नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। ICC T20 World Cup 2021 में विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम जिस डर के साथ उतरी थी, उस डर का सामना इस मेगा इवेंट के पहले ही मैच में टीम इंडिया को करना पड़ा। पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम ने अफने टी20 विश्व कप अभियान की शुरुआत की और अपने आगाज मैच में ही टीम इंडिया को वो कमी खली, जिसकी चर्चा काफी समय से थी। ये कमी थी छठवें गेंदबाज की और पाकिस्तान के खिलाफ ये कमी बखूबी उजागर भी हो गई।

दुबई के रेगिस्तान में रनों का बवंडर तो देखने को नहीं मिला, लेकिन फिर भी मैच में 300 से ज्यादा रन बने। वहीं, भारतीय टीम जिन पांच गेंदबाजों के साथ उतरी थी, उनमें से एक भी गेंदबाज को विकेट नहीं मिला। यहां तक कि एक भी ऐसा मौका नहीं बना, जब लगा हो कि टीम के किसी गेंदबाज को विकेट मिलेगी। कप्तान विराट कोहली के पास गिने-चुने विकल्प थे, उन्हीं से वे गेंदबाजी करा सकते थे। भुवनेश्वर कुमार, मुहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती और रवींद्र जडेजा के अलावा कोई गेंदबाजी विकल्प नहीं था।

भारतीय टीम हार्दिक पांड्या को अक्सर छठवें गेंदबाज के रूप में इस्तेमाल करती है, लेकिन हार्दिक ने इस मैच में चोटिल होने से पहले ही ये स्पष्ट कर दिया था कि वे कम से कम लीग मैचों में गेंदबाजी करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में ये बात भी साफ हो गई थी कि भले ही हार्दिक पांड्या बल्लेबाज के दौरान चोटिल नहीं होते तो भी वे गेंदबाजी के लिए नहीं आते। इसी कमी को लेकर दुनिया के क्रिकेट पंडितों ने सवाल किया था, जिसका जवाब भारतीय टीम मैनेजमेंट को नहीं मिला।

विराट कोहली के पास एक भी ऐसा विकल्प नहीं था, जिससे कि वे एक या दो किसी अन्य गेंदबाज से निकलवाते तो शायद पाकिस्तान के बल्लेबाजी की लय बिगड़ती और विकेट का चांस बनता। कप्तान विराट कोहली के पास खुद के अलावा रोहित शर्मा के रूप में विकल्प था, लेकिन दोनों ही खिलाड़ी सीमित ओवरों की क्रिकेट में गेंदबाजी नहीं करते हैं और कम से कम इतने बड़े मैच में रिस्क लेने से डरते हैं। यही वजह रही कि पाकिस्तान ने 10 विकेट भारत को हरा दिया।

Edited By: Vikash Gaur