नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। एजबेस्टन टेस्ट मैच के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम ने तय सीमा के अंदर ओवर के कोटे को पूरा नहीं किया और दो ओवर कम फेंके। इसके लिए आइसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी डेविड बून ने भारतीय टीम पर जुर्माना लगा दिया। इस मैच में जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में भारतीय टीम को पहले हार मिली और फिर टीम पर जुर्माना लगाया गया जो इस टीम के लिए दोहरा झटका साबित हुआ। 

स्लो ओवर रेट के लिए आइसीसी की आचार संहिता 2.22 के मुताबिक मैच फीस का 20 फीसदी जुर्माने के तौर पर लगाया जाता है। इसके अलावा, आइसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) की खेल शर्तों के अनुच्छेद 16.11.2 के अनुसार, एक टीम को प्रत्येक ओवर शार्ट के लिए एक अंक का दंड दिया जाता है। नतीजतन, भारत के कुल अंकों में से दो डब्ल्यूटीसी अंक काट लिए गए हैं।

एजबेस्टन टेस्ट मैच में कप्तानी करने वाले भारतीय कप्तान जसप्रीत बुमराह ने अपनी गलती को स्वीकार कर लिया जिसकी वजह से औपचारिक सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं हुई। वहीं इस मैच के दौरान फील्ड अंपायर अलीम डार और रिचर्ड केटलबोरो, तीसरे अंपायर मरैस इरास्मस और चौथे अंपायर एलेक्स व्हार्फ ने भारतीय टीम पर ये आरोप लगाए थे।

आपको बता दें कि भारतीय टीम को एजबेस्टन टेस्ट मैच में 7 विकेट से हार मिली। इस मैच में टीम इंडिया ने इंग्लैंड की टीम को जीत के लिए 378 रन का टारगेट दिया था जिसे इस टीम ने जो रूट और जानी बेयरस्टो की नाबाद शतकीय पारी के दम पर हासिल कर लिया और टीम को जीत दिला दी। इस मैच में जीत के साथ ही भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए पांच मैचों की टेस्ट सीरीज की समाप्ति 2-2 की बराबरी के साथ हुई। इस मैच में बेयरस्टो को प्लेयर आफ द मैच चुना गया जबकि जो रूट और बुमराह को प्लेयर आफ द सीरीज चुना गया। 

Edited By: Sanjay Savern