नई दिल्ली [शिवम् अवस्थी] । भारत और द.अफ्रीका के बीच मुंबई में खेले गए वनडे मैच में मेहमान टीम ने 214 रनों से विशाल जीत दर्ज की और पहली बार भारतीय जमीन पर वनडे सीरीज जीतने का करिश्मा कर दिखाया। एक तरफ जहां दक्षिण अफ्रीका अपने हर डिपार्टमेंट के प्रदर्शन से खुश होगी वहीं भारतीय टीम को कई चीजों पर ध्यान देने की जरूरत होगी। इन्हीं में से एक ऐसी चीज भी है जहां भारतीय टीम बार-बार चूक कर रही है और मुंबई वनडे के दौरान इस कमजोरी का खामियाजा काफी महंगे अंदाज में भुगतना पड़ा।

- मुंबई में भारी पड़ी ये कमजोरी:

हम बात कर रहे हैं 'डेथ ओवर्स' यानी अंतिम ओवरों में रन लुटाने की। भारतीय गेंदबाज या फिर इस कमी को सुधार नहीं पा रहे या फिर अब अपनी इस आदत के आगे वे घुटने टेक चुके हैं। मुंबई वनडे के दौरान भारतीय गेंदबाजों ने अंतिम 12 ओवरों में 169 रन लुटा दिए। इन 12 में से दस ओवरों में तो हर ओवर में दस से ज्यादा रन बने। इस दौरान दक्षिण अफ्रीकी धुरंधर इतना खुलकर खेले कि उन्होंने अंतिम 12 ओवरों में 15 छक्के और 8 चौके जड़ डाले। नतीजतन जो स्कोर 300 के करीब सिमटाया जा सकता था उसे खुले तौर पर 400 पार जाने की इजाजत दी गई।

- आखिर कब तक?:

इस सीरीज में सिर्फ अंतिम ओवरों में लचर गेंदबाजी ही नहीं, अंतिम ओवरों में बल्लेबाजी के दौरान भी भारतीय खिलाड़ी फिसड्डी साबित होते नजर आए हैं। ये सिलसिला हर सीरीज के साथ चलता जा रहा है। कोच से लेकर कप्तान तक, सभी हमेशा ये बात करते आए हैं कि भारतीय गेंदबाज डेथ ओवरों यानी अंतिम ओवरों में काफी महंगे साबित हो रहे हैं। पिछले कई महीनों या ये कहें सालों से इस पर चर्चा चलती आ रही है लेकिन कोई समाधान निकलता नहीं दिख रहा। आलम ये है कि मुंबई वनडे के दौरान भुवनेश्वर जैसे हमारे शीर्ष गेंदबाज ने 10 ओवर में 106 रन लुटा डाले जबकि भविष्य की उम्मीद कहे जाने वाले मोहित शर्मा ने 8 ओवर में 84 रन लुटा दिए।

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Posted By: Shivam

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