नई दिल्ली, जेएनएन। फाइनल मुकाबले के साथ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में खेले जा रहे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 13वें सीजन का समापन हो जाएगा। आइपीएल 2020 के फाइनल में दिल्ली कैपिटल्स का सामना चार बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस से होना है। ऐसे में पहली बार खिताबी जीत का सपना देख रही दिल्ली कैपिटल्स के लिए राह आसान नहीं है, लेकिन अगर इतिहास अपने आप को दोहराता है तो फिर दिल्ली कैपिटल्स का नाम भी आइपीएल की चमचमाती ट्रॉफी पर लिखा जा सकता है, लेकिन इसके लिए दिल्ली को वो कमाल करना होगा जो साल 2017 में खुद मुंबई इंडियंस ने किया था।

दरअसल, मुंबई इंडियंस ने साल 2017 के आइपीएल में राइजिंग पुणे सुपरजाएंट (RPS) के खिलाफ क्वालीफायर वन समेत 3 मुकाबले हारे थे। इनमें दो लीग फेज के मुकाबले भी शामिल थे। वहीं, 2020 की बात करें तो दिल्ली कैपिटल्स की टीम लीग फेज समेत अब तक 3 मुकाबले मुंबई इंडियंस के खिलाफ हार गई है। अगर इतिहास अपने आप को दोहराता है तो दिल्ली कैपिटल्स की टीम भी ट्रॉफी पहली बार उठा सकती है। हालांकि, मुंबई इंडियंस का रिकॉर्ड ऐसा भी है कि पिछले साल मुंबई इंडियंस ने लीग फेज के दो मुकाबलों समेत, क्वालीफायर वन और फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर खिताब जीता हुआ है।

मुंबई इंडियंस ही IPL के इतिहास की एकमात्र टीम है, जिसने एक ही सीजन में एक ही टीम से तीन मुकाबले हारने के बाद फाइनल मुकाबले में उसे धूल चटाई है। यहां तक कि मुंबई इंडियंस ही इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास की एकमात्र टीम है, जिसने एक ही सीजन में एक ही टीम को फाइनल समेत चार बार हराकर टूर्नामेंट अपने नाम किया है। ऐसे में दिल्ली कैपिटल्स के पक्ष में एक संयोग जरूर है, लेकिन मुंबई की टीम आखिरी गेंद तक हार नहीं मानती है। मुंबई ने दो फाइनल मैच तो महज 1-1 रन के अंतर से जीते हैं। यही कारण है कि श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम दिल्ली कैपिटल्स के होश उड़े हुए होंगे।

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