अभिषेक त्रिपाठी, नई दिल्ली। भारत को सभी आइसीसी खिताब दिलाने वाले इकलौते कप्तान MS Dhoni ने दिसंबर 2014 में कप्तान रहते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बीच सीरीज में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था और इस कारण विराट कोहली को कप्तान बनने का मौका मिला। 33 साल की उम्र में उन्होंने अचानक ही टेस्ट क्रिकेट छोड़ दिया था और इसके बाद से उनकी छवि यह बन गई कि वह शीर्ष पर रहते हुए ही क्रिकेट छोड़ेंगे। 2016 में उन्होंने खुद ही वनडे और टी-20 की कप्तानी छोड़ दी। पिछले साल तक उनके करीबी कहते थे कि इंग्लैंड में 2019 विश्व कप के बाद वह सीमित ओवरों के क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अब किसी को नहीं पता कि उनके दिल में क्या चल रहा है?

धौनी की सबसे फेवरिट टीम चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) में उनके साथी खिलाड़ी ने कहा कि किसी को भी इस बात का अनुमान नहीं है कि उनके दिल में क्या चल रहा है? जब किसी ने सोचा नहीं था तब उन्होंने टेस्ट से संन्यास लिया और सीमित ओवरों के क्रिकेट की कप्तानी छोड़ी। पिछले साल विश्व कप के बाद जब सबने सोचा कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे तो उन्होंने ऐसा नहीं किया। जब नियमों के कारण बीसीसीआइ को उन्हें केंद्रीय अनुबंध से बाहर करने को मजबूर होना पड़ा तो वह रांची में बल्ला थामे नजर आए। धौनी ऐसे ही हैं। अभी सिर्फ इतना कहा जा सकता है कि वह अगले सत्र में आइपीएल में खेलेंगे।

वहीं बीसीसीआइ के पदाधिकारी ने कहा कि धौनी ने अपने भविष्य को लेकर फिलहाल किसी से बात नहीं की है। मुझे नहीं लगता किसी ने उनसे इस बारे में पूछा भी है और उन्होंने किसी को इस बारे में बताया भी है। यह वही जानते हैं कि उन्हें क्या करना है और इतने बड़े खिलाड़ी से संन्यास के बारे में किसी को पूछना भी नहीं चाहिए। उन्हें जब लगेगा तो वह अपने भविष्य पर फैसला लेंगे।

ब्रांड वैल्यू या टी-20 विश्व कप

जब क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने संन्यास लिया था तो उनकी ब्रांड वैल्यू भी धड़ाम हो गई थी। क्या इसी कारण धौनी अभी संन्यास की घोषणा नहीं कर रहे हैं। पिछले साल टी-20 विश्व कप से पहले धौनी बल्ले के लोगो के लिए लंबे समय का करार करना चाहते थे लेकिन कोई कंपनी इसके लिए तैयार नहीं हुई। इसके बाद वह विश्व कप में कई कंपनियों का लोगो लगाकर मैदान में उतरे। उनके प्रतिनिधि ने तब कहा था कि क्रिकेट के शुरुआती समय में जिन्होंने उनकी मदद की, उनके फ्री में उनके लोगो को बल्ले में लगाकर खेलकर धौनी उनको सम्मान दे रहे हैं।

धौनी ने हाल ही में एक समारोह में वापसी के सवाल पर कहा था कि जनवरी तक मत पूछो। फिलहाल जनवरी चल रही है और धौनी ने अभ्यास करना शुरू कर दिया है। आइपीएल से जुडे़ एक सदस्य ने कहा कि अगर धौनी आइपीएल से पहले संन्यास लेते हैं तो उनकी ही नहीं सीएसके की ब्रांड वैल्यू में भी गिरावट आएगी क्योंकि वह उसके कप्तान हैं। अब देखना है कि उनके दिमाग में आइपीएल है या ऑस्ट्रेलिया में होने वाला टी-20 विश्व कप?

टीम इंडिया के दरवाजे बंद नहीं

बीसीसीआइ के एक शीर्ष अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि केंद्रीय अनुबंध सूची से महेंद्र सिंह धौनी को बाहर करना तय था और उन्हें राष्ट्रीय चयन समिति ने सूची को अंतिम रूप देने से पहले इसकी जानकारी दे दी थी। पूर्व कप्तान अगर इस साल टी-20 टीम में शामिल होते हैं तो उन्हें सूची में फिर जगह मिल सकती है। हालांकि इसकी संभावना कम है। अधिकारी ने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि बीसीसीआइ के एक शीर्ष पदाधिकारी ने केंद्रीय अनुबंध के बारे में उनसे बात की थी। उन्हें बताया गया कि उन्होंने सितंबर 2019 से अब तक कोई मैच नहीं खेला है तो उन्हें सूची में नहीं रखा जा सकता।

धौनी ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप की टीम में जगह बनाते हैं तो उन्हें अनुबंध दिया जा सकता है। मौजूदा नियम के तहत उसी खिलाड़ी को केंद्रीय अनुबंध दिया जा सकता है जिसने कम से कम तीन टेस्ट, या आठ वनडे या आठ टी-20 खेले हों। केंद्रीय अनुबंध का देश के लिए खेलने से कोई कोई लेना-देना नहीं है। वह अच्छा प्रदर्शन कर भारतीय टीम में जगह बनाने की दावेदारी पेश कर सकते हैं। कोई इसे रास्ते बंद होने और चयनकर्ताओं से संकेत मिलने की तरह देखता है तो ऐसा नहीं है।

पहले भी ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जो बिना केंद्रीय अनुबंध के खेले हैं। टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने हाल ही में कहा था कि धौनी को लेकर आइपीएल तक इंतजार कीजिए। उनकी वापसी पर शास्त्री ने कहा था कि यह निर्भर करता है कि वह कब खेलना शुरू करते हैं और आइपीएल में कैसा खेलते हैं। वहीं दूसरे खिलाड़ी विकेटकीपिंग में क्या कर रहे हैं और धौनी के मुकाबले उनकी फॉर्म क्या है।

Posted By: Sanjay Savern

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