जयपुर। गुलाबी नगरी में बुधवार को सवाइ मान सिंह स्टेडियम पर जो कुछ हुआ वह दुनिया भर के भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए एक गजब का नजारा रहा, भारत ने ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए 360 के लक्ष्य को 43.3 ओवर में हासिल करके अद्भुत खेल का प्रदर्शन किया। इस जीत में टीम इंडिया के बल्लेबाजी क्रम में चोटी के तीनों बल्लेबाजों (धवन, रोहित और कोहली) ने धूम मचाई लेकिन जिस एक बल्लेबाज के प्रदर्शन ने सबसे ज्यादा प्रभाव छोड़ा वो थे टीम के उपकप्तान विराट कोहली जिन्होंने 52 गेंदों में शतक जड़ते हुए ना सिर्फ कंगारू गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दीं, बल्कि किसी भी भारतीय द्वारा वनडे में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। जब वो खेल रहे थे तब फैंस को ना ही भारतीय वनडे इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाज सचिन की कमी खली और ना ही सबसे धुआंधार बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की।

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विराट 27वें ओवर की दूसरी गेंद में पिच पर तब आए जब दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से शिखर धवन फॉकनर की गेंद पर विकेटकीपर हैडिन को कैच थमा बैठे और महज 5 रन से अपने शतक से चूक गए। रोहित और धवन के दम पर टीम इंडिया पहले विकेट के लिए 176 रनों की जानदार साझेदारी को अंजाम दे चुकी थी लेकिन जैसे ही धवन का विकेट गिरा तो धड़कनें बढ़ गईं क्योंकि अच्छी शुरुआत के बावजूद कई बार भारतीय बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह ढह चुका है, लेकिन विराट का फॉर्म है जो थमने का नाम ही नहीं ले रहा है।

कोहली ने आते ही अपने शॉट्स खेलने शुरू कर दिए और महज 27 गेंदों में 4 छक्कों और तीन चौकों की मदद से 50 रन ठोंक डाले। कंगारू उनके इस रवैये को देखकर हैरत में पड़ गए थे, लेकिन विराट ने एक बार भी पीछे मुड़कर नहीं देखा, वो खेलते रहे और कंगारू गेंदबाज पिटते रहे, या ये कहें कि बुरी तरह पिटते रहे क्योंकि उन्होंने फिर महज 52 गेंदों पर 7 छक्कों और 8 चौकों के मदद से अपना शतक पूरा कर लिया।

कोहली ने 82 मिनट बल्लेबाजी की और वो पूरा समय विरोधी गेंदबाजों पर हावी ही दिखे, नतीजतन भारतीय फैंस को भारतीय वनडे इतिहास का सबसे तेज शतक भी देखने को मिल गया। जो रिकॉर्ड इससे पहले वीरेंद्र सहवाग के नाम था, वीरू ने मार्च 2009 में न्यूजीलैंड के खिलाफ हैमिल्टन में 60 गेंदों में पर शतक जड़ते हुए मैच में कुल 125 रनों की पारी खेली थी। भारत ने वो मैच 84 रनों (डकवर्थ-लुइस नियम) से जीता था।

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विराट कोहली का यह 16वां वनडे शतक था और मौजूदा टीम में वह भारत की तरफ से सबसे ज्यादा वनडे शतक बनाने वाले खिलाड़ी भी हैं। कोहली ने जयपुर में अपनी पारी के दौरान सबसे ज्यादा रन कंगारू स्पिनर जेवियर डोहर्टी के खिलाफ बनाए। डोहर्टी की 15 गेंदों का सामना करते हुए कोहली ने 29 रन बनाए। गौरतलब है कि कोहली की वनडे में सबसे बड़ी पारी 183 रनों की है जो कि उन्होंने 18 मार्च 2012 को ढाका में पाकिस्तान के खिलाफ बनाए थे।

आइए एक नजर डालते हैं वनडे क्रिकेट इतिहास के टॉप-10 तेज शतकों पर:

1. शाहिद अफरीदी (पाकिस्तान, 102 रन): श्रीलंका के खिलाफ 1996 में 37 गेंदों पर शतक

2. मार्क बाउचर (द.अफ्रीका, नाबाद 147):

जिंबॉब्वे के खिलाफ 2006 में 44 गेंदों पर शतक

3. ब्रायन लारा (वेस्टइंडीज, 117 रन): बांग्लादेश के खिलाफ 1999 में 45 गेंदों पर शतक

4. शाहिद अफरीदी (पाकिस्तान, 102 रन):

भारत के खिलाफ 2005 में 45 गेंदों पर

5. सनथ जयसूर्या (पाकिस्तान, 134 रन):

पाकिस्तान के खिलाफ 1996 में 48 गेंदों में शतक

6. केविन ओ ब्रायन (आयरलैंड, 113 रन):

इंग्लैंड के खिलाफ 2011 में 50 गेंदों में शतक

7. विराट कोहली (भारत, नाबाद 100 रन):

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2013 में 52 गेंदों में शतक

8. शाहिद अफरीदी (पाकिस्तान, 124 रन):

बांग्लादेश के खिलाफ 2010 में 53 गेंदों में शतक

9. सनथ जयसूर्या (श्रीलंका, 130 रन):

बांग्लादेश के खिलाफ 2008 में 55 गेंदों में शतक

10. एबी डीविलियर्स (द.अफ्रीका, 102 रन):

भारत के खिलाफ 2010 में 58 गेंदों में शतक

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