ऋषभ पंत को एमएस धोनी पर तरजीह, पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने एशियाई टेस्ट टीम का चयन करके चौंकाया
भारत के पूर्व क्रिकेटर ने अपनी एशिया XI की टीम में एमएस धोनी को शामिल नहीं किया है। पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर को अपनी टीम का कप्तान बनाया है।

इमरान खान-एमएस धोनी

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। क्रिकेट में जब भी महान कप्तानों की बात की जाती है, तो एमएस धोनी का नाम जरूर आता है। खासकर अगर एशिया में देखें, तो उनसे बड़ा कप्तान कोई नहीं हुआ। हालांकि, भारत के पूर्व क्रिकेटर ने धोनी को एशिया इलेवन की अपनी टीम में नहीं चुना है। उन्हें टीम से ही बाहर का रास्ता दिखा दिया है। एशिया की टेस्ट 11 में इमरान खान को कप्तानी मिली है।
भारत के पूर्व बल्लेबाज वसीम जाफर ने अपनी एशिया की 11 चुनी है। इस टीम में उन्होंने धोनी को शामिल नहीं किया है। जाफर ने विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर ऋषभ पंत को अपनी टीम में जगह दी है। टेस्ट क्रिकेट में धोनी का रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा, जिसकी वजह से जाफर ने उन्हें अपनी टीम में जगह नहीं दी है। वहीं पूर्व पाकिस्तानी कप्तानी इमरान खान दुनिया के महान ऑलराउंडर में गिने जाते हैं और उनकी कप्तानी भी शानदार रही थी।
वसीम जाफर ने इमरान खान को बनाया कप्तान
जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर एशिया की 11 चुनी। उन्होंने कहा, "टेस्ट क्रिकेट में मेरी टीम के कप्तान इमरान खान होंगे। सचिन तेंदुलकर उप-कप्तान होंगे। मुझे लगता है कि धोनी को मेरी टीम में जगह नहीं मिलेगी। उनकी जगह मैं ऋषभ पंत को शामिल करूंगा।" धोनी का टेस्ट कप्तान के तौर पर रिकॉर्ड कुछ खास नहीं है। उनका टेस्ट में कप्तानी करते हुए जीत प्रतिशत 45 का रहा। दूसरी तरफ विराट कोहली भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान हैं, जिन्होंने टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में जीत दिलाई।
इमरान खान इस समय पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। हाल ही में कई कप्तानों ने उन्हें लेकर पत्र लिखा है और अपनी चिंता जाहिर की है। खान के स्वास्थय को लेकर भी चिंता बनी हुई है। इसी को लेकर जाफर ने भी चिंता जताई है। उन्होंने इमरान की एक नेता के तौर पर भी जमकर प्रशंसा की है। जाफर का कहना है कि इमरान चाहते, तो इंग्लैंड में जाकर बस सकते थे लेकिन उन्होंने यहां रुककर पाकिस्तान की हालत को सुधारने की कोशिश की।
जाफर ने की इमरान खान की प्रशंसा
पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने आगे कहा, "उनके साथ बेहतर व्यवहार किया जाना चाहिए। वे पाकिस्तान के लिए गर्व हैं। उन्होंने पाकिस्तान को वर्ल्ड कप जिताया, वे महान खिलाड़ी और कप्तान होने के साथ-साथ बेहतरीन नेता भी थे। वे आसानी से इंग्लैंड या फिर किसी अन्य देश में जाकर बस सकते थे लेकिन उन्होंने यहां रहकर देश के हालात सुधारने पर काम किया।"
