चेन्नई, प्रेट्र। गत विजेता चेन्नई सुपरकिंग्स को शुक्रवार को अपने चिर प्रतिद्वंद्वी मुंबई इंडियंस से अपने घर में भिड़ना है। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मैच में चेन्नई की कोशिश पहले चरण के मैच में मुंबई से मिली हार के बदला लेने की होगी। चेन्नई के 11 मैचों में आठ जीत के साथ 16 अंक हैं। टीम प्लेऑफ के लिए लगभग क्वालीफाई कर ही चुकी है। कप्तान महेंद्र सिंह धौनी अपने विजयी क्रम को जारी रखना चाहेंगे और लीग चरण का अंत शीर्ष दो में रहते हुए करने की कोशिश करेंगे क्योंकि शीर्ष दो टीमों को प्लेऑफ में फायदा होता है।

मुंबई की टीम को शीर्ष चार में बने रहने के लिए जीत की जरूरत है। उसे कम से कम दो जीत दर्ज करनी होंगी। रोहित शर्मा की कप्तानी वाली मुंबई ने हालांकि चेन्नई के खिलाफ पहले चरण के मैच में 37 रनों से जीत हासिल की थी, लेकिन फिर भी मुंबई को चेन्नई से सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि धौनी की टीम इस सत्र अपने घर में एक भी मैच नहीं हारी है। चेन्नई ने चेपक में पांच मैच खेले हैं और सभी में उसे जीत मिली है। अगर दोनों टीमों के बीच आइपीएल मुकाबलों की बात की जाए तो कुल 27 मैच हुए हैं जिसमें मुंबई ने 15 में जीत हासिल की है जबकि चेन्नई को 12 में विजय मिली है।

चेन्नई ने अपने आखिरी मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को मात दी थी। इस मैच में सलामी बल्लेबाज शेन वॉटसन की फॉर्म में वापसी हुई थी जो मौजूदा विजेता के लिए शुभ संकेत हैं। वॉटसन ने 53 गेंदों पर 96 रन बनाए थे। टीम के कप्तान धौनी भी बल्ले से लगातार गरज रहे हैं। कप्तान ने अभी तक खेले 10 मैचों में कुल 314 रन बनाए हैं। बल्लेबाजी में चेन्नई की एक मात्र चिंता सलामी बल्लेबाज फाफ डुप्लेसिस की फॉर्म है। डुप्लेसिस सात मैचों में सिर्फ 179 रन ही बना पाए हैं। गेंदबाजी में धौनी, अपने विजयी संयोजन के साथ बने रहना चाहेंगे। मैदान पर चेन्नई की तरफ से एक बार फिर हरभजन सिंह, इमरान ताहिर स्पिन विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी दीपक चाहर और शार्दुल ठाकुर पर होगी।

मुंबई इस मैच में राजस्थान रॉयल्स के हाथों मात खाने के बाद आई है। उस मैच में मुंबई के बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया था और पांच विकेट के नुकसान पर 161 रन बनाए थे। गेंदबाजों ने भी अच्छी गेंदबाजी की थी, लेकिन चेन्नई के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए मुंबई को एक इकाई के रूप में और बेहतर खेलना होगा। तीन बार की विजेता एक बार फिर अपने सलामी बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक और रोहित से अच्छी शुरुआत की उम्मीद करेगी। डिकॉक शानदार फॉर्म में हैं और अभी तक 10 मैचों में 378 रन ठोक चुके हैं। वहीं अंत में मुंबई के पास हार्दिक पांड्या जैसा खिलाड़ी है जो तेजी से रन बना सकता है। वहीं गेंदबाजी की जिम्मेदारी जसप्रीत बुमराह के हाथों में होगी। लसिथ मलिंगा का अनुभव भी मुंबई के लिए कारगार साबित हो सकता है।

Posted By: Sanjay Savern

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