नई दिल्ली, एजेंसी। न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च की अल-नूर मस्जिद में हुई गोलीबारी के दौरान बांग्लादेशी क्रिकेट टीम वहीं मौजूद थी। हालांकि, किसी भी खिलाड़ी के इस घटना में हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इस हमले के बाद पूरे खेल जगत में कोहराम मच गया है। बता दें कि बांग्लादेश क्रिकेट टीम इस वक्त न्यूजीलैंड दौरे पर है। इस शनिवार को दोनों के बीच तीसरा टेस्ट मैच क्राइस्टचर्च में ही खेला जाना था, लेकिन अब यह रद हो गया है।

जानकारी के अनुसार बांग्लादेशी क्रिकेट टीम दौरे के बीच से ही स्वदेश लौट जाएगी। यह पहला ऐसा अवसर नहीं है जब ऐसी घटना हुई हो और इससे खेल प्रभावित हुआ हो। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ घटनाओं के बारे में।

   

पाकिस्तान में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर हमला 
साल 2009 में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पाकिस्तान दौरे पर थी। इस दौरान दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में 1 मार्च से शुरू हुआ। पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। श्रीलंकाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुये पहली पारी में 606 रन बनाये। मैच के दूसरे दिन (2 मार्च) को खेल समाप्त होने तक पाकिस्तान ने 1 विकेट के नुकसान पर 110 रन बना लिये थे।

मैच के तीसरे दिन (3 मार्च) श्रीलंकाई क्रिकेटर्स बस में सवार होकर होटल से लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम जाने के लिए निकले। इसी दौरान रास्ते में करीब 12 आतंकवादियों ने इस बस पर हमला कर दिया। हमले में श्रीलंका टीम के पूर्व खिलाड़ी और कप्तान महेला जयवर्धने, उपकप्तान कुमार संगाकारा समेत 6 प्लेयर्स को चोट आई थी। 

टीम के साथ मौजूद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए आतंकवादियों को जबाब दिया। हमलावरों ने टीम की बस पर रॉकेट लॉन्चर भी दागा, लेकिन श्रीलंकाई क्रिकेटर्स की किस्मत अच्छी थी और ये निशाना चूक गया। जैसे-तैसे बचते-बचाते श्रीलंकाई टीम स्टेडियम पंहुची। हमले के बाद श्रीलंका सरकार ने तुरंत अपनी क्रिकेट टीम का पाकिस्तान दौरा रद् कर टीम को वापस बुला लिया। श्रीलंकाई खिलाड़ियों को स्टेडियम से हेलीकॉप्टर द्वारा  एयरपोर्ट पहुंचाया गया। इस आतंकवादी हमले में पाकिस्तान पुलिस के 6 जवान समेत 8 लोगों की मौत हुई थी।

बता दें कि इस हमले के बाद से पाकिस्तानी धरती पर कोई भी अंताराष्ट्रीय मैच नहीं  खेला गया है। सुरक्षा कारणों की वजह से सभी देश वहां क्रिकेट खेलने से कतराते रहे हैं। हालांकि, 2015 में जिम्बाब्वे की टीम ने पाकिस्तान का दौरा करके वंहा फिर से अंताराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरूआत की थी, लेकिन फिर भी ज्यादातर देश पाकिस्तान का दौरा करने से बचते रहते हैं।

1972 की म्यूनिख ओलंपिक में इस्राइली खिलाड़ियों पर हमला
1972 की म्यूनिख ओलंपिक में 8 फिलिस्तीनियों आतंकियों ने हमला किया था। हमले में दो इस्राइली खिलाड़ियों की मौत हुई थी और 9 खिलाड़ियों को कैद कर लिया गया था। सभी 9 खिलाड़ियों को बाद में मार दिया गया।

1936 के बर्लिन ओलंपिक के बाद, सितंबर 1972 में पहली बार जर्मनी में ओलंपिक का आयोजन होना था। इस्राइली के खिलाड़ी अपने देश के हालात से काफी चिंतित थे। ओलंपिक का पहला दिन शांति से निकल गया। 4 सितंबर की रात को इजराइल के खिलाड़ी अपने-अपने कमरों में गए। सुबह के करीब 4 बजे फिलिस्तीन के 8 आतंकियों ने ओलंपिक खेल गांव के 6 फुट की दीवार फांद कर इस्राइली खिलाड़ियों पर हमला कर दिया।

हमलावर सीधा उस बिल्डिंग में घुसे जहां इस्राइली खिलाड़ी मौजूद थे और खिलाड़ियों पर हमला कर दिया। उन्होंने खुद को बचाने की कोशिश की, मगर दो खिलाड़ी इस दौरान मारे गए। दो खिलाड़ी बच निकलने में कामयाब हुए और 9 खिलाड़ियों को बंदी बना लिया गया।

26/11 अटैक के बाद इंग्लैंड टीम वापस स्वदेश लौटी 
26/11 अटैक के दौरान इंग्लैंड टीम दौरे पर थी। इस हमले के दौरान इंग्लैंड की टीम बेंगलुरु के एक होटल में ठहरी थी। इंग्लैंड के सभी खिलाड़ी सकते में थे। दो हफ्ते पहले वे लोग उसी ताज होटल में ठहरे थे, जहां आतंकी हमला हुआ था। इसके बाद वे स्वदेश लौट गए।  इस हमले के चलते दो मैच रद हुए थे। इनमें से एक मैच गुवहाटी और एक मैच कोटला में था।

1987 न्यूजीलैंड का श्रीलंका दौरा
साल 1987 में न्यूजीलैंड की टीम श्रीलंका दौरे पर आई थी। यह तीन टेस्ट का दौरा होना था, लेकिन न्यूजीलैंड टीम पहले मैच के बाद वापस चली गई।  इस दैरान अलगाववादियों कोलंबो में टीम होटल के पास एक बम विस्फोट को अंजाम दिया था। इसमें 113 नागरिक मारे गए थे।

2002  न्यूजीलैंड का पाकिस्तान दौरा
न्यूजीलैंड की क्रिकेट टीम 2002 में पाकिस्तान का दौरा कर रही थी। इस दौरान उनके होटल के बाहर एक बम विस्फोट हुआ। इसमें 12 लोग मारे गए थे। इसके बाद कीवी बोर्ड ने टीम को वापस बुलाने का फैसला किया। इससे एक साल पहले, अमेरिका में 11 सितंबर को हुए आतंकी हमले (9/11) के दौरान न्यूजीलैंड टीम पाकिस्तान जाने वाली थी, लेकिन इस हमले के बाद न्यूजीलैंड टीम दौरे पर नहीं गई।

2010 अफ्रीकन नेशन कप फुटबॉल टूर्नामेंट

टोगो की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम अफ्रीकन नेशन कप फुटबॉल टूर्नामेंट के लिए कैबिन्दा के अंगोलन प्रांत से होकर गुजर रही थी। इस दौरान अलगाववादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इस गोलीबारी के चपेट में टीम बस आ गई। हमले में टीम के सहायक प्रबंधक और मीडिया अधिकारी मारे गए। 

Posted By: Tanisk

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