नई दिल्ली, जेएनएन। तेज गेंदबाज दीपक चाहर (Deepal Chahar) ने तीन दिन में दूसरी हैट्रिक ली है। बांग्लादेश के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मैच और फिर सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में दूसरी हैट्रिक अपने नाम की। बांग्लादेश के खिलाफ हैट्रिक समेत 6 विकेट लेने का कमाल करने वाले दीपक चाहर को पिता लोकेंद्र सिंह चाहर से भी शाबासी मिल चुकी है।

दीपक चाहर के पिता लोकेंद्र चाहर ने कहा कि नेट पर कम से कम एक लाख गेंद फेंकने के बाद उनका बेटा इस तरह का प्रदर्शन कर पाया। वायुसेना से सेवानिवृत्त कर्मचारी लोकेंद्र सिंह इस दिन का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। उनके बेटे दीपक ने अंतत: जादुई प्रदर्शन किया जिसकी शुरुआत आगरा में एक टर्फ विकेट पर हुई थी।

लोकेंद्र सिंह चाहर और उनका बेटा (दीपक चाहर) जिस लम्हें को हमेशा याद रखेगा वह नागपुर में बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान आया। सिंह ने बताया कि इस तरह के प्रदर्शन से पहले उसने नेट पर कम से कम एक लाख गेंदें फेंकी होंगी। अब मुझे महसूस हो रहा है कि हम दोनों ने जिस सपने को संजोया था वह धीरे-धीरे साकार हो रहा है। लोकेंद्र चाहर ने बताया कि अपने करियर के अहम चरणों में उसे चोटें लगीं। चोट का समय भी बेहद महत्वपूर्ण होता है।

स्विंग गेंदबाज दीपक चाहर समझ गए हैं कि उन्हें सीमित ओवरों के क्रिकेट में मौका मिल सकता है और उस समय चीजें बदल गई जब कुछ साल पहले महेंद्र सिंह धौनी ने उन्हें राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स टीम में देखा। उन्होंने कहा कि जब मैंने भारतीय वायुसेना में अपनी नौकरी छोड़ी तो मुझे पता था कि मैं क्या कर रहा था। जब मैंने अपने 12 साल के बेटे को खेलते हुए देखा तो मुझे पता था कि उसमें क्षमता है।

आपको बता दें कि बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी टी 20 मैच में हैट्रिक लेकर दीपक ने सनसनी मचा दी थी। वो भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय टी 20 क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज बने थे। इसके ठीक बाद उन्होंने सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट में विदर्भ के खिलाफ हैट्रिक लेकर सनसनी मचा दी। उन्होँंने तीन दिन के भीतर टी 20 क्रिकेट में दो बार हैट्रिक विकेट लिए। 

 

Posted By: Sanjay Savern

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