नई दिल्ली, पीटीआइ। आइपीएल के 12वें सीज़न का 10वां मुकाबला दिल्ली और कोलकाता के बीच खेला गया, जो सुपर ओवर तक चला और बेहद रोमांचक रहा। शनिवार को फिरोज शाह कोटला मैदान पर सुपर ओवर तक चले इस बेहद ही रोमांचक मुकाबले में दिल्ली ने कोलकाता को तीन रन से हरा दिया। तीन मैचों में यह दिल्ली की दूसरी जीत है। वहीं, कोलकाता की तीन मैचों में यह पहली हार है। 

दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज कैसिगो रबाडा ने सुपर ओवर में कोलकाता पर आइपीएल मैच में जीत दर्ज करने के बाद कहा, 'आंद्रे रसेल जैसे बड़े शॉट खेलने वाले बल्लेबाज के खिलाफ धीमी गेंद और बाउंसर डालना जुआ खेलने जैसा होता, वहीं अच्छी लेंथ की बॉल को वह आसानी से बाउंड्री के पार भेज सकते थे, इसलिए उनके खिलाफ यॉर्कर करना बेहतर था।'

एक समय पर दिल्ली को जीत के लिए 18 गेंदों में 18 रन चाहिए थे और फिर फाइनल ओवर में 6 रन की ज़रूरत थी। रबाडा ने मान लिया था कि मैच दिल्ली ने जीत ही लिया है। इसलिए वह शॉर्ट्स में बैठे थे और शिखर धवन से आराम से बातें कर रहे थे। लेकिन आखिरी ओवर में जब जीत के लिए सिर्फ दो रन चाहिए थे हनुमा विहारी जैसे बल्लेबाज़ ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की और कैच आउट हो गए। दिल्ली कुलदीप यादव के ओवर में 6 रन नहीं बना सकी। 

फिर सुपर ओवर में दिल्ली के कप्तान ने 10 रन के बचाव की जिम्मेदारी रबाडा को सौंपी। रबाडा को पूरा यकीन था कि यॉर्कर करना ही सबसे फायदेमंद होगा। राबाडा ने कहा, ' मैंने सोचा कैसी बॉल करानी चाहिए। बाउंसर या धीमी गेंदबाज़ी खतरनाक साबित हो सकती है। मुझे यकीन था यॉर्कर ही काम आएगी।"

रबाडा का यह फैसला सही साबित हुआ और उन्होंने खतरनाक बल्लेबाज रसेल को मिडिल स्टंप पर बोल्ड कर दिया। उन्होंने बताया, 'अपने रन अप की शुरुआत में मैं सोच रहा था कि क्या मैं लेंथ बाल करूं, क्योंकि रसेल फुल लेंथ गेंद को आसानी से बांउड्री के पार पहुंचा देंगे। लेकिन फिर मैंने यॉर्कर डालने का मन बना लिया।'

Posted By: Ruhee Parvez