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जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अभी 15 अप्रैल की ही तो बात है। भारत की विश्व कप टीम चुनते हुए प्रमुख चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने कहा था कि टीम में नहीं चुने जाने से रिषभ पंत को भविष्य में फायदा ही होगा। ठीक आठ दिन बाद रिषभ का मैदान पर नया अवतार दिखा। आइपीएल में लगातार फेल हो रहे रिषभ के लिए पिछला एक सप्ताह मायूसी से भरा था, लेकिन वो कहावत है ना कि इंसान ठोकर लगने के बाद ही सीखता है, तभी तो सोमवार को पहली बार रिषभ में जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम में भारतीय टीम का एक भावी फिनिशर नजर आया, जो टीम को जीत दिलाकर लौटता है, बिलकुल अपने माही यानी महेंद्र सिंह धौनी की तरह।

टीम इंडिया के चयन में चर्चा का विषय रहे उसी नंबर चार पर खेलकर रिषभ ने 36 गेंद में छह चौके और चार छक्कों की मदद से नाबाद 78 रन की पारी खेलकर ना सिर्फ दिल्ली को छह विकेट से जीत दिलाई, बल्कि अंक तालिका में भी 14 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंचा दिया। राजस्थान रॉयल्स ने अजिंक्य रहाणे की नाबाद 105 रन की शतकीय पारी की बदौलत छह विकेट पर 191 रन बनाए थे। जवाब में दिल्ली ने चार गेंद शेष रहते चार विकेट पर 193 रन बनाकर जीत हासिल की।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स जानती थी कि आइपीएल खिताब के सपने को सच करने के लिए सभी बल्लेबाजों का योगदान देना जरूरी है। पिछले कुछ मैचों में टीम का मध्य क्रम बिखर रहा था, लेकिन शिखर धवन की फॉर्म ने मध्य क्रम के बल्लेबाजों से दबाव कम कर दिया। शिखर ने इस बार भी 27 गेंद में 54 रन बनाकर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई।

कप्तान श्रेयस अय्यर हालांकि चार रन पर पवेलियन लौट गए, लेकिन इसके बाद पृथ्वी शॉ और रिषभ के युवा कंधों पर टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी थी। दोनों ने निराश नहीं किया और तीसरे विकेट के लिए 84 रन की साझेदारी कर डाली। मैच में इस बीच ऐसा भी मौका आया जब 16वें ओवर की आखिरी गेंद पर पृथ्वी शॉ किस्मत से आउट होने से बच गए। तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की गेंद सीधे उनके स्टंप की गिल्लियों से जाकर लगी, गिल्लियों की लाइट जली भी, लेकिन वो नीचे नहीं गिरीं। इसके कुछ देर बाद शॉ 39 गेंद में 42 रन बनाकर आउट हो गए। अंत में रिषभ ने दो छक्के लगाकर दिल्ली को छह विकेट से जीत दिला दी।

इससे पहले, राजस्थान को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए यह मैच जीतना बेहद जरूरी था। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का निर्णय लेकर राजस्थान की राह आसान कर दी। हालांकि, राजस्थान को पहला झटका दूसरे ओवर की पहली ही गेंद पर लग गया, जब सलामी बल्लेबाज रहाणे ने संजू सैमसन (00) को कैगिसो रबादा के हाथों रन आउट करा दिया। इसके बाद रहाणे ने कप्तान स्टीव स्मिथ (50) के साथ मिलकर राजस्थान की पारी को आगे बढ़ाना शुरू किया।

रहाणे जहां चाह रहे थे वहां गेंद को सीमा पार भेज रहे थे। दोनों ने राजस्थान के स्कोर को बड़ी ही आसानी से एक विकेट पर 100 रनों तक पहुंचा दिया। इस बीच रहाणे ने अपना अर्धशतक पूरा किया। 135 के कुल स्कोर पर स्मिथ ने भी अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इसी स्कोर पर वह अक्सर पटेल की गेंद पर आउट होकर चलते बने। स्मिथ ने 32 गेंद की पारी में आठ चौके लगाए।

स्मिथ की जगह बल्लेबाजी करने आए बेन स्टोक्स (08) का खराब प्रदर्शन इस मैच में भी जारी रहा, जो इंग्लैंड के लिए विश्व कप में चिंता का विषय हो सकता है। इसके बाद आए एश्टन टर्नर (00) ने आइपीएल में लगातार तीसरी बार पहली ही गेंद पर अपना विकेट खो दिया। कुल मिलाकर टर्नर टी-20 क्रिकेट में लगातार पांचवीं बार पहली गेंद पर आउट हुए हैं। दूसरे छोर पर खड़े रहाणे ने इसके बाद आइपीएल करियर का दूसरा शतक पूरा किया। इससे पहले उन्होंने 2012 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर के खिलाफ नाबाद 102 रन बनाए थे।

रहाणे ने 63 गेंद की पारी में 11 चौके और तीन छक्के लगाए। उनके अलावा स्टुअर्ट बिन्नी ने 13 गेंद में 19 रन की पारी खेली। दिल्ली की ओर से तेज गेंदबाज रबादा ने सबसे ज्यादा दो विकेट लिए।

 

Posted By: Bhupendra Singh

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