नई दिल्ली, अभिषेक त्रिपाठी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) में बचे तीन दिग्गज उपाध्यक्ष सीके खन्ना, कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी और संयुक्त सचिव अमिताभ चौधरी बोर्ड में अपनी भूमिका पर स्पष्टता चाहते हैं और इसके लिए जल्द ही इनकी तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी जाएगी। ये तीनों पहले ही सुप्रीम कोर्ट में लोढ़ा समिति की सिफारिशों को मानने की अंडरटेकिंग भी दे चुके हैं।

दो जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर को अध्यक्ष और अजय शिर्के को सचिव पद से हटा दिया गया था। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि बोर्ड का वरिष्ठ उपाध्यक्ष, अध्यक्ष का काम और संयुक्त सचिव, सचिव का काम देखेगा। इसके बाद भी इसमें कई दिनों तक पशोपेश की स्थिति रही। हालांकि इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व कैग प्रमुख विनोद राय के नेतृत्व में चार सदस्यीय प्रशासकों की समिति बना दी, जो बोर्ड और राज्य संघों में लोढ़ा समिति की सिफारिशें लागू करके नए सिरे से चुनाव कराएगी। इस दौरान बोर्ड के सीईओ राहुल जौहरी बोर्ड के प्रशासनिक काम कर रहे हैं।

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सूत्रों के मुताबिक अभी भी भुगतान के लिए आने वाले सभी चेकों पर कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ही हस्ताक्षर कर रहे हैं। अनिरुद्ध और अमिताभ बोर्ड प्रतिनिधि के तौर पर दुबई में हुई आइसीसी बैठक में भी भाग लेने गए थे। हालांकि बीच में अमिताभ को भारतीय टीम की चयन समिति की बैठक का संयोजन करने से रोका भी गया। कुल मिलाकर अभी भी बोर्ड के कामकाज को लेकर बहुत ज्यादा स्पष्टता नहीं है और यही कारण है कि त्रिमूíत की तरफ से इसमें स्पष्टता लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में जाने का विचार किया गया है।

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