नई दिल्ली, जेएनएन। वर्ल्ड कप 2019 के फाइनल मुकाबले को शायद ही कभी भूला जा सकता है। खास तौर पर मैच के आखिरी पलों में मार्टिन गप्टिल के थ्रो पर गेंद बेन स्टोक्स के बल्ले से लगकर बाउंड्री के बाहर चला गया। इस गेंद पर इंग्लैंड को कुल 6 रन मिले थे और इस पर बड़ा विवाद हुआ था। मैच के बाद इस पर काफी बहस भी हुई कि इंग्लैंड को छह रन मिलने चाहिए थे या नहीं। खैर फाइनल में जो भी हुआ वो इतिहास बन चुका है पर अब ओवर थ्रो के नियम में बदलाव किया जा सकता है। एमसीसी अपनी अगली बैठक में ओवर थ्रो के नियम में सुधार कर सकती है। आपको बता दें कि इससे पहले भी आईसीसी ने दो नियमों में बदलाव किए थे। 

आईसीसी के नियम 19.8 के मुताबिक अगर ओवर थ्रो पर गेंद बाउंड्री के बाहर चली जाती है तो उसमेें बल्लेबाजों द्वारा पूरे किए गए रन भी जुड़ते हैं। अगर बल्लेबाजों ने थ्रो करने से पहले एक-दूसरे को क्रॉस कर लिया है तो ओवर थ्रो में वह रन भी जोड़ा जाता है। अगर फील्डर के थ्रो फेंकने से पहले बल्लेबाजों ने एक-दूसरे को क्रॉस नहीं किया हो तो वह रन नहीं जोड़ा जाएगा। विश्व कप के फाइनल में भी कुछ ऐसा ही हुआ था। इस मुकाबले के बाद आईसीसी एलीट पैनल के पूर्व अंपायर साइमन टफेल ने भी इंग्लैंड को दिए गए छह रन पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि नियम के मुताबिक इंग्लैंड को 5 रन ही मिलने चाहिए थे। इसकी वजह ये थी कि जब गप्टिल ने थ्रो किया था तब दोनों बल्लेबाज दूसरे रन के लिए निकले तो थे पर एक-दूसरे को क्रॉस नहीं कर पाए थे। ऐसे में ओवर थ्रो को मिलाकर छह की जगह पांच रन ही मिलने चाहिए थे। 

वहीं इंग्लैंड क्रिकेट टीम के सीनियर गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने कहा था कि बेन स्टोक्स ने ओवरथ्रो पर मिले चार रन को हटाने को अंपायर से कहा था, लेकिन नियम की वजह से ऐसा नहीं हो पाया था। वहीं बेन स्टोक्स ने उस घटना को लेकर न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन के माफी भी मांगी थी। अब एमसीसी अपनी अगली बैठक में इस नियम को लेकर चर्चा कर सकती है और शायद इसमें बदलाव भी देखने को मिले। 

Posted By: Sanjay Savern

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