सुनील गावस्कर का कॉलम

आइपीएल के पिछले दो मैचों ने दिखा दिया है कि पहले हफ्ते के ट्रैंड में अब धीरे-धीरे बदलाव हो रहा है। पहले लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम जीत रही थी, लेकिन अब पहले बल्लेबाजी कर बड़ा स्कोर बनाने वाली टीम को सफलता मिल रही है।

अगर उन्हें तेज शुरुआत मिलती है, तो उनके 200 तक पहुंचने की संभावना काफी बढ़ जाती है और अक्सर 10 रन प्रति ओवर से लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम दबाव में आ जाती है। अगर बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम दो विकेट जल्दी गंवा देती है, तो रन रेट 12 या उससे भी ऊपर चला जाता है, जिससे दबाव और ज्यादा बढ़ जाता है। बहुत ही कम लोग हैं, जो इस दबाव को झेलते हुए अपनी टीम को जीत दिला पाते हैं। किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ महेंद्र सिंह धौनी ऐसा करने के बहुत करीब पहुंच गए थे। उनकी आक्रामक पारी के बावजूद टीम जरा से अंतर से चूक गई, लेकिन उनके लंबे छक्कों को देखने का रोमांच अलग ही है। ऐसे में चेन्नई का विजय रथ थम गया, लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद लगातार जीत रही है और इस सत्र की उन्होंने अच्छी शुरुआत की है।

मुंबई इंडियंस अभी तक एक भी मैच नहीं जीत पाई है। हालांकि, वे आइपीएल के पिछले कुछ सत्रों से धीमी शुरुआत के लिए ही जाने जाते हैं, लेकिन वे जीत के साथ अंकतालिका में जगह बनाने को लेकर चिंतित जरूर होंगे, क्योंकि सिर्फ एक वही टीम है, जो अब तक अंक हासिल नहीं कर पाई है। उन्हें ज्यादा बेहतर बल्लेबाजी करनी होगी। सूर्यकुमार से ओपनिंग कराने का दांव सही काम कर गया है। एविन लुइस और इशान किशन भी तेजी से रन बना रहे हैं। वे 200 से पार का स्कोर बनाने की स्थिति में थे, लेकिन मध्य क्रम ने खराब शॉट खेलकर निराश किया।  

टीमों को अब पता है कि हार्दिक पांड्या के सामने स्पिनर को नहीं लाना है, क्योंकि वह गेंद को मैदान के बाहर पहुंचा सकते हैं। हालांकि, तेज गेंदबाजों पर शॉट लगाना उनके लिए आसान नहीं होता है और इसलिए अधिकतर कप्तान उनके सामने तेज गेंदबाजों को ही लगाते हैं। मुंबई को अपनी इस रणनीति पर भी विचार करना चाहिए कि हार्दिक से उस समय गेंदबाजी कराई जाए या नहीं जब फील्डर अंदर होते हैं। वह अपने भाई की तुलना में ज्यादा महंगे साबित हो सकते हैं। क्रुणाल ने अपनी लेफ्ट आर्म स्पिन से काफी प्रभावित किया है और निचले क्रम में वह शांत दिमाग के साथ बिना बड़े शॉट लगाए भी रन बना रहे हैं।

आरसीबी की टीम ने राजस्थान के खिलाफ लक्ष्य का पीछा अच्छे ढंग से किया, लेकिन कोहली और डीविलियर्स के आउट होने के बाद उन्हें पता था कि टीम लक्ष्य का पहाड़ बहुत ऊंचा है। उनके शीर्ष-4 खिलाडिय़ों से किसी भी टीम को जलन हो सकती है, लेकिन अभी तक वे टीम को जिताने के लिए पर्याप्त रन नहीं बना पाए हैं। कोहली और डिविलियर्स को वानखेड़े में बल्लेबाजी करना पसंद है और अगर इनका बल्ला चल गया तो मुंबई को पहला अंक हासिल करने के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। 

आइपीएल की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

 

Posted By: Sanjay Savern