हाल के वर्षों में अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम ने अपने दमदार खेल की बदौलत दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है और जब यह टीम विश्व कप में खेलने उतरेगी तो वहां भी इस टीम के प्रदर्शन पर सबकी निगाहें होंगी। बेशक विश्व कप में अफगानिस्तान को एक कमजोर टीम की हैसियत से देखा जा रहा हो लेकिन टीम के अनुभवी ऑलराउंडर मुहम्मद नबी ने विरोधी टीमों को चेतावनी दी है कि वे उनकी टीम को कमजोर समझने की भूल ना करें। विश्व कप को लेकर मुहम्मद नबी से अभिषेक त्रिपाठी ने विशेष बातचीत की। पेश हैं उस बातचीत के प्रमुख अंश :

1. विश्व कप से ठीक पहले आपकी राष्ट्रीय टीम अफगानिस्तान के कप्तान को बदल दिया गया। ऐसे में क्या विश्व कप की चुनौतियों के लिए अफगानिस्तान तैयार है?

विश्व कप के लिए हमारी टीम तैयार है और इस महाआयोजन के लिए अच्छी टीम का चयन किया गया है। हम दूसरा विश्व कप खेलने जा रहे हैं तो कोशिश करेंगे कि पहले से बेहतर खेल दिखाएं। कोशिश होगी कि हम एकतरफा मुकाबले ना हारें। चीजें हमारे हिसाब से रहीं तो हम कई टीमों को कड़ी चुनौती देंगे।

2. अफगानिस्तान के कुछ ही खिलाडि़यों को आइपीएल में खेलने का मौका मिला। ऐसे में टीम के दूसरे खिलाडि़यों की तैयारियां कैसी हैं?

आयरलैंड के खिलाफ हमें दो वार्म-अप मुकाबले खेलने हैं। ऐसे में उम्मीद है कि विश्व कप से पहले हम अपने आप को अच्छी तरह से तैयार कर लेंगे।

3. आप और राशिद एक देश के हैं और आइपीएल में भी एक ही टीम से खेलते हैं। आप राशिद के सीनियर भी हैं। उनसे आपके कैसे संबंध हैं?

राशिद एक विश्व स्तर का गेंदबाज है। अगर उसके हिसाब से विकेट मिल जाए तो वह और भी अच्छा कर सकता है। वह बहुत जल्दी सीखने वाला इंसान है और उसके पास जो प्रतिभा है वह उसका इस्तेमाल करता है।

4. अफगानिस्तान की समस्याओं से निकलकर एक क्रिकेटर बनने का सफर आपके और अफगानिस्तान के दूसरे खिलाडि़यों के लिए कितना मुश्किल रहा है?

अफगानिस्तान में क्रिकेट के अलावा कोई खुशी का जरिया नहीं है। वहां सिर्फ समस्याएं ही समस्याएं हैं। यहां तक पहुंचने में हमें बहुत सारी कठिनाइयों से गुजरना पड़ा है। विश्व कप के लिए क्वालीफाई करना हमारे लिए बड़ी बात है। विश्व कप टीम का हिस्सा होना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है और मेरी इच्छा है कि मैं इस बार इसमें अच्छा प्रदर्शन करूं।

5. अफगानिस्तान में क्रिकेट के भविष्य को लेकर क्या कहेंगे और युवा खिलाडि़यों को क्या संदेश देंगे?

अब हमारे यहां भी बहुत कुछ बदल गया है। हमारे यहां स्टेडियम हैं, प्रथम श्रेणी के मुकाबले होते हैं, अकादमी हैं जहां युवा खेलने आ रहे हैं। हमारी टीम पहले से ज्यादा मजबूत हो रही है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ पुराने खिलाडि़यों की बदौलत ही हमारी टीम अच्छा खेल रही है। अब टीम में युवा खिलाड़ी आ रहे हैं। कुल मिलाकर दिन-ब-दिन अफगानिस्तान की क्रिकेट में सुधार हो रहा है। भारत ने हमारी बहुत मदद की है। हमें यहां घरेलू मैदान दिया। हम यहां आइपीएल खेलते हैं। हम सुरक्षा कारणों से अफगानिस्तान में क्रिकेट नहीं खेल सकते हैं, लेकिन हमें आशा है कि हम एक दिन अपने घर में अपने घरेलू दर्शकों के बीच खेलेंगे।

6. एक कमजोर टीम होने के नाते जब भारत और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ आप लोग उतरेंगे तो कैसे आपकी टीम खुद को साबित करेगी?

हम बस कुछ ऐसा प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे कि लोग हमें कमजोर टीम ना कहें और दूसरी मजबूत टीमों से यही कहेंगे कि वे हमें कमजोर समझ के ना खेलें।

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Posted By: Vikash Gaur