अभिषेक त्रिपाठी, साउथैंप्टन। विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया और मीडिया के बीच कई वर्षों से सब कुछ अच्छा नहीं है, और इसकी एक बानगी सोमवार को भी देखने को मिली। टीम इंडिया के मीडिया मैनेजर की तरफ से बताया गया था कि अभ्यास के बाद टीम का एक खिलाड़ी प्रेस कांफ्रेंस के लिए आएगा। इसी कारण भारतीय मीडिया कांफ्रेंस रूम में इकठ्ठा हो गई। आइसीसी की तरफ से आए प्रतिनिधियों ने प्रेस कांफ्रेंस के सारे नियमों की जानकारी भी दे दी। 15 मिनट इंतजार करने के बाद मीडिया मैनेजर ने कहा कि टीम इंडिया का कोई खिलाड़ी प्रेस कांफ्रेंस में नहीं आएगा, बल्कि टीम को अभ्यास कराने के लिए यहां आए दो तेज गेंदबाज आवेश खान और दीपक चाहर आएंगे।

इसके बाद वहां मौजूद मीडिया नाराज हो गया। उन्हें बताया गया कि यह आइसीसी का टूर्नामेंट है और प्रेस कांफ्रेंस में ऐसे खिलाड़ी को भेजना चाहिए जो इस टूर्नामेंट में खेल रहा है। ऐसे में भारतीय मीडिया मैनेजर ने हास्यास्पद जवाब देते हुए कहा कि ये दोनों मंगलवार को भारत जा रहे हैं, उनको भी थोड़ा सा पब्लिसिटी मिल जाए। अब यह समझ में नहीं आ रहा है कि इस तरह के निर्देश मीडिया मैनेजर को टीम प्रबंधन ने दिए या उन्होंने यह खुद ही कहा।

जबसे भारतीय टीम इंग्लैंड आई है तब से कप्तानों की प्रेस कांफ्रेंस को छोड़कर उनकी तरफ से किसी ने भी मीडिया से बातचीत नहीं की है। इससे पहले 2015 विश्व कप में भी कप्तान महेंद्र सिंह धौनी की प्रेस कांफ्रेंस को लेकर विवाद हुआ। उसमें मैच जल्दी खत्म हो गया था और उसके बाद धौनी फुटबॉल खेलने लगे। जब मीडिया मैनेजर से कहा गया कि नियम के अनुसार प्रेस कांफ्रेंस कराई जाए तो धौनी झुंझलाते हुए आए और कहने लगे कि इसकी वजह से मैं फुटबॉल नहीं खेल पाया। इससे पहले 2010 में श्रीलंका दौरे के समय में मीडिया ने तत्कालीन कप्तान धौनी की प्रेस कांफ्रेंस से वॉकआउट किया था। तब भी वह मैच खत्म होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस की जगह फुटबॉल खेलने में व्यस्त हो गए थे और कई बार जानकारी मिलने के बाद भी समय पर प्रेस कांफ्रेंस में नहीं आए थे।

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