उमेश राजपूत, नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में चार टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए जो रूट की अगुआई वाली इंग्लैंड की टीम बुधवार को चेन्नई पहुंच गई। वहीं, सहयोगी स्टाफ के साथ भारत के कुछ खिलाड़ी भी चेन्नई पहुंच चुके हैं। दोनों देशों के बीच पांच फरवरी से चेपक स्टेडियम में शुरू होने वाली इस सीरीज के बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों ही टीमें शानदार लय में हैं और दोनों ही टीमों के हौसले बुलंद हैं। साथ ही यह टेस्ट सीरीज काफी हद तक यह तय कर देगी कि इस साल जून में लॉ‌र्ड्स में होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में कौन सी दो टीमें आमने-सामने होंगी।

भारत का विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचना लगभग तय है। उसके 430 अंक हैं और वह 71.7 प्रतिशत अंकों के साथ पहले स्थान पर है। न्यूजीलैंड (420 अंक) दूसरे स्थान पर है, जिसका अंक प्रतिशत 70 है। तीसरे स्थान पर काबिज ऑस्ट्रेलिया (332 अंक) का अंक प्रतिशत 69.2 है। इंग्लैंड (412 अंक) का अंक प्रतिशत 68.7 है। वह ऑस्ट्रेलिया से 0.5 अंक प्रतिशत ही पीछे है। भारतीय टीम अगर इंग्लैंड को 2-0 से हरा देती है तो वह फाइनल में अपनी जगह पक्की कर लेगी।

भारतीय टीम अगर इंग्लैंड के खिलाफ एक टेस्ट हार जाती है तो उसे बाकी तीन मैच जीतने होंगे। वहीं, जून तक न्यूजीलैंड को कोई टेस्ट सीरीज नहीं खेलनी है, जबकि ऑस्ट्रेलिया को अब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है और उसे उस सीरीज से 89 अंक हासिल करने होंगे, तभी वह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंकतालिका में न्यूजीलैंड से आगे पहुंच पाएगी। यह केवल तभी हो सकता है, जब ऑस्ट्रेलिया कम से कम दो टेस्ट जीते और एक ड्रॉ खेले। वहीं, इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया के लिए भी मुश्किल खड़ी कर सकती है।

पिछले चार सीरीज जीते हैं इंग्लैंड ने : टीम इंडिया इंग्लैंड को हल्के में लेने की भूल नहीं करेगी, क्योंकि वो जानती है यह इंग्लिश टीम दो टेस्ट मैचों की सीरीज में श्रीलंका का उसके घर में सूपड़ा साफ करके सीधे भारत पहुंची है। इंग्लैंड ने पिछली चार सीरीज अपने नाम की हैं, जिसमें से तीन सीरीज तो उसने कोरोना काल के दौरान जीती हैं। इंग्लैंड उन दो टीमों में से एक है जिन्होंने कोरोना काल के दौरान पहली टेस्ट सीरीज खेली थी। वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने घर में उस सीरीज को जीतने के बाद इंग्लैंड की टीम अपने मैदानों पर पाकिस्तान को भी हरा चुकी है।

भारत को हराना भी आसान नहीं : दूसरी ओर, इंग्लैंड की टीम जानती है कि भारत को उसकी सरजमीं पर हराना कोई आसान काम नहीं है और कप्तान विराट कोहली की वापसी से उस टीम इंडिया की ताकत में इजाफा ही होगा, जो हाल में अजिंक्य रहाणे के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया का उसके घर में मानमर्दन करके आई है। यह कोरोना काल में भारत की पहली सीरीज थी और उसने कप्तान कोहली सहित कई अहम खिलाड़ी की गैरमौजूदगी रहाणे के नेतृत्व में जिस तरह से ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीती, उसने उसे संपूर्ण क्रिकेट जगत की वाहवाही का हकदार बना दिया।

जहां पिछले दौरे का अंत, वहीं से अब आगाज : इंग्लिश टीम पिछली बार 2016 के अंत में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारत आई थी और उसे तब 0-4 से हार का मुंह देखना पड़ा था। तब इंग्लैंड ने अपना अंतिम टेस्ट चेन्नई में खेला था और इस बार सीरीज के शुरुआती दोनों टेस्ट चेन्नई में ही खेले जाएंगे। यह वही टेस्ट था जिसमें करुण नायर ने तिहरा शतक जड़ा था, जबकि केएल राहुल दोहरे शतक से एक रन से चूक गए थे। इसके अलावा रवींद्र जडेजा ने टेस्ट में 10 विकेट लिए थे, जिसमें दूसरी पारी में सात विकेट शामिल थे।

हालांकि, अब करुण को टीम इंडिया लगभग भुला चुकी है और राहुल को टीम प्रबंधन का भरोसा जीतना होगा। जडेजा चोटिल होने की वजह से टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन चेपक रविचंद्रन अश्विन का घरेलू मैदान है और वहां उनकी फिरकी इंग्लिश बल्लेबाजों को अच्छा खासा नाच नचा सकती है। दूसरा टेस्ट 13 फरवरी से खेला जाएगा। तीसरा व चौथा टेस्ट अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में होंगे। तीसरा टेस्ट डे-नाइट होगा, जो 24 फरवरी से खेला जाएगा, जबकि अंतिम टेस्ट चार मार्च से शुरू होगा।

नंबर गेम :

-9 टेस्ट भारत और इंग्लैंड ने चेपक स्टेडियम में खेले हैं, जिसमें भारत ने पांच और इंग्लैंड ने तीन जीते हैं। एक टेस्ट ड्रॉ रहा है।

--32 टेस्ट भारत ने चेपक में अब तक खेले हैं, जिसमें 14 जीते और छह हारे। 11 टेस्ट ड्रॉ रहे, जबकि 1986 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया टेस्ट टाई रहा था।

--दो टेस्ट भारत और इंग्लैंड के बीच अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में हुए हैं। इसमें भारत ने एक जीता है और एक ड्रॉ रहा है।

--12 टेस्ट भारत ने मोटेरा में खेले हैं, जिसमें चार जीते और दो हारे हैं, जबकि छह ड्रॉ हुए हैं।

Ind-vs-End

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप