नई दिल्ली, जेएनएन। IPL 2019 Qualifier 1 MI vs CSK: इस सीजन के पहले क्वालीफायर मुकाबले में सोमवार को गत चैंपियन चेन्नई का सामना मुंबई से होगा। इस साल दोनों ही टीमों को 9-9 मैच में जीत मिली है। यह मुकाबला चेन्नई के एम.ए चिदंबरम मैदान पर खेला जाएगा। इस मैच को जीतने वाली टीम को सीधे फाइनल में जगह मिलेगी, लेकिन हारने वाली टीम का भी सफर खत्म नहीं होगा। उसे क्वालीफायर-2 में एलिमिनेटर मैच जीतने वाली टीम से भिड़ने का मौका मिलेगा। एलिमिनेटर में दिल्ली कैपिटल्स (DC) और सनराइजर्स हैदराबाद(SRH) एक-दूसरे से भिड़ेंगे। इस बड़े मैच से पहले आइए नजर डालते हैं दोनों टीमों की मजबूती और कमजोरी पर।   

चेन्नई की पांच मजबूती

1. कप्तान का सहारा : चेन्नई की सबसे बड़ी मजबूती खुद उनके कप्तान महेंद्र सिंह धौनी हैं। धौनी के होने से टीम के लिए चीजें बहुत आसान हो जाती हैं।

2. सभी खिलाड़ी मौजूद : विश्व कप की तैयारियों को लेकर अधिकतर विदेशी खिलाड़ी स्वदेश लौट गए हैं, लेकिन चेन्नई में ऐसे खिलाड़ी हैं जो या तो संन्यास ले चुके हैं या फिर राष्ट्रीय टीम से बाहर हैं।

3. स्पिन गेंदबाजी ताकत : गेंदबाजी में चेन्नई की अहम ताकत उसकी स्पिन गेंदबाजी है। चेन्नई का विकेट स्पिनरों के लिए मददगार है। ऐसे में कप्तान धौनी अपने तीनों स्पिनरों हरभजन, रवींद्र जडेजा और इमरान ताहिर को खिला सकते हैं।

4. फाफ का आक्रमण : चेन्नई के लिए सबसे अच्छी बात फाफ डुप्लेसिस का ओपनिंग पर आकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाना है। फाफ पिछले मैच में शतक से चार रन से चूक गए थे, लेकिन इस अहम मुकाबले में उनकी फॉर्म टीम के लिए बेहद अहम होगी।

5. ऑलराउंड टीम : चेन्नई की टीम में ज्यादातर ऑलराउंडर खिलाड़ी मौजूद हैं। ऐसे में कप्तान धौनी को गेंदबाजी में कई विकल्प मिलते हैं। आठवें और नौवें नंबर तक टीम के खिलाड़ी बल्लेबाजी कर सकते हैं।

चेन्नई की पांच कमजोरियां

1. वॉटसन की विफलता : चेन्नई के लिए सलामी बल्लेबाज शेन वॉटसन की फॉर्म परेशानी का सबब बनी हुई है। चेन्नई चाहेगी कि इस अहम मैच में वॉटसन का बल्ला बोले, क्योंकि वह अकेले दम पर मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं।

2. डगमगाता मध्य क्रम : चेन्नई के मध्य क्रम में कमजोरी साफ नजर आती है। अंबाती रायुडू का बल्ला शांत है, तो वहीं केदार जाधव के चोटिल होने के बाद चेन्नई की मुश्किल बढ़ सकती हैं।

3. एक अकेला धौनी : मध्य क्रम के बल्लेबाजों के असफल रहने के बाद पूरा दबाव धौनी पर आ जाता है। ऐसे में अगर धौनी विफल हो जाते हैं तो चेन्नई का बड़े स्कोर तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इस समस्या से चेन्नई को बाहर निकलना होगा।

4. डेथ ओवरों में कमजोर गेंदबाजी : चेन्नई की समस्या डेथ ओवरों में कमजोर गेंदबाजी भी रही है। ड्वेन ब्रावो के रूप में चेन्नई के पास अकेले डेथ ओवरों के गेंदबाज हैं। ब्रावो कई बार धीमी गेंदों से बल्लेबाजों को चकमा देते हैं, लेकिन अगर वह फेल होते हैं तो मुंबई का बडे़ स्कोर तक पहुंचना तय है।

