नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। क्रिकेट निश्चित रूप से तब से बदल गया है, जब से COVID 19 वायरस प्रकाश में आया है। इस महामारी की वजह से कई टूर्नामेंट और सीरीजों को रद करना पड़ा। यहां तक कि दुर्भाग्य से कुछ टूर्नामेंट और सीरीज बीच में ही बंद करने पड़े। इसका ताजा उदाहरण भारत का इंग्लैंड दौरा है, जहां आखिरी टेस्ट मैच कोरोना के कारण कैंसिल करना पड़ा। हालांकि, इस फैसले से इंग्लैंड के क्रिकेटर खुश नहीं हैं और उन्होंने अभी तक भारत को कोसना जारी रखा है।

भारत ने जैसे ही इंग्लैंड दौरे को कैंसिल करने पर जोर दिया तो क्रिकेट बिरादरी के कई सदस्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर आइपीएल को प्राथमिकता देने के लिए भारतीय टीम की आलोचना कर रहे हैं। हालांकि, इंग्लैंड के अनुभवी तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्राड का इस मामले पर अलग नजरिया है। विराट कोहली की अगुवाइ वाली टीम के प्रति सहानुभूति जताते हुए ब्राड ने कहा कि ये कठिन समय अशांति का कारण बन सकता है। उन्होंने इस साल की शुरुआत में फरवरी में भारत दौरे के दौरान एक सख्त बायो बबल में रहने के अपने अनुभव के बारे में भी बताया।

स्टुअर्ट ब्राड ने डेली मेल को लिखे कालम में कहा, "मैं निश्चित रूप से यह प्रचार नहीं करने जा रहा हूं कि उन्होंने जो किया वह गलत था, क्योंकि मुझे याद है कि मैंने अहमदाबाद में आखिरी टेस्ट मैच के लिए कैसा महसूस किया था। होटल के कमरों मुझे 10 सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया था। हमने अन्य मनुष्यों को नहीं देखा, हमारे परिवारों से हमें दूर रखा गया था, धीमा वाई-फाई था और नेटफ्लिक्स को भी स्ट्रीम नहीं कर सकता था।" उनका मानना है कि जब कोई अकेला होता है तो कम से कम अच्छा इंटरनेट मिलना चाहिए, जिससे कि वे चीजों को आनलाइन एक्सप्लोर कर सके।

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वान ने दावा किया कि टेस्ट इसलिए कैंसिल कर दिया गया था, क्योंकि बीसीसीआइ चाहती था कि उनके खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) 2021 के दूसरे चरण के लिए उपलब्ध हो सकें। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ब्राड ने कहा, "मुझे पता है कि माइकल वान काफी मुखर थे, यह कह रहे थे कि भारत फैसला आइपीएल की वजह से ले रहा था और मैं यह नहीं कह रहा कि इसने अपनी भूमिका नहीं निभाई, लेकिन मैं उन्हें उनकी उड़ानों के इतने करीब से घबराना समझ सकता हूं।"

Edited By: Vikash Gaur