जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अगले वर्ष 17 जनवरी से नौ फरवरी तक दक्षिण अफ्रीका में होने वाले आइसीसी अंडर19 विश्व कप के लिए बीसीसीआइ ने सोमवार को 15 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। दैनिक जागरण ने पहले ही आपको बता दिया था कि इस टीम के कप्तान उत्तर प्रदेश के प्रियम गर्ग और उपकप्तान ध्रुव चंद जुरेल होंगे। इस युवा टीम में किसी के पिता ड्राइवर हैं, तो किसी की मां कंडक्टर। किसी के पिता कारगिल युद्ध लड़ चुके हैं तो यशस्वी खुद ही गोलगप्पे बेचते थे। इस अनूठी टीम पर खिताब बचाने की जिम्मेदारी होगी। भारतीय टीम इस विश्व कप को सबसे ज्यादा चार बार जीत चुकी है।

2018 में न्यूजीलैंड में हुए विश्व कप में भारतीय टीम ने पृथ्वी शॉ के नेतृत्व में खिताब जीता था। अब प्रियम गर्ग की टीम पर इस खिताब को बरकरार रखने की जिम्मेदारी होगी। भारतीय टीम विश्व कप से पहले ही दक्षिण अफ्रीका पहुंच जाएगी, जहां वह मेजबान टीम के खिलाफ तीन वनडे की सीरीज खेलेगी। इसके बाद भारतीय टीम वहां दक्षिण अफ्रीका जिंबाब्वे और न्यूजीलैंड के साथ चतुष्कोणीय वनडे सीरीज में खेलेगी। इन दोनों सीरीज के लिए हैदराबाद के सीटीएल लक्षण को भी टीम में शामिल किया गया है।

आकाश सिंह

राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले आकाश सिंह बायें हाथ के तेज गेंदबाज हैं और इसी साल श्रीलंका में हुए अंडर-19 एशिया कप में उन्होंने जबरदस्त गेंदबाजी की थी। उनके पिता महाराज सिंह खेती करते हैं और मां घर का कामकाज देखती हैं। आकाश अभी 11वीं कक्षा में पढ़ते हैं। उन्होंने तमिलनाडु के खिलाफ सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के जरिए टी-20 में पदार्पण किया था।

प्रियम गर्ग (कप्तान)

दायें हाथ के बल्लेबाज प्रियम के पिता नरेश साइकिल से दूध बेचकर बेटे के खेल के लिए पैसों की व्यवस्था करते थे। अब वह स्वास्थ्य विभाग में ड्राइवर हैं। प्रियम के नाम पर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में दोहरा शतक और लिस्ट-ए में शतक दर्ज है। गर्ग भारत-सी टीम का भी हिस्सा थे जो पिछले महीने देवधर ट्रॉफी में उपविजेता रही। उन्होंने फाइनल में भारत-बी के खिलाफ 74 रन की पारी खेली। रणजी ट्रॉफी सत्र 2018-19 में गर्ग उत्तर प्रदेश के दूसरे शीर्ष स्कोरर रहे। उन्होंने 67.83 के औसत से 814 रन बनाए जिसमें करियर की सर्वश्रेष्ठ 206 रन की पारी सहित दो शतक शामिल रहे। प्रियम गर्ग मेरठ के रहने वाले हैं। गरीबी की वजह से उनके पिता ने क्रिकेट खेलने से मना किया। इसके बाद उनके मामा ने उन्हें मेरठ के भामाशाह पार्क क्रिकेट अकादमी में कोचिंग दिलाई।

यशस्वी जायसवाल

17 साल के यशस्वी इस साल विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान मुंबई की ओर से खेलते हुए लिस्ट-ए क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बने थे। उन्होंने सत्र में तीन शतक और एक अर्धशतक से 112.80 की औसत से रन बनाए। उन्हें भी बचपन में काफी संघर्षों का सामना करना पड़ा था। उनके पिता भूपेंद्र कुमार उत्तर प्रदेश के भदोही में परचून की छोटी सी दुकान चलाते हैं। यशस्वी एक मैच खेलने के लिए अकेले ही मुंबई पहुंच गए और वहां पर कोच ज्वालार् ंसह ने उन्हें तराशा। इस दौरान यशस्वी को गोलगप्पे बेचकर अपना भरण-पोषण करना पड़ा। तीन साल तक यशस्वी एक टेंट में रहे।

ध्रुव जुरेल (उपकप्तान)

उत्तर प्रदेश के आगरा के रहने वाले धु्रव विकेटकीपर हैं और उनके पिता नेम सिंह 1999 में करगिल युद्ध में लड़ चुके हैं। पिता नेम सिंह सेना में हवलदार के पद से सेवानिवृत हैं। पिता धु्रव को फौजी ही बनाना चाहते थे लेकिन उन्होंने क्रिकेट को चुना। ध्रुव जुरेल वर्तमान में ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहते हैं। उन्होंने इसी साल इंग्लैंड दौरे पर त्रिकोणीय सीरीज में टीम इंडिया को जिताने में अहम रोल निभाया था। साथ ही अंडर-19 एशिया कप के लिए उन्हें कप्तानी दी गई थी। अपनी तैयारियों को पुख्ता करने के लिए धु्रव ने इस वर्ष 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा भी छोड़ दी थी।

अथर्व अंकोलेकर

अथर्व महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और बायें हाथ के स्पिनर हैं। उनकी मां मुंबई में सरकारी बस में कंडक्टर हैं। उन्हीं की कमाई से घर का खर्चा चलता है। अथर्व के पिता विनोद का नौ साल पहले 2010 में निधन हो गया था। इसके बाद मां वैदेही ने ही उन्हें पाला-पोसा। पिछले महीने जब अथर्व को भारतीय टीम में चुना गया था तब उनकी मां के पास करीब 40000 बधाई संदेश आए थे। 18 साल के अथर्व मुंबई के रिजवी कॉलेज में द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। नौ साल पहले एक अभ्यास मैच में उन्होंने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को आउट कर दिया था।

भारत के ग्रुप मुकाबले

  • 19 जनवरी को श्रीलंका से
  • 21 जनवरी को जापान से
  • 24 जनवरी को न्यूजीलैंड से नॉकआउट मुकाबले
  • 28 जनवरी : पहला क्वार्टर फाइनल
  • 29 जनवरी : दूसरा क्वार्टर फाइनल
  • 30 जनवरी : तीसरा क्वार्टर फाइनल
  • 31 जनवरी : चौथा क्वार्टर फाइनल
  • 4 फरवरी : पहला सेमीफाइनल
  • 6 फरवरी : दूसरा सेमीफाइनल
  • 9 फरवरी : फाइनल

16 टीम लेंगी हिस्सा

अंडर-19 विश्व कप के इस 13वें संस्करण में 16 टीमें हिस्सा लेंगी जिन्हें चार ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप में शीर्ष दो टीमें सुपर लीग स्टेज के लिए क्वालीफाई करेंगे। भारतीय टीम को ग्रुप-ए में न्यूजीलैंड, श्रीलंका और जापान के साथ रखा गया है।

भारतीय अंडर-19 टीम

प्रियम गर्ग (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, तिलक वर्मा, दिव्यांश सक्सेना, धु्रव चंद जुरेल (उप-कप्तान/विकेटकीपर), शाश्वत रावत, दिव्यांश जोशी, शुभांग हेगडे़, रवि बिश्नोई, आकाश सिंह, कार्तिक त्यागी, अर्थव अंकोलेकर, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), सुशांत मिश्रा, विद्याधर पाटिल।

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Posted By: Sanjay Pokhriyal

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