अभिषेक त्रिपाठी, नई दिल्ली। पूर्व दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में खेले जाने वाले टी-20 विश्व कप के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कोच बनने के लिए तैयार हो गए हैं। हालांकि वह पहले इस जिम्मेदारी को लेने के लिए तैयार नहीं थे लेकिन बीसीसीआइ के पदाधिकारियों के काफी जोर देने के बाद उन्होंने हामी भर दी। बीसीसीआइ के एक सूत्र ने कहा कि द्रविड़ यूएई गए थे। वहीं पर दो दिन तक बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली, सचिव जय शाह और कोषाध्यक्ष अरुण सिंह धूमल से उनकी चर्चा हुई। शुक्रवार को आइपीएल फाइनल के दिन उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला यूएई पहुंचे तो उनसे भी द्रविड़ की चर्चा हुई। पदाधिकारियों से लंबी चर्चा के बाद द्रविड़ इस पद को लेने के लिए तैयार हुए।

जब इस बारे में टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली से पूछा गया तो उन्होंने कहा नो आइडिया। उन्होंने कहा कि उस मोर्चे पर क्या चल रहा है। इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। उधर बीसीसीआइ सूत्र ने बताया कि द्रविड़ को पहले ही यूएई आमंत्रित किया था। और उनसे लगातार इस मामले के लेकर चर्चा हो रही थी। जब दो महीने पहले उन्हें प्रस्ताव दिया गया था तब उन्होंने मुख्य कोच बनने से मना कर दिया था लेकिन इस बार फिर बोर्ड की तरफ से प्रयास किया गया। जब सूत्र से पूछा गया कि क्या साक्षात्कार हो गया तो उन्होंने कहा कि आप इसे इंटरव्यू ही कह सकते हैं। सभी नजरिये से बात की गई कि आप मुख्य कोच बनेंगे तो नेशनल क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में क्या किया जाए। गेंदबाजी, बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण कोच किसे रखा जाए।

भारत के सबसे महानतम खिलाडि़यों में से एक 48 वर्षीय द्रविड़ पिछले छह वषरें से भारत ए और अंडर-19 टीम के प्रभारी हैं। उनकी देखरेख मे रिषभ पंत, आवेश खान, पृथ्वी शा, हनुमा विहारी और शुभमन गिल जैसे खिलाडि़यों ने जूनियर स्तर से राष्ट्रीय टीम का सफर तय किया है। वह फिलहाल बेंगलुरु स्थित एनसीए के प्रमुख हैं। बीसीसीआइ पदाधिकारी ने कहा कि कुल मिलाकर राहुल 2023 विश्व कप तक भारतीय टीम के कोच बनने को लेकर सहमत हो गए हैं। हालांकि सहयोगी स्टाफ को लेकर अभी सबकुछ फाइनल होना बाकी है। द्रविड़ के भरोसेमंद पारस महांब्रे टीम के गेंदबाजी कोच होंगे। बीसीसीआइ विक्रम राठौर को बल्लेबाजी कोच के रूप में बरकरार रखना चाहता है जबकि द्रविड़ सारा सहयोगी स्टाफ अपना चाहते हैं। इस पर अभी फाइनल मुहर लगना बाकी है। बीसीसीआइ अब भी इस पद के लिए एक विज्ञापन देगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उचित प्रक्रिया का पालन किया गया है।

रवि शास्त्री के कार्यकाल में भारतीय टीम की सफलता को देखने के बाद बीसीसीआइ फिर से भारतीय कोच नियुक्त करना चाहता है लेकिन उस कद के कम ही विकल्प हैं। एक पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज ने पहले ही मौजूदा टीम प्रणाली में कोच बनने से इन्कार कर दिया था क्योंकि विराट कोहली अभी भी टेस्ट और एकदिवसीय कप्तान बने हुए हैं। यह पता चला है कि कुछ पूर्व दिग्गज खिलाड़ी कोहली के नेतृत्व वाली टीम को कोचिंग देने से कतराते थे। उनके पितृत्व अवकाश के दौरान ऑस्ट्रेलिया में भारतीय टीम की शानदार जीत के बाद इस स्थिति में बदलाव हुआ है। शास्त्री को बीसीसीआइ से उनकी सेवाओं के लिए लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये मिलता है। यह समझा जाता है कि बीसीसीआइ द्रविड़ को भी बड़ी राशि की पेशकश कर रहा है, जो उनके एनसीए पारिश्रमिक के साथ-साथ शास्त्री के वर्तमान वेतन से अधिक होगा।

Edited By: Sanjay Savern