नई दिल्ली, जेएनएन।  बीसीसीआइ के लोकपाल न्यायमूर्ति डी के जैन ने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली से बंगाल क्रिकेट संघ का अध्यक्ष रहते हुए दिल्ली कैपिटल्स के सलाहकार की भूमिका के रूप में हितों के टकराव के आरोप पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

गांगुली के खिलाफ शिकायत की गई है कि कैब अध्यक्ष रहते हुए वह ईडन गार्डस पर केकेआर के खिलाफ मैच के दौरान दिल्ली कैपिटल्स के डगआउट में कैसे बैठ सकते थे। यह शिकायत बंगाल के तीन क्रिकेट प्रशंसकों अभिजीत मुखर्जी, रंजीत सील और बास्वती शांतुआ ने की है।  न्यायमूर्ति जैन ने कहा, 'हां मैंने सौरव गांगुली से हितों के टकराव के मामले में की गई शिकायत पर जवाब देने के लिए कहा। उन्हें अपना जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है।'

हालांकि, गांगुली ने पहले ही यह साफ कर दिया था कि उन्होंने इसके लिए प्रशासकों की समिति (COA) से पहले ही इसकी मंजूरी ले ली थी। इसमें हितो का टकराव का कोई मामला नहीं है। एक शिकायतकर्ता ने लिखा है कि गांगुली एक ही समय में दो काम कैसे कर सकते हैं। यानी जब कोलकाता में दिल्ली का मैच होता है तो उनपर दिल्ली के सलाहकार होने के साथ-साथ कैब की अध्यक्ष की भूमिका कैसे निभा सकते हैं। इससे हितों का टकराव होगा।   

बता दें कि आइपीएल शुरू होने से पहले मार्च में सौरव गांगुली को दिल्ली की टीम ने अगामी संस्करण के लिए सलाहकार नियुक्त किया था। गांगुली अपनी इस नई भूमिका में टीम के मुख्य कोच रिकी पोंटिंग के साथ मिलकर काम  कर रहे हैंं। श्रेयस अय्यर की अगुआई में दिल्ली की टीम ने इस साल अभी तक 4 मैच खेले हैं। इसमें से उसे दो में जीत और दो में हार का सामना करना पड़ा है।  

 

Posted By: Tanisk

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