नई दिल्ली, पीटीआइ। यौन शोषण के प्रति अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) ने अहम कदम उठाने का फैसला किया है। शनिवार को आइसीसी ने कहा कि क्रिकेटरों के मैदान के अंदर और बाहर के स्वभाव को सुधारने का फैसला किया। यौन शोषण और बच्चों को धमकी देने के मामलों को आइसीसी ने अपने दिशानिर्देशों में शामिल किया है।

दुनिया भर में मी टू अभियान के चलते यौन शोषण आइसीसी की सिंगापुर में हुई तीन दिवसीय बैठक का अहम मुद्दा रहा। आइसीसी ने यहां यौन शोषण के मामलों से बचने के लिए नई नीति बनाई। यह नीति खिलाड़ियों के मैदान के बाहर के व्यवहार, आइसीसी इवेंट के लिए और लोकल आयोजन समिति के लिए यह नीति है। आइसीसी के सीइओ डेव रिचर्डसन ने कहा कि बोर्ड और समिति क्रिकेट को सुरक्षित और सभी के लिए सुरक्षित जगह बनाना चाहती है। अब चाहे वह खेल रहे हों, अधिकारी हो या किसी समिति के सदस्य। यह समिति शोषण, टूर्नामेंट अधिकारियों के साथ र्दुव्‍यव्हार और आयोजन स्थल पर र्दुव्‍यव्हार को देखेगी। भारत में भी बीसीसीआइ के सीईओ राहुल जौहरी यौन शोषण मामले में फंसे हैं।

कम दर्शक चिंता का विषय 

आइसीसी के लिए दुनिया भर में द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज के लिए कम होते दर्शक चिंता का कारण बन गए हैं और विश्व संस्था ने अपने सदस्यों को सलाह दी की कि उन्हें लंबे समय तक बने रहने के लिए अपने बजट में और अधिक समझदार होना होगा। द्विपक्षीय सीरीज (टेस्ट, वनडे, टी-20) के दौरान मेहमान टीम बड़े दल के साथ यात्र करती है जिससे समझौते पत्र के अनुसार उनका सारा खर्चा मेजबान संघ द्वारा उठाया जाता है।

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Posted By: Pradeep Sehgal

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