लंदन, रायटर। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज नासिर जमशेद स्पॉट फिक्सिंग के मामले में ब्रिटेन के न्यायालय द्वारा अन्य खिलाडि़यों को प्रलोभन देने के मामले में दोषी पाए गए हैं। उन्होंने अपराध स्वीकार लिया है और उन्हें फरवरी में सजा सुनाई जाएगी।

30 साल के जमशेद को अगस्त 2018 में भ्रष्टाचार रोधी ट्रिब्युनल द्वारा 10 साल के लिए प्रतिबंधित किया गया था। उन पर पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) को हिला देने वाले स्पॉट फिक्सिंग मामले में शामिल होने का आरोप था। गत दिसंबर में उन पर रिश्वत देने का आरोप लगा था। जमशेद ने क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में पाकिस्तान के लिए कुल 68 मैच खेले हैं। जमशेद ने पहले आरोप से इन्कार किया था, लेकिन इंग्लैंड के मैनचेस्टर में सुनवाई के दौरान अपनी याचिका बदल दी। जमशेद को ब्रिटिश नागरिक यूसुफ अनवर (36) और मुहम्मद एजाज (34) के साथ गिरफ्तार किया गया था। यूसुफ और एजाज रिश्वत देने की बात पहले ही मान चुके थे।

सरकारी वकील ने बताया कि एक अंडरकवर पुलिस अधिकारी ने खुद को फिक्सिंग गिरोह का सदस्य बताते हुए इस नेटवर्क में जगह बनाई। उन्होंने 2016 में बांग्लादेश प्रीमियर लीग में फिक्सिंग के प्रयास और फरवरी 2017 में पीएसएल में फिक्सिंग का रहस्योद्घाटन किया। इन टी-20 टूर्नामेंट से जुड़े दोनों ही मामलों में एक ओपनर ने पैसे लेकर एक ओवर की पहली दो गेंद पर रन नहीं बनाने की सहमति दी थी।

बांग्लादेश में पहली दो गेंद पर रन नहीं बनाने की योजना में फिक्सर के निशाने पर जमशेद थे, लेकिन बाद में वह खुद इसमें शामिल हो गए थे। उन्होंने पाकिस्तान सुपर लीग में इस्लामाबाद युनाइटेड और पेशावर जाल्मी के बीच दुबई में नौ फरवरी को खेले गए मैच में अन्य खिलाडि़यों को स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होने के लिए उकसाया था। बाद में इस मामले के सामने आने के बाद इस पर जांच की गई और ये सही पाया गया कि नासिर इसमें शामिल थे। 

 

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