नई दिल्ली, संजय सावर्ण। वर्ल्ड कप 2015 के शुरुआती मुकाबलों में टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। छह लीग मुकाबले और क्वार्टर फाइनल में लगातार जीत के बाद टीम ने सेमीफाइनल में जगह बनाई, मगर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में कुछ ऐसी गलतियां हुईं जिसकी वजह से टीम को हार मिली और वर्ल्ड कप से बाहर होना पड़ा। आखिरी क्या थी वो गलतियां डालते हैं उन पर एक नजर-

टॉस हारना पड़ा महंगा

सेमीफाइनल में भारत को टॉस हारना महंगा पड़ा गया। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और भारत के सामने पहाड़ सा लक्ष्य दिया। धौनी के मुताबिक अगर वो टॉस जीतते तो पहले बल्लेबाजी करते। यहां धौनी का लक नहीं चला।

तेज गेंदबाजों का खराब प्रदर्शन

टीम के तीनों तेज गेंदबाज काफी महंगे साबित हुए। मो. शमी, उमेश यादव और मोहित शर्मा ने 29 ओवर में 215 रन लुटाए। डेथ ओवर्स में ये गेंदबाज ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने से नहीं रोक सके।

स्पिनर्स भी रहे बेअसर

मैच से पहले ये माना जा रहा था कि सिडनी में स्पिनर्स को काफी मदद मिलेगी, मगर ऐसा नहीं हुआ। स्पिनर्स दबाव नहीं झेल पाए। जडेजा ने अपने 10 ओवरों में 56 रन लुटाए और उन्हें कोई सफलता भी नहीं मिली। अश्विन भी इस मुकाबले में विकेट के लिए तरसते दिखे।

स्मिथ को रोकने में सफल नहीं रही टीम इंडिया

वर्ल्ड कप से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में स्मिथ ने भारत के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की थी और सेमीफाइनल में भी स्मिथ का बल्ला भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ जमकर बोला। भारतीय टीम ने इस बल्लेबाज से निपटने कि लिए कोई खास रणनीति नहीं बनाई थी। स्मिथ ने इसका जमकर फायदा उठाया।

300 के अंदर नहीं रोक पाए ऑस्ट्रेलिया को

कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी की ये कोशिश थी कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को 300 के अंदर रोका जाए मगर वो इसमें कामयाब नहीं हो पाए। हालांकि भारतीय टीम को पहली सफलता जल्दी ही मिल गई मगर ऑस्ट्रेलिया के बाद के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और 328 रन बनाने में कामयाब रहे।

शुरुआत अच्छी, मगर बाद में बिखर गई टीम इंडिया

भारतीय ओपनर्स ने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। टीम का पहला विकेट 76 रन पर गिरा मगर बाद के बल्लेबाजों ने इसका फायदा नहीं उठाया और वो जल्दी-जल्दी आउट होते चले गए।

धवन का गैर-जिम्मेदार रवैया

वर्ल्ड कप 2015 में शिखर का बल्ला खूब चला। उन्होंने 400 से ज्यादा रन बनाए पर अहम मौके पर वो गैर जिम्मेदार हो गए। शिखर का शॉट चयन बेहद खराब रहा और वो कैच आउट हो गए। धवन को शायद ऐसा शॉट खेलने की आवश्यकता नहीं थी।

दबाव नहीं झेेल पाए विराट

टीम के उपकप्तान विराट कोहली से इस मैच में काफी उम्मीदें थी। मगर पिछले कुछ मैच से फ्लॉप चल रहे विराट टीम के लिए कुछ नहीं कर पाए और एक रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

समय पर काम नहीं आए रैना

क्वार्टर फाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ टीम की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले रैना इस मैच में बुरी तरह से पिट गए। जिस वक्त उन्हें जिम्मेदारी से बल्लेबाजी करनी चाहिए थी उस वक्त वो महज सात रन बनाकर कैच आउट हो गए।

धौनी का साथ नहीं दिया रहाणे ने

आजिंक्य रहाणे कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी के साथ अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे मगर वो काफी जल्दबाजी में नजर आ रहे थे। अपनी जल्दबाजी का खमियाजा उन्हें आउट होकर चुकाना पड़ा। अगर रहाणे धौनी का साथ देते तो शायद नतीजा कुछ और हो सकता था।

पिट गए भारतीय ऑलराउंडर

टीम इंडिया में ऑलराउंडर के तौर पर खेल रहे जडेजा और अश्विन अपने बल्ले से कोई कमाल नहीं दिखा पाए। इसका असर सेमीफाइनल में साफ तौर पर दिखा।

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Posted By: sanjay savern