नई दिल्ली, अभिषेक त्रिपाठी। इंडियन प्रीमियर लीग यानी आइपीएल का 14वां सत्र 15 अक्टूबर को खत्म होगा और इसके दो दिन बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) आइपीएल की दो नई टीमों के लिए ई-बोली लगाएगा। टीमों को खरीदने के लिए पांच अक्टूबर तक बोली जमा की जा सकती है। इस योजना से जुड़े सूत्र ने मंगलवार को बताया कि बीसीसीआइ ने आइपीएल फ्रेंचाइजी की बोली लगाने के लिए 31 अगस्त को निविदा जारी की थी।

2022 के आइपीएल में जिन शहरों की टीमें आ सकती हैं, उनमें अहमदाबाद, लखनऊ, इंदौर, कटक, गुवाहाटी और धर्मशाला का नाम शामिल है। हालांकि, बीसीसीआइ के पदाधिकारी ने दैनिक जागरण को बताया कि लखनऊ और अहमदाबाद इस मामले में सबसे आगे हैं। उसके दो कारण हैं, एक तो कई कंपनियों ने इन दो जगहों पर रुचि दिखाई है, दूसरा यहां पर क्रिकेट का आधारभूत ढांचा काफी मजबूत है।

अदाणी समूह अहमदाबाद की टीम लेना चाहता है, जबकि आरपी संजीव गोयनका ग्रुप और आदित्य बिड़ला ग्रुप सहित कई टीमें लखनऊ के लिए बोली लगा सकती हैं। अहमदाबाद में दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है, जबकि लखनऊ में अटल विहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम है। इसे भारत के सबसे आधुनिक स्टेडियम में से एक माना जाता है। इसके अलावा हिंदी पट्टी में क्रिकेट के प्रशंसक सबसे ज्यादा हैं। सभी का मानना है कि देश के सबसे बड़े प्रदेश और हिंदी के गढ़ उत्तर प्रदेश में एक आइपीएल टीम होनी चाहिए।

दैनिक जागरण ने पहले ही बताया था कि बीसीसीआइ इस बार एक राज्य एक आइपीएल टीम के फार्मूले के साथ उतरेगा और यही कारण है कि प्रस्तावित शहरों में पुणे का नाम नहीं है, क्योंकि महाराष्ट्र में पहले से ही मुंबई इंडियंस टीम है। अगर एक राज्य, एक टीम का फार्मूला नहीं लगाया जाता तो फिर आरपी संजीव गोयनका ग्रुप पुणे के लिए बोली लगाता। यह ग्रुप पहले भी राइजिंग पुणे सुपरजाइंट टीम को दो साल तक रख चुका है।

आइपीएल की संचालन परिषद ने 2022 सत्र से दो नई टीमों के लिए निविदा प्रक्रिया के जरिये बोली आमंत्रित की है। कोई भी इच्छुक पक्ष जो बोली जमा कराना चाहता है उसे निविदा आमंत्रण खरीदना होगा। हालांकि निविदा आमंत्रण में लिखित पात्रता को पूरा करने वाले और अन्य नियमों और शर्तो को पूरा करने वाले बोली के पात्र होंगे। स्पष्ट किया जाता है कि सिर्फ निविदा आमंत्रण को खरीदने से कोई व्यक्ति बोली लगाने का पात्र नहीं होगा। कई लोगों ने निविदा आमंत्रण खरीद भी लिया है।

बीसीसीआइ को होगा फायदा

दो नई टीमों के जुड़ने से बीसीसीआइ को कम से कम 5000 करोड़ रुपये का फायदा हो सकता है। आइपीएल अभी आठ टीमों के बीच खेला जाता है, लेकिन अगले वर्ष से इसमें 10 टीमें खेलेंगी। पहले दो नई टीमों का आधार मूल्य 1700 करोड़ रुपये रखने पर विचार किया जा रहा था, लेकिन अब आधार मूल्य 2000 करोड़ रुपये करने का फैसला किया गया है। अगले सत्र में आइपीएल में 74 मैच हो सकते हैं और यह सभी के लिए फायदे वाली स्थिति होगी।

वर्ष में 3000 करोड़ रुपये या इससे अधिक का टर्न ओवर रखने वाली कंपनियों को ही बोली प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। यही नहीं बीसीसीआइ कंपनियों के समूह को भी टीम खरीदने के लिए अनुमति दे रहा है। इससे बोली प्रक्रिया अधिक रोचक बन जाएगी। सूत्र ने कहा, "यदि तीन कंपनियां साथ में आकर एक टीम के लिए बोली लगाना चाहती हैं तो ऐसा करने के लिए उनका स्वागत है। इससे ज्यादा कंपनियों के कंसोर्टियम को स्थान नहीं मिलेगा।"

Edited By: Vikash Gaur