नई दिल्ली। आइपीएल के मौजूदा सत्र में दिल्ली कैपिटल्स का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है। खासतौर से घरेलू मैदान पर उसका प्रदर्शन बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में दिल्ली कैपिटल्स की टीम फिरोजशाह कोटला मैदान पर लगातार हार के बाद किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ शनिवार को यहां होने वाले आइपीएल मैच में जीत की राह पर लौटने की कोशिश करेगी।

लगातार तीन मैचों में जीत के बाद दिल्ली की टीम गुरुवार को मुंबई इंडियंस के खिलाफ उतरी थी और इस मैच में भी उसने अच्छी शुरुआत की थी। हालांकि, मुंबई की पारी के अंतिम ओवरों में दिल्ली की टीम एक बार फिर राह से भटक गई। इसका अहम कारण यह है कि दिल्ली की टीम अब तक अपने घरेलू मैदान से सामंजस्य नहीं बैठा पाई है। दर्शकों के समर्थन और हौसला अफजाई का भी कोच रिकी पोंटिंग और सलाहकार सौरव गांगुली की टीम को फायदा नहीं मिल पा रहा है। दिल्ली को अगर प्लेऑफ में जगह बनाने की उम्मीदों को बनाए रखनी हैं तो उसे घरेलू मैदान पर बाकी बचे तीन मैचों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

दिल्ली की तरह पंजाब की टीम भी अब तक आइपीएल खिताब नहीं जीत पाई है। ऐसे में इस बार वे खिताब के सूखे को खत्म करने के लिए बेकरार हैं। रविचंद्रन अश्विन की अगुआई वाली पंजाब की टीम आत्मविश्वास से भरी है और उसने तीन दिन पहले राजस्थान रॉयल्स को हराया था। क्रिस गेल, लोकेश राहुल, डेविड मिलर और मुहम्मद शमी जैसे खिलाड़ी घरेलू मैदान पर दिल्ली की कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। टीम की कमान अश्विन काफी अच्छी कर रहे हैं और ऐसे में पंजाब के लिए दिल्ली को हराना मुश्किल नहीं होगा। श्रेयस अय्यर की टीम अपने घरेलू मैदान पर अब तक चार मैचों में सिर्फ एक जीत दर्ज कर पाई है और यह मैच भी उसने कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ टाई होने के बाद सुपरओवर में जीता था।

विश्व कप टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे रिषभ पंत से दिल्ली को काफी उम्मीदें होंगी। वह मुंबई के खिलाफ हार के दौरान नाकाम रहे थे और अब वापसी करने की कोशिश करेंगे। पांड्या बंधुओं हार्दिक और क्रुणाल ने अंतिम ओवरों में 19 गेंद में 54 रन जुटाए थे और दिल्ली के गेंदबाजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अंतिम ओवरों की गेंदबाजी में सुधार करने की होगी। बल्लेबाजी में अनुभवी शिखर धवन और युवा पृथ्वी शॉ पर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी होगी। दिल्ली को अगर घरेलू मैदान पर हार के क्रम को तोड़ना है तो कप्तान अय्यर को भी मोर्चे से अगुआई करनी होगी।

कोटला का तोड़ निकालने की कोशिश जारी

अपने घरेलू मैदान पर लगातार हार से परेशान दिल्ली कैपिटल्स के कोच रिकी पोंटिंग और उसके सलाहकार सौरव गांगुली कड़ी मेहनत कर रहे हैं। कोटला की विकेट बहुत धीमी है जिसका तोड़ निकालने के लिए पोंटिंग और गांगुली अतरिक्त समय तक काम कर रहे हैं। साथ ही पोंटिंग का मानना है कि मैच जीतने वाली अंतिम एकादश के साथ बने रहना सही होगा।

Posted By: Sanjay Savern