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कानपुर, प्रेट्र। टीम इंडिया के पूर्व निदेशक रवि शास्त्री ने लोढ़ा समिति द्वारा प्रस्तावित तीन साल के ‘कूलिंग ऑफ’ (दो बार पद पर आसीन होने के लिए तीन साल का अंतर) के बारे में अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे पूर्व क्रिकेटर बीसीसीआइ प्रशासन से जुड़ने से बचेंगे। शास्त्री को लगता है कि एक प्रशासक को कम से कम छह साल तक काम करने का समय मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘मैं बीसीसीआइ से क्यों जुडूंगा, अगर यह तीन साल तक बाहर रहने का नियम होगा? कोई भी तीन साल में क्या कर पाएगा? अगर मेरे पास कोई रचनात्मक विचार है और जो मैं कर सकता हूं तो आपको कैसे पता कि जो उस पद पर मेरे बाद आएगा, वह उसे करने के लिए इतना योग्य होगा? अगर मैंने कोई बेहतरीन काम किया है तो इसके लिए मेरा सम्मान किया जाना चाहिए। अगर मुझे छह साल का कार्यकाल मिलता है तो इसमें कोई नुकसान नहीं। यहां तक कि भारत के राष्ट्रपति उम्मीदवार को पांच साल दिए जाते हैं।’

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Posted By: Mohit Tanwar

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