नई दिल्ली, जेएनएन। लोढ़ा समिति की सिफारिशें पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीसीसीआइ और उनके राज्य संघों में खलबली मची हुई थी लेकिन लंबे समय से राज्य संघों में जमे हुक्मरानों ने इसका तोड़ निकाल लिया है और बेटा-बेटी व करीबियों के जरिये सत्ता चलाने की तैयारी है।

पदाधिकारियों के लिए अधिकतम 70 साल आयुसीमा और नौ साल के कुल कार्यकाल का प्रतिबंध होने के कारण अब एन. श्रीनिवासन और निरंजन शाह जैसे दिग्गज अपने राज्य संघों में पदासीन नहीं हो सकते लेकिन अब वे अपने बेटे-बेटियों के सहारे दबदबा बरकरार रखना चाहते हैं।

निरंजन के बेटे बने एससीए के अध्यक्ष :

बीसीसीआइ और सौराष्ट्र क्रिकेट संघ (एससीए) के पूर्व सचिव निरंजन शाह के बेटे अब राज्य संघ के नए अध्यक्ष होंगे। चुनाव अधिकारी वारेश सिन्हा ने शनिवार को पांच अधिकारियों सहित 11 सदस्यीय शीर्ष परिषद का एलान किया। जयदेव को जहां अध्यक्ष चुना गया है वहीं दीपक लखानी को उपाध्यक्ष चुना गया है। हिमांशु शाह सचिव, करण शाह को संयुक्त सचिव और श्याम राइचुरा को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जयदेव ने 120 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं और 110 मैचों में सौराष्ट्र की कप्तानी भी की है।

श्रीनि की बेटी व मयप्पन की पत्नी संभालेंगी टीएनसीए :

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तमिलनाडु क्रिकेट संघ (टीएनसीए) के चुनाव कराने के आदेश दिए हैं। टीएनसीए पर दशकों से दबदबा बनाए श्रीनि अब चुनाव नहीं लड़ सकते हैं और इसलिए उनकी बेटी रूपा मयप्पन अब राज्य संघ की कमान संभाल सकती हैं। संघ से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि भले ही रूपा क्रिकेट की राजनीति में नई हैं, लेकिन वह सीमेंट बिजनेस से जुड़ी रही हैं। श्रीनिवासन टीएनसीए के अध्यक्ष के साथ बीसीसीआइ के अध्यक्ष और आइसीसी के चेयरमैन रह चुके हैं। रूपा की शादी गुरुनाथ मयप्पन से हुई है। मयप्पन वहीं शख्स हैं, जिनका नाम आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग में सामने आया था।

गांगुली का निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना तय

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के अध्यक्ष पद के लिए चुना जाना तय है लेकिन वह इस पद पर अगले साल जुलाई तक ही रह पाएंगे। शनिवार को नामांकन दाखिल करने की समय सीमा समाप्त हो गई और गांगुली के पांच सदस्यीय पैनल के खिलाफ कोई चुनौती देने के लिए खड़ा नहीं हुआ। सीएबी बीसीसीआइ के प्रशासकों की समिति (सीओए) के निर्देश के मुताबिक 28 सितंबर को अपनी 85वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के आयोजन के साथ चुनाव कराएगा।

सीएबी के अध्यक्ष के तौर पर यह गांगुली का दूसरा कार्यकाल होगा। वह 2015 में जगमोहन डालमिया के निधन के बाद कैब के अध्यक्ष बने थे जबकि 2014 में वह संयुक्तसचिव नियुक्त हुए थे। पदाधिकारी के तौर पर उनका छह साल का कार्यकाल जुलाई 2020 में खत्म हो जाएगा।

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Posted By: Sanjay Savern

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