नई दिल्ली, अभिषेक त्रिपाठी।  दक्षिण अफ्रीका और फिर इंग्लैंड दौरे पर भारतीय चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव खुद को साबित कर चुके हैं। अब उनके सामने ऑस्ट्रेलिया दौरे की चुनौती है। कुलदीप ऑस्ट्रेलिया दौरे को चुनौतीपूर्ण जरूर मानते हैं, लेकिन वह इसको लेकर बिलकुल भी चिंतित नहीं हैं। कुलदीप को जब भी मौका मिलता है तो वह खुद को साबित करते हैं। 

वनडे और टी-20 के अलावा वह टेस्ट में भी स्थायी जगह बनाना चाहते हैं और इसको लेकर ऑस्ट्रेलिया दौरा उनके लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। ऑस्ट्रेलिया दौरे से जुड़ी चुनौतियों के बारे में कुलदीप यादव से विशेष बातचीच। पेश हैं प्रमुख अंश :

आप ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं। टीम इंडिया के साथ आपका पहला ऑस्ट्रेलिया दौरा होगा। यह आपके लिए कितना अहम है?

अगर ऑस्ट्रेलिया दौरे की बात करें तो यह बड़ा दौरा है। तीन महीने का दौरा है, जहां हमें तीनों प्रारूप में क्रिकेट खेलना है। ऑस्ट्रेलिया से सीरीज बड़ी और बहुत चुनौतीपूर्ण है। यहां पर इंग्लैंड से अलग परिस्थितियां होंगी। ऑस्ट्रेलिया में विकेट अलग रहेंगे, थोड़ी गर्मी रहेगी तो शायद मदद भी मिलेगी। विकेट में थोड़ा बाउंस रहता है तो स्पिनरों के लिए मदद रहती है। अगर सटीक तरह से लाइन लेंथ पकड़कर गेंदबाजी करेंगे तो विकेट लेने का अच्छा मौका है।

ऑस्ट्रेलिया में शेन वार्न ने बहुत विकेट लिए हैं। आपकी स्टाइल लगभग उनके जैसी ही है। वह आपके आदर्श हैं तो क्या आपको उनके घर में, उनकी ही स्टाइल में गेंदबाजी करने में फायदा मिलेगा?

निश्चित तौर पर फायदा जरूर मिलेगा। दबाव नहीं रहेगा क्योंकि विकेट स्पिनरों के लिए अच्छा है। मैंने हमेशा शेन वार्न को फॉलो किया है। वह मैच देखने आएंगे तो चाहत रहेगी कि उनके सामने मुझे अच्छा करना है। उनसे बातचीत करने की भी कोशिश करूंगा और टिप्स लूंगा। मुझे लगता है कि यह कठिन नहीं रहेगा, बल्कि मुझे इसका फायदा मिलेगा।

वहां के मैदान बहुत बड़े हैं। बल्लेबाज को गेंद को सीमा पार पहुंचाने के लिए काफी मेहनत करनी होती है। आपका क्या कहना है?

ऑस्ट्रेलिया में मैदान बड़े हैं। विकेट बल्लेबाजी के लिए अच्छे हैं। बाउंस के साथ ऑन द राइस शॉट अच्छे लगते हैं। लंबे शॉट मारने के चक्कर में बल्लेबाज गलत समय पर खेल जाता है और बड़े मैदान होने के कारण विकेट मिलने की संभावना बढ़ जाती है। अगर आपकी गेंद पर शॉट पड़ते भी हैं तो मैदान बड़ा होने के कारण आप मौके बना सकते हैं और विकेट ले सकते हैं।

युजवेंद्र सिंह चहल के साथ आपकी जोड़ी बेहतरीन है। आप दोनों एक-साथ बहुत अच्छा करते हो। इस पर आपका क्या कहना है?

आप सही कह रहे हैं। वनडे क्रिकेट की बात करें तो बीच के ओवर अहम होते हैं। अगर हम साझेदारी से गेंदबाजी करते हैं और तीन-चार विकेट अगर बीच के ओवरों में निकालते हैं तो टीम के लिए अच्छा हो जाता है। हम आपस में बात करते रहते हैं कि किस बल्लेबाज को कहां दिक्कत हो रही है, गेंद को कहां डालना है।

दायें हाथ का बल्लेबाज मेरे सामने अच्छा कर रहा है तो उसके पास उसे आउट करने का मौका रहता है। बायें हाथ का बल्लेबाज उसके सामने अच्छा कर रहा है तो मैं उसको आउट करने की जिम्मेदारी लेता हूं। हम दोनों मध्य ओवरों में विकेट निकालना चाहते हैं।

इंग्लैंड में आप एक ही टेस्ट खेले। ऑस्ट्रेलिया में भी अब आपके सामने चुनौती है। टेस्ट में रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा जैसे दो वरिष्ठ स्पिनर हैं। कितनी प्रतिस्पर्धा मानते हैं?

कोई कंपटीशन ही नहीं है। वे दोनों अच्छे स्पिनर हैं। दोनों ने भारत के लिए अच्छा किया है। मैं एक युवा के तरह खुद को देखता हूं। मैं वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला हूं और मानता हूं कि जितना खेलूंगा, उतने ही मौके मिलेंगे। अच्छा करने के लिए समय भी लगता है। ज्यादा मौके मिलेंगे तो अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा। उनसे किसी तरह की प्रतिस्पर्धा नहीं है।

अश्विन और जडेजा वरिष्ठ खिलाड़ी हैं। मेरा किसी से कंपटीशन नहीं हैं। टेस्ट में वे दोनों काफी विकेट ले चुके हैं। वे दो-तीन दौरे ऑस्ट्रेलिया के कर चुके हैं इसलिए उनसे सामंजस्य बनाकर चलना जरूरी है और उनसे बातचीत करने से फायदा ही मिलेगा।

विराट की कप्तानी को देखते हुए टीम में रहना कितना अच्छा है। कितना सिखाते हैं आपको?

वह टीम का बहुत अच्छा नेतृत्व करते हैं। उनके नेतृत्व में खेलते हुए मुझे दो वर्ष हो गए हैं। वह जितना भरोसा दिखाते हैं, वह बहुत अच्छा है। अगर किसी युवा को कप्तान बैक करते हैं तो वह भी सोचता है कि मुझे टीम के लिए अच्छा करना है। वह एक लीडर की तरह टीम का नेतृत्व करते हैं और हम उन्हें फॉलो करते हैं। वह टीम को अच्छे से संभालते हैं और हर खिलाड़ी का महत्व समझते हैं। इसी वजह से हम सभी अच्छा कर पाते हैं।

पिछले कुछ वर्षो में सीमित ओवर क्रिकेट में महेंद्र सिंह धौनी हमेशा टीम के साथ रहे। वह इस बार ऑस्ट्रेलिया में नहीं होंगे। धौनी के रहने से मदद मिलती है। ना रहने से रिषभ के लिए कितना अच्छा मौका होगा?

थोड़ा सा हम लोगों को अजीब लगेगा। वह टीम को बहुत अच्छे से संभालते हैं। रिव्यू से लेकर वह जो आइडिया देते हैं हम उन सभी को मिस करेंगे। बिलकुल उनके नहीं रहने से फर्क तो पड़ेगा ही। रिषभ पंत के पास अच्छा करने का पूरा मौका होगा। वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछले मुकाबले में उसने अच्छी बल्लेबाजी की थी। उसके पास मौका है और उम्मीद है कि वह अच्छा करेगा।

क्रिकेट की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

अन्य खेलों की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

 

Posted By: Lakshya Sharma

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप