नई दिल्ली, जेएनएन। IPL 2019 के फाइनल मैच में मुंबई (MI) की टीम ने पहले बल्लेबाजी की। इस पारी के दौरान मुंबई के निचले क्रम से बल्लेबाज किरोन पोलार्ड (Kieron Pollard) अंपायर द्वारा एक गेंद को वाइड नहीं दिए जाने पर अपना आपा खो बैठे और बल्ले को उछाल दिया। इसके बाद अंपायर के फैसले से नाराज होकर वो काफी देकर क्रीज में काफी बाहर आकर खड़े हो गए और फिर बल्लेबाजी करने से भी हट गए। इसके बाद मैदान पर मौजूद अंपायर नितिन मेनने और इयन गूडल ने पोलार्ड की क्लास लगा दी और उन्होंने इस तरह का व्यवहार दोबारा नहीं करने की चेतावनी दे डाली। पोलार्ड और दोनों अंपायर के बीच काफी देर तक बातचीत हुई और फिर से खेल शुरू किया गया। 

ये वाकया तब हुआ जब पहली पारी का 20वां ओवर चल रहा था और ड्वेड ब्रावो गेंदबाजी कर रहे थे। ब्रावो की पहली ही गेंद पर पोलार्ड ने शानदार शॉट लगाया, लेकिन गेंद को बाउंड्री रेखा के पार अंबाती रायुडू ने नहीं जाने दिया। इस गेंद पर पोलार्ड ने कोई रन नहीं लिया। इसके बाद दूसरी गेंद धीमी गति से ब्रावो ने डाली जो क्रीज की लाइन से बाहर थी। इस गेंद पर पोलार्ड ऑफ स्टंप से बाहर आ गए थे जिसकी वजह से अंपायर ने इस गेंद को वाइड नहीं दिया। इसके बाद तीसरी गेंद को भी ब्रावो ने इसी तरह से यार्कर फेंका और पोलार्ड ने इसे वाइड समझते हुए गेंद को पीछे जाने दिया। दूसरे छोर पर खड़े अंपायर ने इसे सही गेंद माना और वाइड नहीं दी। इसके बाद पोलार्ड काफी गुस्सा हो गए और अपने बल्ले को हवा में उछाल दिया। 

फाइनल मैच में पोलार्ड ने 25 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 41 रन की पारी खेली। पोलार्ड का स्ट्राइक रेट 164.00 का रहा। पोलार्ड अपनी टीम की तरफ से सबसे ज्यादा स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उनकी इस पारी के दम पर मुंबई ने निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट पर 149 रन बनाए। 

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Posted By: Sanjay Savern