नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। इंग्लैंड दौरे पर जिस तरह से टीम इंडिया के कैंप में इतनी सावधानी के बावजूद कोविड-19 महामारी की एंट्री हुई उससे कई सवाल खड़े होते हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि, भारतीय कोच रवि शास्त्री ने अपनी किताब की विमोचन वाले आयोजन में सावधानी नहीं बरती और इसी का नतीजा रहा कि, वो सबसे पहले कोविड पाजिटिव पाए गए और इसके बाद दो अन्य सहायक कोच भी इसकी चपेट में आ गए। पांचवें टेस्ट मैच से ठीक पहले सहायक फिजियो भी पाजिटिव पाए गए और इसके बाद खिलाड़ियों के मन में डर समा गया क्योंकि वो इन खिलाड़ियों के संपर्क में थे। 

बाद में भारतीय खिलाड़ियों ने बोर्ड से साफ कह दिया कि, वो सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं और इसकी वजह से पांचवां टेस्ट कैंसल करना पड़ा। हालांकि ईसीबी चाहती थी कि, उसकी टीम को विजेता घोषित किया जाए, लेकिन बीसीसीआइ ने कहा कि, वो इस मैच को आगे आयोजित करेंगे और तब जाकर ईसीबी ने मैच कैंसल करने पर अपनी हामी भरी। वैसे जब इन खिलाड़ियों का पहला आरटी-पीसीआर टेस्ट मैच से एक दिन पहले किया गया था तब सबकी रिपोर्ट निगेटिव थी जो राहत की बात थी, लेकिन फिर भी रिस्क लेना उचित नहीं समझा गया। 

वहीं अब पीटीआइ के मुताबिक इन खिलाड़ियों की दूसरी आरटी-पीसीआर टेस्ट भी निगेटिव आई है जो कि राहत की बात है। इसकी वजह से सभी भारतीय खिलाड़ी आइपीएल में हिस्सा ले सकते हैं, लेकिन आइपीएल प्रोटोकाल के मुताबिक इन खिलाडियों को यूएई आने के बाद जरूरी छह दिन की क्वारंटाइन पूरी करनी होगी। इसके बाद ये सभी खिलाड़ी अपनी-अपनी टीमों के बायो-बबल में प्रवेश कर सकेंगे। वहीं अगर किसी खिलाड़ी की रिपोर्ट पाजिटिव होती तो उसे 14 दिन की क्वारंटाइन अवधि पूरी करनी होती और उसे कुछ मैचों में वंचित रहना पड़ा सकता था। आपको बता दें कि आइपीएल 2021 के दूसरे हिस्से की शुरुआत 19 सितंबर से होगी और इसका समापन 15 अक्टूबर को होगा। इसके बाद टीम इंडिया के खिलाड़ी यूएई में ही टी20 वर्ल्ड कप 2021 में हिस्सा लेंगे। 

Edited By: Sanjay Savern