नई दिल्ली, जेएनएन। आइपीएल-12 के 50वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स का सामना चेन्नई सुपर किंग्स से होना है। ये मैच चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला जाएगा। फिरोजशाह कोटला में खेले गए पिछले मुकाबले में CSK ने DC को 6 विकेट से बुरी तरह हराया था। लेकिन तब से दिल्ली ने अपने खेल में काफी बदलाव किए और इस मैच में वह किसी भी हाल में जीत दर्ज करना चाहेगी।    

दिल्ली को माना गया सबसे कमज़ोर
इस साल आइपीएल की शुरुआत में किसी ने नहीं सोचा होगा कि पिछले 6 सालों से बुरी तरह संघर्ष कर रही दिल्ली कैपिटल्स की टीम प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर पाएगी। दिल्ली ने न सिर्फ प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई किया बल्कि टीम इस वक्त पॉइंट टेबल पर टॉप पर है। दिल्ली के लिए टूर्नामेंट के 12वें सीजन की कहानी बिल्कुल अलग रही और इसका सबसे बड़ा कारण हैं दक्षिण अफ्रीका के युवा तेज गेंदबाज कागिसो रबाडा।

दिल्ली कैपिटल्स ने इस 23 साल के खिलाड़ी को साल 2017 में अपने साथ जोड़ा था। लेकिन आइपीएल के अपने पहले सीजन में रबाडा ने सिर्फ 6 विकेट लेकर टीम को निराश किया था। वहीं साल 2018 में रबाडा कमर में फ्रैक्चर की वजह से पूरे सीजन टीम से बाहर रहे थे। लेकिन 12वां सीजन रबाडा के नाम रहा। उन्होंने साबित किया कि वह क्यों टीम के अहम हिस्सा हैं।

पर्पल कैप रबाडा के सिर
कमाल की स्पीड और सटीकता के साथ इस घातक गेंदबाज ने आइपीएल के 12वें सीजन में जोरदार दस्तक दी। रबाडा लगातार अपनी टीम दिल्ली कैपिटल्स को गेंद से गजब का समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने कई बार टीम को मुश्किल समय में जीत की राह पर लाकर खड़ा किया। दबाव के समय अपनी जबरदस्त गेंदबाजी से रबाडा ने न सिर्फ रन रोकने का काम किया है बल्कि साथ में अहम विकेट भी चटकाए। 

रबाडा के पास इतिहास बदलने का मौका
इस वक्त 25 विकेट के साथ पर्पल कैप पर रबाडा का कब्जा है। उनके बाद दूसरे नम्बर पर दक्षिण अफ्रीका के ही इमरान ताहिर (चेन्नई सुपर किंग्स) हैं। रबाडा और ताहिर में 8 विकेटों का अंतर है। जिस हिसाब से रबाडा विकेट चटका रहे हैं उसे देखकर लग रहा है कि टूर्नामेंट के अंत में सबसे ज्यादा विकेट लेने का ताज उन्हीं के सिर पर सजेगा। यहां तक कि रबाडा के पास आइपीएल के एक सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने के रिकॉर्ड को तोड़ने का भी अच्छा मौका है। 

अभी तक आइपीएल के एक सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर ड्वेन ब्रावो के नाम है। ब्रावो ने चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलते हुए साल 2013 में कुल 32 विकेट हासिल किए थे। रबाडा को ब्रावो को पीछे छोड़ने के लिए सिर्फ 8 विकेट और चाहिए। दिल्ली इस सीजन में कम से कम तीन मैच और खेलेगी और रबाडा को इतिहास बदलने का इससे सुनहरा मौका नहीं मिल सकता।

Posted By: Ruhee Parvez

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