नई दिल्ली, जेएनएन। IPL 2019 दिल्ली की टीम के लिए इस सीजन में अब तक तो सबकुछ काफी अच्छा जा रहा है। नाम बदलते ही टीम की किस्मत भी पलट गई और आलम ये है कि वर्ष 2012 के बाद ये टीम एक बार फिर से क्वालीफायर दो के मुकाबले तक पहुंच गई है। इसके अलावा इस टीम ने आइपीएल इतिहास में पहली बार नॉकआउट मैच में जीत भी दर्ज की। अब दिल्ली को एक बार फिर से क्वालीफायर दो में चेन्नई के खिलाफ मैच खेलना है। कमाल की बात ये है कि दिल्ली की टीम वर्ष 2012 में क्वालीफायर दो में चेन्नई से ही भिड़ी थी और इसे 86 रन से हार मिली थी। अब छह वर्ष के बाद एक बार फिर से दिल्ली और चेन्नई की भिड़ंत क्वालीफायर दो में होने जा रही है। वैसे आंकड़ों की मानें तो धौनी की चेन्नई हर लिहाज से दिल्ली पर हावी नजर आती है। पर ये क्रिकेट है जनाब जहां कुछ भी हो सकता है। 

आइपीएल में दिल्ली व चेन्नई की भिड़ंत

आइपीएल की बात करें तो दिल्ली की टीम प्रदर्शन के मामले में चेन्नई के सामने फीकी ही रही है। इस टीम ने चेन्नई के विरुद्ध इस लीग में अब तक 20 मुकाबले खेले हैं जिसमें दिल्ली को सिर्फ छह मैचों में ही जीत नसीब हुई है। चेन्नई की टीम ने 14 मैैच जीतकर दिल्ली के खिलाफ हमेशा ही अपना वर्चस्व जताया है। 

वर्ष 2019 में दिल्ली व चेन्नई के मुकाबले

इस सीजन के लीग मैचों में दिल्ली व चेन्नई की भिड़ंत दो बार हुई और दोनों ही बार श्रेयस अय्यर को धौनी की कप्तानी में हार मिली। इस सीजन में चेन्नई व दिल्ली का पहला मैच फिरोजशाह कोटला मैदान यानी दिल्ली की घरेलू मैदान पर खेला गया था। इस मैच में दि्ल्ली को चेन्नई के हाथों छह विकेट से हार मिली थी। इसके बाद इन दोनों टीमों का सामना चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम पर हुआ जहां एक बार फिर से धौनी की कप्तानी में दिल्ली को हार झेलनी पड़ी। इस मैच में दिल्ली को 80 रन से बड़ी हार झेलनी पड़ी थी। इस मुकाबले में दिल्ली की टीम सिर्फ 99 रन पर ऑल आउट हो गई थी। चेन्नई ने इस मैच में चार विकेट पर 179 रन बनाए थे। 

वर्ष 2012 क्वालीफायर दो में दिल्ली को मिली थी हार

वर्ष 2012 में दिल्ली की टीम का सामना चेन्नई के साथ क्वालीफायर दो में हुआ था। इस वर्ष चेन्नई के कप्तान धौनी थे तो दिल्ली की कप्तानी सहवाग के हाथों में थी। इस मैच में चेन्नई ने मुरली विजय की 113 रन की पारी के दम पर 20  ओवर में पांच विकेट पर 222 रन बनाए थे। इसके जवाब में दिल्ली की टीम 16.5 ओवर में 136 रन पर ऑल आउट हो गई और उसे 86 रन सेे मैच गंवाना पड़ा था। खैर ये तो इतिहास की बात है, लेकिन अब मामला जरा अलग है। टीमें बदल गई हैं, दिल्ली के कप्तान श्रेयस हैं और टीम युवा खिलाड़ियों से भरी हुई है। ऐसे में इस बार क्वालीफायर दो में कुछ भी हो सकता है। 

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Posted By: Sanjay Savern

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