5. मुंबई के खिलाफ खराब रिकॉर्ड : चेन्नई को अगर इस सत्र में किसी टीम ने दोनों लीग मुकाबलों में हराया है, तो वह मुंबई ही है। मुंबई ने चेन्नई को भी उनके घर में शिकस्त दी थी। ऐसे में चेन्नई को पूरी तरह से सतर्क रहना होगा।

मुंबई की पांच मजबूती

1. सलामी जोड़ी शानदार : रोहित शर्मा फॉर्म में लौट आए हैं, तो वहीं क्विंटन डिकॉक लगातार रन बना रहे हैं। इन दोनों के फॉर्म में होने से मुंबई की सलामी जोड़ी बेहद मजबूत हो गई है।

2. बुमराह और मलिंगा की जुगलबंदी : यॉर्कर किंग्स जसप्रीत बुमराह और लसिथ मलिंगा की टीम में मौजूदगी से मुंबई का तेज गेंदबाजी आक्रमण बेहद मजबूत है। एक गेंदबाज दबाव बनाता है तो दूसरा गेंदबाज विकेट निकालने में सफल हो जाता है।

3. हार्दिक का हिटिंग प्लान : हार्दिक पांड्या इस समय किस फॉर्म में चल रहे हैं यह बताने की जरूरत नहीं है। निचले क्रम में आकर हार्दिक तेजी से रन बनाने में कामयाब हो रहे हैं और विकेट भी ले रहे हैं। ऐसे में मुंबई के लिए हार्दिक एक ट्रंप कार्ड।

4. चेन्नई के खिलाफ रिकॉर्ड : मुंबई ने चेन्नई को इस सत्र में दोनों बार लीग मुकाबलों में शिकस्त दी है। ऐसे में यह रिकॉर्ड मुंबई को आत्मविश्वास देगा और उन्हें सीधा फाइनल में पहुंचा सकता है।

5. मजबूत मध्य क्रम : चेन्नई का मध्य क्रम जहां विफल हो रहा है, तो वहीं मुंबई का मध्य क्रम बेहद मजबूत है। सलामी जोड़ी में किसी एक के आउट होने के बाद उनके पास सूर्यकुमार यादव जैसा बल्लेबाज है। इसके बाद इशान किशन, इविन लुइस भी कमाल करने में माहिर हैं।

मुंबई की पांच कमजोरियां

1. पोलार्ड का विफल होना : टीम के ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड अच्छी फॉर्म में नहीं चल रहे हैं। ऐसे में अगर हार्दिक का बल्ला नहीं चलता है, तो मुंबई के लिए समस्या पैदा हो सकती है। ऐसे में पोलार्ड का नहीं चलना मुंबई के लिए कमजोरी बन सकता है।

2. स्पिन का तालमेल : चेन्नई की पिच स्पिनरों के मददगार होती है। धौनी तो इस पिच से अच्छी तरह से वाकिफ हैं, लेकिन रोहित को स्पिन का सही तालमेल इस मैच में बिठाना होगा, अगर ऐसा होता है तो उन्हें तेज गेंदबाज को बाहर बैठाना होगा।

3. सही बल्लेबाजी क्रम तय करना : सूर्यकुमार यादव की तीसरे स्थान पर जगह तय है, लेकिन चौथे नंबर पर मुंबई ने इशान किशन, एविन लुइस और युवराज सिंह जैसे खिलाडि़यों को मौके दिए हैं, लेकिन कोई भी अपनी जगह टीम में तय नहीं कर पाया। ऐसे में चेन्नई को उनकी इस कमजोरी का अच्छे से पता होगा।

4. स्विंग से बचना होगा : चेन्नई की पिच पर शुरुआत में दीपक चाहर जैसे गेंदबाज बेहद अच्छे से गेंद को स्विंग कराते हैं, लेकिन मुंबई के सलामी बल्लेबाजों की रन बनाने की हड़बड़ी मुंबई को किसी भी समय मुश्किल में डाल सकती है।

5. धौनी से सामना : मुंबई ने चेन्नई से जो चेन्नई के मैदान पर पिछला मुकाबला जीता था, उसमें धौनी नहीं खेले थे और चेन्नई की पूरी टीम 109 रन पर पवेलियन लौट गई थी। धौनी की मौजूदगी खुद ही कप्तान के तौर पर रोहित की कमजोरी बन जाती है। ऐसे में रोहित को बल्ले से ही नहीं धौनी को दिमाग से भी फेल करने की बड़ी चुनौती होगी।

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Posted By: Tanisk

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