेला गया। इस बार आइपीएल में पहले क्वालीफायर में एक बार फिर मुंबई के सामने धौनी की चुनौती होगी। अब यह एक महज संयोग है या नहीं, ये तो आइपीएल खत्म होने के बाद ही पता चलेगा।

फाइनल और एलिमिनेटर में भारी पड़े हैं धौनी
मुंबई पहले क्वालीफायर में भले ही धौनी पर भारी पड़ी हो, लेकिन एलिमिनेटर और फाइनल में मामला ठीक उलटा रहा है। 2014 और 2012 के एलिमिनेटर में , 2011 के दूसरे क्वालीफायर और 2010 के फाइनल में धौनी मुंबई के ऊपर भारी पड़े चुके हैं। हालांकि, पहले क्वालीफायर में मुंबई का ही पलड़ा भारी रहा है।

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Posted By: Rajat Singh

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