नई दिल्ली [जागरण न्यूज नेटवर्क]। संट्टेबाजी-स्पॉट फिक्सिंग में फंसे अपने दामाद गुरुनाथ मयप्पन को बचाने की बदनामी झेल रहे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड [बीसीसीआइ] के अक्खड़-अड़ियल मुखिया एन श्रीनिवासन के सितारे आखिरकार गर्दिश में आ ही गए। इसके संकेत बीसीसीआइ की वर्किग कमेटी की आपात बैठक बुलाने से भी मिले और साथ ही लंबे समय से चुप्पी साधे अरुण जेटली की ओर से इस आशय का बयान देने से भी कि अगले 24 घंटे में कुछ खास होगा। रही-सही कसर आइपीएल आयुक्त राजीव शुक्ला ने इस्तीफा देकर पूरी कर दी। इस सबके बाद यह तय माना जा रहा है कि रविवार को चेन्नई में होने जा रही बैठक में श्रीनिवासन को अपने दामाद से जुड़े मामले की जांच पूरी होने तक क्रिकेट बोर्ड का अध्यक्ष पद छोड़ने का फैसला करना पड़ सकता है।

इस्तीफा देने के बाद राजीव शुक्ला ने कहा कि मैंने आइपीएल अध्यक्ष पद छोड़ने का फैसला किया है। मैं कुछ समय से इस पर विचार कर रहा था। संजय जगदाले और अजय शिर्के ने भारतीय क्रिकेट के हित में पद छोड़ा। मुझे लगता है कि इस्तीफा देने का यह सही समय है। मुझे आइपीएल का अध्यक्ष पद दिया गया था और मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश की। विवादों के बावजूद टूर्नामेंट का आयोजन अच्छा हुआ। स्टेडियम खचाखच भरे थे, जिससे साबित होता है कि आइपीएल अभी भी लोकप्रिय है।

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हालांकि श्रीनिवासन का कार्यकाल इस साल सितंबर तक है, लेकिन तब तक जांच पूरी होने के आसार नहीं हैं और अगर ऐसा होता है तो भी बोर्ड की कमान फिर से उनके हाथ आना मुश्किल है। वैसे हर दिन श्रीहीन हो रहे श्रीनिवासन की अकड़ अभी भी पूरी तौर पर ढीली नहीं पड़ी है। उन्होंने जांच पूरी होने तक बोर्ड अध्यक्ष की कुर्सी छोड़ने के एवज में तीन शर्ते रखी हैं, लेकिन इसके आसार कम हैं कि बोर्ड सदस्य उनकी तीनों शर्ते मान लेंगे। उनकी तीन मांगें यह होंगी कि जांच में पाक साफ साबित होने पर उन्हें दोबारा अध्यक्ष बनाया जाए, आइसीसी की बैठकों में वह भारत का प्रतिनिधित्व करें और सचिव संजय जगदाले और कोषाध्यक्ष अजय शिर्के को नई पैनल में शामिल न किया जाए, जिन्होंने उन्हें धोखा दिया है।

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सूत्रों के अनुसार शुक्रवार शाम बोर्ड उपाध्यक्ष अरुण जेटली और संयुक्त सचिव अनुराग ठाकुर के बीच बैठक हुई। बाद में ठाकुर ने श्रीनिवासन से आपात बैठक बुलाने को कहा था। बीसीसीआइ प्रमुख ने पहले तो 48 घंटे का वक्त मांगा, लेकिन रविवार को चेन्नई में बोर्ड की आपात बैठक बुला ली।

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बैठक के लिए पहले रविवार सुबह 11 बजे का वक्त तय किया गया था, लेकिन अधिक लोग पहुंच सकें इसके लिए बाद में समय आगे बढ़ाकर दोपहर ढाई बजे कर दिया गया। यह बैठक पहले 8 जून को होनी थी।

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रविवार को होने वाली बैठक में सबसे पहले सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। इससे श्रीनिवासन को अपने समर्थन और विरोध का आकलन करने में भी मदद मिलेगी। इसके बाद संभव है कि श्रीनिवासन इस्तीफे का ऐलान कर दें। उनके स्थान पर कार्यवाहक जिम्मेदारी अरुण जेटली को दिए जाने की चर्चा है। हालांकि बताया जाता है कि मौजूदा फिक्सिंग विवाद के बीच जेटली इस जिम्मेदारी को लेने के इच्छुक नहीं है। सूत्र बताते हैं कि बेहद कम वक्त में बुलाई गई इस बैठक में अरुण जेटली, संयुक्त सचिव अनुराग ठाकुर समेत कुछ सदस्य अपनी मौजूदगी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए देंगे। बोर्ड के भीतर अब भी श्रीनिवासन के इस्तीफे को लेकर कुछ उहापोह बरकरार है। बोर्ड के उपाध्यक्ष निरंजन शाह ने इस बाबत पूछे गए सवालों पर कहा कि इस्तीफा श्रीनिवासन और नियमों के बीच का मामला है। अब सब कुछ बीसीसीआइ की बैठक पर निर्भर है।

ससुरजी की शर्ते

1-निर्दोष पाए जाने पर उन्हें फिर से बनाया जाए बोर्ड का मुखिया

2-आइसीसी में प्रतिनिधित्व का अधिकार उन्हें ही मिले

3- जगदाले-शिर्के दोबारा न लौटने पाएं क्रिकेट बोर्ड में

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