केपटाउन, जेएनएन। केपटाउन टेस्ट मैच के दूसरे दिन भारतीय टीम के लिए भले ही इस मुकाबले में मुश्किलें बढ़ गई हों, लेकिन इस दौरान टीम इंडिया को एक ऐसी खुशखबरी मिली जिसकी वजह से विराट सेना की मुसीबत थोड़ी कम हो सकती है। 

भारतीय टीम को मिली ये बड़ी खबर

एक साल बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने वाले डेल स्टेन भारत की पहली पारी में 17.3 ओवर गेंदबाजी करने के बाद ही चोटिल होकर पवेलियन लौटे गए। दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद दक्षिण अफ्रीकी प्रबंधन ने बताया कि गेंदबाजी करते समय उनकी एड़ी में फिर चोट आ गई है। वह इस मैच में आगे गेंदबाजी नहीं करेंगे। डॉक्टर ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। उन्हें ठीक होने में चार से छह माह का समय लगेगा। इसका मतलब यह है कि वह तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में आगे नहीं खेल पाएंगे। 

 

स्टेन ने किए दो शिकार

भारतीय टीम की पहली पारी में स्टेन ने दो विकेट चटकाए। पहले उन्होंने टीम इंडिया के ओपनर शिखर धवन को 16 रन पर कॉट एंड बोल्ड आउट कर भारतीय टीम को बड़ा झटका दिया। इसके बाद उन्होंने विकेटकीपर रिद्दीमान साहा खाता तक खोलने का मौका नहीं दिया और उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट कर भारतीय टीम को एक और झटका दिया था।

इसलिए भारतीय टीम को मिलेगी राहत

स्टेन से टेस्ट सीरीज़ से बाहर होने से भारतीय टीम को बड़ी राहत मिलेगी। एक तो स्टेन के पास द. अफ्रीका की टीम में मौजूद सभी तेज़ गेंदबाज़ों में सबसे ज़्यादा अनुभव है, दूसरा वो अपनी काबिलियत के दम नई गेंद से तो विकेट लेकर टीम इंडिया पर दबाव बना ही सकते थे, साथ ही साथ वो इस टीम में सबसे अच्छी तरह से रिवर्स स्विंग कराने में भी सक्षम थे। यानि की स्टेन की मौजूदगी से न तो टीम इंडिया नई गेंद से सांस ले पाती और न ही वो पुरानी गेंद से भारत पर वार करने में कोई कोर कसर छोड़ते। ऐसा नहीं है कि फिलेंडर, रबादा और मोर्कल के पास रिवर्स स्विंग की कला नहीं है, लेकिन ये तीनों तेज़ गेंदबाज़ स्टेन जितने बेहतरीन तरीके से रिवर्स स्विंग का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं।

द. अफ्रीकी टीम ने माना ये है बड़ा झटका

दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज कैगिसो रबादा ने कहा कि निश्चित तौर पर स्टेन का चोटिल होना खराब खबर है लेकिन अभी तक हम तीन तेज गेंदबाजों के साथ ही खेलते आ रहे थे। इस मैच में हम चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरे थे। हम तीनों पूरी कोशिश करेंगे। मालूम हो कि स्टेन ने नवंबर 2016 में पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी टेस्ट मैच खेला था। उसके बाद से वह टीम से बाहर चल रहे थे।

पिछले साल दिसंबर में उन्होंने टीम में वापसी की थी। भारत के खिलाफ पहले टेस्ट मैच से पहले उनके खेलने पर आशंका जताई जा रही थी। शनिवार को जब वह अपना 18वां ओवर फेंक रहे थे उनके पैरों में खिंचाव आ गया। उन्होंने ओवर आगे बढ़ाने के लिए रनअप लिया लेकिन वह गेंद नहीं फेंक सके। इसके बाद वह पवेलियन चले गए। उनका ओवर फिलेंडर ने पूरा किया।

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Posted By: Pradeep Sehgal